रविवार, 1 दिसंबर 2013

अद्वितीय लेखनी के लिए सम्मानित हुए मनोज , भोपाल

देश व प्रदेश में रियल स्टेट की प्रमुख संस्था के्रडाई के उपाध्यक्ष एवं शुभालय होम्स के चेयरमैन मनोज सिंह ‘मीक’ को अद्वितीय लेखनी के लिए राष्ट्रीय संस्कृति भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राजधानी की अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन संस्था ने रविवार को प्रदान किया। 
मनोज मीक को यह यह अवार्ड 2011-12 प्रकाशित किताब ‘सुख, संपत्ति घर आवे’ में अपनी कलात्मक लेखनी के लिए दिया गया है। यह पुस्तक बेस्ट सेलर भी रही। बीते एक दशक में शहरी विकास एवं रियल एस्टेट कारोबार का जैसा विस्तार हुआ है और आम लोगों का रुझान प्रॉपर्टी खरीदने तथा निवेश की ओर बढ़ा है। इसको लेकर आम आदमी की भाषा में मनोज ने बखूबी इसे पिरोया है। मनोज खुद ही रियल स्टेट को बहुत करीब से समझते हैं, जिसके अनुभव पुस्तक की कढ़ियों में देखने को मिलते हैं। इसके अलावा वे प्रदेश के प्रमुख समाचार-पत्रों में नियमित रियल स्टेट करोबार को लेकर लिखते रहे हैं। साथ ही एक विशेषज्ञ के तौर पर सुझाव भी दिए हैं। उनकी किताब में शहरी विकास से संबंधित रणनीतियों से लेकर सरकारी नियम-नीतियों, तमाम पहलुओं का सिलसिलेवार परिचय कराती है।

-...और इन्हें भी नवाजा 
श्री मीक के साथ विद्यासागर जोशी, डॉ. एमएल नरसिंह राव, डॉ. नवनीत बनर्जी, डॉ. हेमराज पांडेय, प्रो. हैरम्य चतुवेर्दी, शशांक, डॉ. लक्ष्मण शर्मा को भी संस्कृति भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। सरस्वती सम्मान से सुरेश विजयवर्गीय, डॉ. गंगा प्रसाद गुप्त और भारत भाषा भूषण अवार्ड से डॉ. लक्ष्मीनारायण गुप्त, श्याम बिहारी सक्सेना, डॉ. शशि नायक, डॉ. राम वल्लभ आचार्य, एन गोपाल कृष्ण, केताबरापू राजश्री, डॉ. किश्वर जवी नसरीन को भी सम्मानित किया गया। इसी के साथ नवीन चतुर्वेदी, डॉ. विमल कुमार शर्मा, गुरुजादा विजयश्री, आचार्य के सत्यमूर्ति, डॉ. शबनम हमीद और अशोक कुमार रे को साहित्यश्री से नवाजा गया।  



शाम को निकलेगी मशाल रैली , भोपाल

इस 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी के 29 साल पूरे हो जाएंगे। लेकिन स्थिति में कोई खास परिवर्तन नहीं आया है। गैस पीड़ितों की आवाज बुलंद करने सोमवार को फिर शहर के सभी गैस पीड़ित संगठन एकत्र होंगे। 
सोमवार दोपहर यादगारे शाहजहांनी पार्क में गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन की सभा आयोजित की गई है। यह सभा संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार के नेतृत्व में होगी। वहीं शाम 6 बजे यहीं से मशाल रैली निकाली जाएगी। इसी प्रकार डीआईजी बंगला चौराहे से भी एक विशाल रैली निकाली जाएगी। यह रैली गैस पीड़ित संघर्ष आयोग समिति की अध्यक्ष साधाना कारणिक के नेतृत्व में निकाली जाएगी। इस दौरान गैस पीड़ित व पीड़ित लोग यहां एकत्र हो त्रासदी में मारे गए लोगों को श्रृद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

