शनिवार, 2 मार्च 2013

८८ शराब दुकान यथावत, 2 की होगी नीलामी

-इस बार राज्य शासन के खाते में आए 327 करोड़
-नीलामी 7 मार्च को 
भोपाल।
राज्य शासन ने शराब ठेकों में बढ़ोत्तरी या कमी नहीं की है, लेकिन जिले की ९० शराब दुकानों में से अब ८८ ही यथावत रहेंगी। दो ने पुन: अनुमति के लिए आवेदन नहीं दिया, जिसके चलते अब इनकी ७ मार्च को निलामी होगी। 
सरकार ने चालू वर्ष 2013-14 के लिए ठेका कीमत में 20 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। इसी आधार पर आबकारी विभाग ने ठेका कर रहा है। जिले के इन ठेकों से विभाग 327 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में देशी शराब की 46 और विदेशी शराब की 44 दुकानें हैं। पहले आबकारी विभाग वर्तमान में दुकानों का संचालन कर रहे ठेकेदारों को ही 20 प्रतिशत राशि बढ़ा कर ठेका लेने का ऑफर देता है। इस प्रक्रिया में करीब 88 ठेकेदारों ने हिस्सा लिया। दो दुकानें दुकानें काछीपुरा और ऐशबाग ठेके पर नहीं गईं। आबकारी उपायुक्त एनके चौबे ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में 333 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। यह लगभग पूरा हो चुका है। अब तक 327 करोड़ रुपए  प्राप्त हो चुके हैं। यह राशि वित्तीय वर्ष 2012-13 से करीब 53 करोड़ रुपए अधिक है। शासन के खाते में 2012-13 में करीब 286 करोड़ रुपए जमा हुए। 

भांग में 10 प्रतिशत बढ़त 
शहर में चल रही भांग की दुकाने 5 मार्च को निलाम होंगी। श्री चौबे ने बताया, बीते वित्तीय वर्ष में इन दुकानों से करीब 65 लाख रुपए राजस्व मिला था। वित्तीय वर्ष 2013-14 में आबकारी विभाग ने भांग दुकानों के ठेके की प्रक्रिया की गई है। इस बार इन दुकानों का ठेका 10 प्रतिशत अधिक राशि पर दिया जाएगा। शराब दुकानों की तरह ही पहला मौका वर्तमान में दुकानदारों को दिया जाएगा। इसके बाद निलामी प्रक्रिया होगी। 

रेलवे बोर्ड ने मंजूर किया कैडर रीस्ट्रक्चरिंग

कैडर रीस्ट्रक्चरिंग कमेटी की बैठक में 30 कोटियों के पदों में संशोधन पर सहमति
भोपाल। 
वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही रेल कर्मचारियों के खुश खबर है। रेलवे बोर्ड ने रेल कर्मचारियों के कैडर रीस्ट्रक्चरिंग पर सहमति जता दी है, इससे 30 कोटियों के पदों का संशोधन होकर भर्ती हो सकेगी।
वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन की मंडल उपाध्यक्ष हेलेन माइकल ने इस बारे में शुक्रवार को मीडिया को बताया कि, बीते दिनों रेलवे बोर्ड की कैडर रि-स्ट्रक्चरिंग कमेटी (संवर्ग पुर्नसंरचना समिति) की बैठक हुई थी। इसमें ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन और वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन की पुरजोर कोशिशों के नतीजे में  30 कोटियों के विभिन्न पदों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। इसके नतीजे में गुड्स गार्ड गे्रड पे 4200 के वर्तमान 27 प्रतिशत पदों को बढाकर 50 प्रतिशत, लोको पायलेट गे्रड पे 4200 के 30 प्रतिशत को बढाकर 50 प्रतिशत, कैशियर गे्रड पे 4200 के विद्यमान 85 प्रतिशत को बढाकर 90 प्रतिशत, ड्रेसर गे्रड पे 2800 को 15 प्रतिशत से बढाकर 35 प्रतिशत, स्वास्थ्य निरीक्षक ग्रे्रड पे 4600 के वर्तमान 47 प्रतिशत को बढाकर 65 प्रतिशत, कुक रनिंग रूम गे्रड पे 2400 के विद्यमान 27 प्रतिशत को बढाकर 40 प्रतिशत, फिजियोथेरेपिस्ट गे्रड पे 4600 के 60 प्रतिशत को बढाकर 75 प्रतिशत, कल्याण निरीक्षक के गे्रड पे 4600 के 50 प्रतिशत को बढाकर 65 प्रतिशत, टायपिस्ट गे्रड पे 4600 के 12 प्रतिशत को बढाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है । इस संवर्ग पुर्नसंरचना से इन सभी कोटियों के कर्मचारियों को पदोन्नति एवं वेतन तथा एरियर्स का लाभ प्राप्त होगा। 