सुधीर शर्मा की तलाश में टीमें रवाना

इंदौर और झाबुआ भेजी गई एसटीएफ की दो टीमें
प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल
व्यावसायिक परीक्षा मंडल के फर्जीवाड़ा में नाम सामने आने के बाद व्यवसायी एवं भाजपा नेता सुधीर शर्मा भूमिगत हो गए हैं। नोटिस जारी होने के बाद एसटीएफ अफसरों को बयान देने नहीं आने के बाद अब उनकी तलाश शुरू हो गई है। दो टीमें इंदौर और झाबुआ भेजी गई है।
उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि सुधीर शर्मा से पूछताछ के बाद व्यापमं की भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के नए खुलासे हो सकते हैं।   उनके कई खास लोगों के इस फर्जीवाड़े में शामिल होने की जानकारी मिल सकती है, जिन्होंने भ्रष्टाचार के माध्यम से विभिन्न परीक्षाओं में अ यथिर्यों का चयन कराया है। फिलहाल एसटीएफ को इस मामले में सुधीर शर्मा का इंतजार है। सुधीर शर्मा का नाम सामने आने के बाद से खासा हड़कंप मचा है। व्यापमं के तत्कालीन नियंत्रक डॉ. पंकज त्रिवेदी एवं सीनियर सिस्टम एनालिस्ट नितिन महेन्द्रा से पूछताछ के बाद इस फर्जीवाड़ा में सुधीर शर्मा का नाम सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि जिन 143 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है, उनसे पूछताछ में व्यापमं फर्जीवाड़ा में सुधीर शर्मा तथा अन्य लोगों के बारे में नई जानकारी मिल सकती है। हालांकि इसमें अभी समय लगेगा। इधर तीन दिन पहले एसटीएफ ने सुधीर शर्मा को नोटिस जारी कर एसटीएफ कार्यालय बुलाया था, लेकिन वे बयान देने नहीं आए। दो दिन इंतजार के बाद रविवार से एसटीएफ ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। उनकी तलाश में पाटिर्यां भी भेजी गई हैं।
इनका कहना है कि
नोटिस जारी करने के बाद सुधीर शर्मा बयान देने एसटीएफ कार्यालय नहीं आए। उनकी तलाश में इंदौर और झाबुआ दो पाटिर्यां भेजी गई है। सुधीर शर्मा के बयान के बाद इस मामले में और जानकारी मिल सकती है।
सुधीर शाही, एडीजी, एसएएफ 

सस्ता अनाज: काम पूरा, स्कू्रटनी शुरू, दिक्कतें बरकरार

-खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के तहत 98 प्रतिशत हुआ कार्य 
भोपाल। 
खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के तहत गरीबों को सस्ता अनाज देने का काम लगभग पूरा हो चुका है। एपीएल परिवारों का अपडेशन छोड़ दें तो 98 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। स्कू्रटनी शुरू हो गई है, लेकिन दिक्कतें बरकरार हैं। 
दिक्कतें यह कि स्कू्रटनी में ऐसे परिवार सामने आ सकते हैं, जिनके नाम दो नहीं, बल्कि तीन-तीन राशन कार्ड में दर्ज हैं। ऐसा पूर्व में सामने आ चुका है। ऐसी अधिकांश संभावना नगर निगम सीमा क्षेत्र में गरीबी रेखा की पात्रता रखने वाले परिवारों की हो सकती है। शहरी सीमा में ऐसे कुछ घर पूर्व में हुई जांच में सामने आ चुके हैं, जहां दो से तीन राशनकार्ड मिले थे। इनमें पति और पत्नी दोनों ने अपने-अपने नाम से अलग-अलग राशनकार्ड बनवा रखे थे। इन दोनों ही कार्ड में बच्चों के नाम एक जैसे ही थे। इन्हें बाद में रद्द करने की कार्रवाई की गई। 

-फिर हटेंगे नाम 
खाद्य विभाग की मानें तो स्क्रूटनी में ऐसे नाम सामने आए जहां नाम अथवा घर के पते डबल हैं। उनकी जांच कर हटाया जाएगा। पहले गलत नंबर वालों तलाशा जाएगा। इसी के साथ स्कूल के बच्चों के नाम पिता के राशनकार्ड में दर्ज करने, घरेलू हाथ ठेला , कामकाजी व्यवसायी सहित चिहिन्त की 16 प्रकार की कैटेगिरी के लोगों के नाम भी पात्रता प्राप्त परिवारों में दर्ज करने की कार्रवाई स्कू्रटनी में शामिल की गई है। 