अब दो की जगह तीन वेतन वृद्धि रुकेगी

-भारी पड़ी चना-गेहूं फसल कटाई की जानकारी न देना 
भोपाल। 
राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत गेहूं-चना कटाई की जानकारी न देने पर पटवारी और ग्राम सेवकों की दो नहीं तीन वेतन वृद्धि रोकी जाएगी। कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने यह निर्देश जारी किए हैं। 
कलेक्टर ने ऐसा गेहूं-चने की फसल की जानकारी समय पर न देने पर कहा है। कलेक्टर ने इनके द्वारा पूर्व में भेजी गई अधूरी जानकारी पर चिंता जताते हुए नाराजगी भी जताई। उल्लेखनीय है फसल कटाई की सही और संपूर्ण जानकारी 36 पटवारी और ग्राम सेवकों ने समय पर नहीं दी थी। कुछ ने जानकारी भेजी भी तो आधी-अधूरी ऐसे में दो-दो वेतन वृद्धियां पहले ही रोकी जा रही हैं। अब जानकारी देने में लापरवाही बरतने पर तीसरी वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी जारी की गई है। 18 फरवरी को अंतिम नोटिस जारी करते हुए 7 दिन में जवाब सहित जानकारी देने को कहा था। 
खरीफ मौसम के संभावित राष्ट:ीय फसल कटाई प्रयोग व कृषि बीमा योजना के अंतर्गत तहसील स्तर या पटवारी हल्का स्तर सोयाबीन फसल प्रयोग के पत्रक एक व दो के आधार पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त ग्वालियर ने एक पत्र अगस्त-12 में भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों को भेजा था। पत्रकों में जानकारी भरकर देने के लिए 22 अगस्त, 12 को फंदा व बैरसिया विकासखंड के पटवारी व ग्राम सेवकों को निर्देशित किया गया था। इसके बाद 10 सिंतबर, 22 सिंतबर और 15 अक्टूबर को स्मरण पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद भी जानकारी नहीं पहुंची, तो कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने 19 अक्टूबर,12 को एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के नोटिस दिए थे। इसका असर इतना ही दिखा कि कुछ ने आधी अधूरी जानकारी भेजी। त्रुटिपूर्ण जानकारी देने वाले 36 में से 14 पटवारी और 22 ग्रामसेवकों को 29 नवबंर, 12 को फिर से नोटिस दिया गया। इनमें 24 पटवारी-ग्रामसेवक ऐसे भी थे, जिन्होंने जानकारी भेजी ही नहीं थी। नोटिस में 4 दिसंबर, १२ को गलतियों को सुधार कर जवाब सहित भू-अभिलेख शाखा में हाजिर होने की ताकीद की गई थी। इसके बाद भी जानकारी या जवाब नहीं आए।

-संतोषजनक नहीं मिले इनके जवाब 
पटवारी
तहसील हुजूर- संदीप शर्मा, संजय स्वामी, सुरेश उपाध्याय, मोहनसिंह लवाना, प्रमोद श्रीवास्तव, शिवप्रसाद लवाना।
तहसील बैरसिया- विमलेश गुप्ता, विनीत कुमार रूद्र, अरूण बंजारी, शरद गौर, पतिराम आर्य, मेघराज मिश्रा, कैलाश शर्मा, चरण सिंह लवाना।