-15 तक होंगे सब काम 
राजधानी भोपाल पात्रता वाले परिवारों के अपडेटशन व आॅनलाइन काम करने में 10वें स्थान पर है। इससे पहले भोपाल प्रदेश में 38वें नंबर पर था। खाद्य विभाग के खाद्य आपूर्ति अधिकारी विवेक सक्सेना के अनुसार खाद्य सुरक्षा अध्यादेश का काम अंतिम चरण में है। 15 दिसंबर तक सभी काम पूरे हो जाएंगे। 

-वर्तमान स्थिति 
खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के तहत परिवारों के नाम अपडेट व आॅनलाइन करने के लिए जिले को पांच जोन में बांटा गया है। पहला नगर निगम, दूसरा जनपद पंचायत बैरसिया, तीसरा जनपद पंचायत फंदा ग्रामीण, चौथा नगर पालिका कोलार व पांचवा नगर परिषद बैरसिया है। नगर निगम को छोड़कर अन्य चार जोनों का काम पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा जो परिवार बचे हैं। वह एपीएल हैं। इनका अपडेशन तभी होगा, जब 16 प्रकार की कैटेगिरी की लोगों के नाम सूची में अपडेट नहीं हो जाते। इसके बाद इन परिवारों के नाम जोड़ा जाएगा। 
 
-यह है स्थिति 
क्षेत्र             परिवार             अपडेशन 
नगर निगम         5,35,720         2,88,253 
पंचायत बैरसिया         50212             50212 
जनपद पंचायत फंदा ग्रामीण     45401             44646 
नगर पालिका कोलार         20704             20702 
नगर परिषद बैरसिया         7074             7069 

राष्ट्रीय संस्कृति भूषण से सम्मानित हुए मनोज , भोपाल

देश व प्रदेश में रियल स्टेट की प्रमुख संस्था के्रडाई के उपाध्यक्ष एवं शुभालय होम्स के चेयरमैन मनोज सिंह ‘मीक’ को अद्वितीय लेखनी के लिए राष्ट्रीय संस्कृति भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राजधानी की अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन संस्था ने रविवार को प्रदान किया। 
मनोज मीक को यह यह अवार्ड 2011-12 प्रकाशित किताब ‘सुख, संपत्ति घर आवे’ में अपनी कलात्मक लेखनी के लिए दिया गया है। यह पुस्तक बेस्ट सेलर भी रही। बीते एक दशक में शहरी विकास एवं रियल एस्टेट कारोबार का जैसा विस्तार हुआ है और आम लोगों का रुझान प्रॉपर्टी खरीदने तथा निवेश की ओर बढ़ा है। इसको लेकर आम आदमी की भाषा में मनोज ने बखूबी इसे पिरोया है। मनोज खुद ही रियल स्टेट को बहुत करीब से समझते हैं, जिसके अनुभव पुस्तक की कढ़ियों में देखने को मिलते हैं। इसके अलावा वे प्रदेश के प्रमुख समाचार-पत्रों में नियमित रियल स्टेट करोबार को लेकर लिखते रहे हैं। साथ ही एक विशेषज्ञ के तौर पर सुझाव भी दिए हैं। उनकी किताब में शहरी विकास से संबंधित रणनीतियों से लेकर सरकारी नियम-नीतियों, तमाम पहलुओं का सिलसिलेवार परिचय कराती है। 

-...और इन्हें भी नवाजा 
श्री मीक के साथ विद्यासागर जोशी, डॉ. एमएल नरसिंह राव, डॉ. नवनीत बनर्जी, डॉ. हेमराज पांडेय, प्रो. हैरम्य चतुवेर्दी, शशांक, डॉ. लक्ष्मण शर्मा को भी संस्कृति भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। सरस्वती सम्मान से सुरेश विजयवर्गीय, डॉ. गंगा प्रसाद गुप्त और भारत भाषा भूषण अवार्ड से डॉ. लक्ष्मीनारायण गुप्त, श्याम बिहारी सक्सेना, डॉ. शशि नायक, डॉ. राम वल्लभ आचार्य, एन गोपाल कृष्ण, केताबरापू राजश्री, डॉ. किश्वर जवी नसरीन को भी सम्मानित किया गया। इसी के साथ नवीन चतुर्वेदी, डॉ. विमल कुमार शर्मा, गुरुजादा विजयश्री, आचार्य के सत्यमूर्ति, डॉ. शबनम हमीद और अशोक कुमार रे को साहित्यश्री से नवाजा गया। 