ग्रामसेवक
तहसील हुजूर - एमके द्विवेदी, अजय तिवारी, एके गुप्ता, जीपी शर्मा, इजराईल खान, प्रभात सक्सेना, बीडी यादव, एसके यादव, मीना हेडाऊ।
तहसील बैरसिया - डीडी भार्गव, पीएस गोयल, अवधेश कुमार सक्सेना, राजेश भार्गव, गीतम गुप्ता,डीएस ठाकुर, सुनीता वर्मा, केएस चौहान, डीएस सिसौदिया, एमएल मालवीय, रामेश्वर सिंह, आरती राणावत।

-वर्जन 
पत्रकों में आधी-अधूरी जानकारी देने वाले 36 पटवारी व ग्रामसेवकों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश कलेक्टर ने दिए थे। अब चेतावनी दी गई है कि लापरवाही बरतने पर दो के बजाय तीन वेतनवृद्धि रोकने की कार्यवाई होगी।
राधेश्याम बघेल, भू-अभिलेख अधीक्षक 


'ग्लोबल के चक्कर में लोकल को नहीं भूलेंगे'

-संभागीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री शिवराज 
भोपाल। 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ग्लोबल के चक्कर में लोकल (स्वदेशी) वस्तुएं बनाने वालों को नहीं भूलेंगे। मैं आपका आत्मविश्वास बढ़ाने आया हूं आपके दिलो-दिमाग में इसका ऊर्जा का संचार कर दूंगा। हम मिलकर काम करेंगे, आप बताएं सुविधाएं चाहिए तो उपलब्ध कराएंगे और अच्छा करेंगे। वे यहां एक निजी होटल में संभागीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने पांचवी एमपीएक्सपोर्टेक का भी शुभारंभ किया। 
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में 37 देशों के 97 डेलीगेट्स व 19 देशों के 25 डिप्लोमेट शामिल हुए। पहले दिन 84 में से 12 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। श्री चौहान ने कहा, स्वदेशी इकाईयों के पास जो आईडिया हैं वे सरकार से बेझिझक साझा करें। हम इसे शक्ल देंगे। अंतर्राष्ट्रीय मंज देने के उद्देश्य से मप्र सरकार द्वारा ये कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा मैं विचार कर रहा हूं क्या एक मल्टी बिल्डिंग बनाई जा सकती है, जहां सभी प्रकर के लघु, सूक्ष्म उद्योगों के दफ्तर हों। ऐसे में किसी को भटकना नहीं पड़ेगा। इसकी उपस्थित देशी-विदेशी लोगों ने स्वागत किया। वे बोले हम मप्र में युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान करने के लिए 113 स्कील डेवलेपमेंट केन्द्र खोल चुके हैं। वहीं अन्य खोले जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा, अब मप्र पिछड़ा राज्य नहीं रहा वह देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मप्र देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने के लिये बड़े उद्योगों के साथ लघु और कुटीर उद्योगों का जाल बिछाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा, प्रदेश की कृषि विकास दर 18.9 प्रतिशत हैए जबकि देश की विकास दर 3 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश की विकास दर 11.98 प्रतिशत है, जबकि देश की विकास दर 5 प्रतिशत है। प्रदेश के विकास में लघु और मध्यम उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सम्मेलन के दौरान किए गए करारनामों को वचन पत्र मानकर राज्य शासन कार्रवाई करेगा। इन्दौर में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में किए गए एमओयू में से 90 प्रतिशत में निवेशकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है।
सम्मेलन में मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष बाबूलाल जैन, महापौर कृष्णा गौर, ट्रायफेड के प्रबंध संचालक एके भट्ट सहित उद्योगपति उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन उद्योग आयुक्त टी. धर्माराव ने किया। 

पसंद कर रही हूं 
मैं मप्र के मुख्यमंत्री के उद्बोधन और यहां हुए स्वागत को पसंद कर रही हूं। अच्छी सरकार की यह पहचान होती है वह अतिथियों को बुलाए जाने के बाद कितनी तवज्जो देते हैं। 
बूपने मॉसोबे, लेसेथो 

अपने देश में बताउंगा 
मप्र में लघु उद्योगों में जो काम हो रहा है उसे मैं अपने देश के लोगों को बताना चाहता हूं। कुछ उद्योगों का मैंने अवलोकन किया है, क्वॉलिटी भी बेहतर है। 
एड्रीयल डालगार्ड कनोट, अर्जेटिंना 