सेवा का सौदा: दो दर्जन कर्मचारियों ने छोड़ा 108 का ‘स्टेरिंग’

-108 सेवा के हेड देवेंद्र सिंह के पास कोई जवाब नहीं 
-सांची के गांवों में करा रहे थे कांग्रेस प्रत्याशी का प्रचार 

भोपाल। 
आकस्मिक सेवा 108 एंबुलेंस के देवेंद्र सिंह (हेड, मप्र 108 सेवा) की तानाशाही की वजह से दो दर्जन कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी थी। इसमें अधिकारी स्तर के व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्होंने संभाग स्तर पर 108 एंबुलेंस सेवा को शुरू किया था। 
इस बात खुलासा दबंग की पड़ताल में होता है। अधिकारी स्तर के व्यक्तियों को उच्च या समान स्तर पर मौका मिला तो उन्होंने अन्य स्थान पर ज्वॉइन कर लिया। हालांकि वाहन चालक व परिचालक अब भी खाली बैठे हुए हैं। 108 सेवा में लंबे समय से जुड़े रहे एक महिला व पुरुष अधिकारी ने नाम न देने की शर्त पर बताया, जमीनी स्तर पर देवेंद्र सिंह का रवैया उदासी पूर्ण ही है। उन्होंने कई कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने को मजबूर किया। देवेंद्र का अपने स्टॉफ से काम लेने के तरीका अगल है, जिसके चलते लोगों को उनके अनुरूप काम करने में दिक्कतें आती है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 15 नवंबर को रायसेन जिले के सांची विधानसभा क्र.-142 से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. प्रभुराम चौधरी का गांव-गांव चुनाव प्रचार करना का मामला सामने आया था। सांची के कोतवाली थाना पुलिस ने चुनाव प्रचार कर रही इन गाड़ियों को पकड़ा था। हालांकि मामला हाईप्रोफाइल होने चलते रफादफा कर दिया गया। 

-गौरी ने कहा प्रभु आयोग को जवाब दें 
इधर सांची के विधानसभा क्रमांक-142 से भाजपा के प्रत्याशी गौरी शंकर शेजवार ने कहा, मुझे आपके अखबार के जरिए बता चला कि प्रभुराम चौधरी का 108 एंबुलेंस सेवा से चुनाव प्रचार कराया जा रहा था। मुझे इस बारे मैं कुछ नहीं कहना है, हां! चौधरी साहब समझदार हैं, उन्हें आयोग को स्पष्टिकर देना चाहिए। वाकेई मामले में कितनी सत्यता है इसकी जांच निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए। 

-वीडियो करता है खुलासा 
दबंग के हाथ लगे वीडियो में 108 एंबुलेंस का वाहन चालक स्पष्ट रूप से कह रहा है कि देवेंद्र सिंह उनसे प्रचार-प्रसार करा रहे हैं। यह सब गांव-गांव में शासन की तरफ से नि:शुल्क बांटी जा रहीं आयरन की गोलियों के बहाने कराया जा रहा है। वीडियो में वाहन चालक कह रहा है, देवेंद्र कहते हैं यदि तुम प्रचार नहीं करोगे तो वेतन नहीं दिया जाएगा। यह तो करना पड़ेगा। गाड़ियों पर सांची विधानसभा क्र-142 से कांग्रेस के प्रत्याशी प्रभुराम चौधरी का बैनर लगाकर प्रचार कराया जा रहा था। 

-आरोप निराधार 
सारे आरोप निराधार हैं। किसी को समस्या है तो वह खुलकर सामने आएं और अपना पक्ष रखें। यह केवल 108 एंबुलेंस सेवा को बदनाम करने की साजिश है। 
देवेन्द्र सिंह, हेड, 108 सेवा एंबुलेंस सेवा, मप्र

शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

सेवा का सौदा:

देवेंद्र को बचाने सीबीआई अफसर बन कर्मचारियों को घेरा 
-घेरा नील और पिल्लई ने 4 घंटे बंदक बनाया ड्रायवर-सुपरवाइजर को 
-मामला 108 एंबुलेंस से सांची में कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार करने का 
हेमन्त पटेल, 7869301887.
भोपाल। 
आकस्मिक सेवा 108 एंबुलेंस के हेड देवेंद्र सिंह खुद को बचाने नए-नए पैतरे आजमा रहे हैं। गुरुवार को 108 सेवा में एचआर हेड प्रवीण शिंदे, प्रोग्राम मैनेजर रवि नील और अरुण पिल्लई ने खुद को सीबीआई अफसर बताकर चार कर्मचारियों को ईदगाह हिल्स स्थित 108 के मुख्यालय 4 घंटे तक कमरे बंदी बनाए रखा। मीडिया में खबर लीक होने और मौके पर पुलिस को देख प्रबंधन ने आनन-फानन में पिछले दरवाजे से सभी को निकाल दिया। 
दरअसल, पूरा मामला 108 एंबुलेंस के जरिए सांची विधानसभा क्रमांक-142 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रभुराम चौधरी के प्रचार-प्रसार करने का है। इससे पहले ही चुनाव आयोग संज्ञान में ले चुका है। साथ ही 108 एंबुलेंस हैदराबाद प्रबंधन ने भी इसे जांच में लिया हुआ है। अब हेड देवेंद्र सिंह इसमें खुद को बुरी तरह फंसते देख दोषारोपण मध्यम व अति निचले स्तर के कर्मचारियों पर करने में जुते हुए हैं। 

-अपने सिर लो आरोप 
देवेंद्र को मामले में सेफ बचाने बुधवार को छिंदवाड़ा के तहसील अमरवाड़ा से एक कर्मचारी नीतेश और सुपर वाइजर नईम शेख को भोपाल 108 के मुख्यालय लाया गया। यहां गुरुवार सुबह 11 बजे से इन्हें बैठाया गया था। इसके बाद दबाव डाला जा रहा था कि प्रचार-प्रसार का काम (नईम, नीतेश वे दो अन्य) तुमने कराया है, जिसे अपने सिर ले लो। इनमें से दो को यह डर भी दिखा गया कि आरोप अपने ऊपर नहीं लिए तो नौकरी से निकाल दिया जाएगा। नाम न देने की शर्त 108 मुख्यालय के एक कर्मचारी ने बताया कि प्रवीण शिंदे अपने को सीबीआई एसपी और अरुण पिल्लई सीबीआई का इंस्पेक्टर बता इन पर दबाव डाल रहे थे। वहीं रवि नील भी सीबीआई का इंस्पेक्टर बता चारों से पूछताछ में जुटे हुए थे। 

-ऐसे की पूरी प्लॉनिंग 
पुष्ट सूत्रों की मानें तो बीते दिनों 108 एंबुलेंस प्रबंधन से जुड़े यह तीनों अफसर छिंदवाड़ा गए थे। इसके लिए पूर्व में प्लॉनिंग कर ली गई थी कि यहां की दो 108 एंबुलेंस गाड़ियों से कांग्रेस प्रत्याशी का चुनाव प्रचार होना बताया जाएगा। इसके लिए दो गाड़ियों में स्क्रेच के निशान लगाए गए। छिंदवाड़ा के तहसील अमरवाड़ा में इन गाड़ियों की लोकेशन बताने यहां के थाना प्रभारी सुशील श्रीवास्तव से बात की गई। सुशील को इन्होंने प्रचार कराए जा रहे वाहनों के फोटो दिखाए और कहां इन्हें अपने लोकेशन में बताएं। श्री श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि गाड़ी में स्क्रेच किसी घटना से भी आ सकते हैं। आप विधिवत आवेदन दें, इसकी जांच की जाएगी। प्रथम तस्दीक में तो ऐसा प्रतीत नहीं होता कि यहां 108 से चुनाव प्रचार किया गया। इसके बाद श्री श्रीवास्तव ने इन्हें जाने को कह दिया। 

-यहां की बताना चाहते थे लोकेशन 
कुछ दिन पहले थाने में 108 प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग आए थे। उन्होंने गाड़ियों की लोकेशन अमरवाड़ा में दिखाने संबंधित बात की। हमने स्पष्ट कहा, आप विधिवत आवेदन दें, तस्दीक में सहयोग करें। साथ ही प्रचार-प्रसार किस तारीख से किस तारीख के बीच किया गया इसका भी विवरण दें, ताकि हकीकत सामने आए। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और वे बाहर के बाहर चले गए। 
सुशील श्रीवास्तव, थाना प्रभारी, अमरवाड़ा