अद्वितीय काम हुआ है
मप्र में जो कपड़े और जड़ीबूटियों से जो दवाए बनाई जा रही हैं। वह लाजवाब है। यहां के कृषकों और क्षेत्रीय लोगों ने कुछ काम विश्व में अद्वितीय किए हैं। मैं अपने देश में उनके काम और यहां बनाई जा रही ही वस्तुओं को लेने के बारे में चर्चा करूंगा। 
किम गिल हवान, चीन 

हम साथ देंगे
आदिवासी संस्कृति के लिए ब्राजील को विश्व में पहचाना जाता है। मप्र के आदिवासी क्षेत्रों में भी बहुताए में उम्मदा काम हो रहा है। ब्राजील चाहता है उनकी कौशलता को और बढ़ावा मिले। इस दिशा में उनका साथ देंगे।
एवी बोनमिगो, ब्राजील 
 

तीन गांवों की खरीदी बिक्री पर रोक

-बिना डायवर्सन काटे जा रहे थे प्लाट
भोपाल। 
हुजूर ग्रामीण क्षेत्र के नीलबड़, कुराना और खामखेड़ा की करीब ५ हेक्टेयर जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। यहां अवैध रूप से बिना डायर्वसन किए कृषि भूमि पर प्लॉट काटे जा रहे थे। एसडीएम हुजूर राजेश श्रीवास्तव ने गुरुवार को यह निर्देश जारी किए। इन गांवों की 5 हेक्टेयर भूमि पर छह अवैध कालोनी विकसित की जा रही थीं। निर्देश के तहत इन जमीनों पर काटे गए प्लाटों की रजिस्ट्री व नामांतरण नहीं होगा। निर्देशों से वरिष्ठ जिला पंजीयक व तहसीलदारों को भी पत्र भेज अवगत करा दिया गया है। श्री श्रीवास्तव ने बताया, पटवारी ने अपने प्रतिवेदन में इसकी शिकायत की थी। पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कॉलोनी बनाने के लिए सक्षम अधिकारी न तो अनुमति ली गई और न ही कृषि भूमि का आवासीय प्रयोग के रूप में डायवर्सन कराया गया। इसके चलते जमीन की खरीदी ब्रिकी पर रोक लगाई गई है।

-इस जमीन पर रोक 
मेसर्स जैन सन्स बिल्डर्स प्रा.लि के मैनेंजिंग डायरेक्टर प्रकाशचन्द जैन ग्राम नीलबड़ के खसरा क्र.-492/2, 492/2 की 0.255 हेक्टेयर जमीन पर कालोनी विकसित कर रहे थे। इस पर रोक लगा दी गई है। वहीं फेन्डस एसोसियटर्स पार्टनर सन्तोष मिश्रा, विजेन्द्र ठाकुर, कृष्णकान्त शुक्ला द्वारा नीलबड़ के खसरा क्र.-559/464/4, 559/464/3 की क्रमश: 0.060 व 0.060 हेक्टेयर जमीन पर। यश कन्स्ट्रक्शन्स एण्ड प्रापटी डेवलपर्स के प्रोपरायटर प्रदीप सिंह शाहा द्वारा नीलबड़ के खसरा क्र.-5/6/2 की 0.405 हेक्टेयर जमीन पर, रामकली पत्नी हरकिशन व अन्य निवासी ग्राम कुराना ने कुराना स्थित खसरा क्र.-217/1/1/ख/3 की 0.881 हेक्टेयर, रमेश, रामदयाल, नन्नीबाई पत्नी गोपीलाल विश्वकर्मा ने कुराना की खसरा क्र.-220/3 व 220/4/2 की क्रमश: 0.809 व 0.405 हेक्टेयर और विनय सिंह निवासी ग्राम गोलखेड़ी द्वारा ग्राम खामेखेड़ा की खसरा क्रमांक 929-2/1, 929-2/2/2 की क्रमश: 1.721 व 0.283 हेक्टेयर जमीन की खरीदी बिक्री पर रोक लगाई गई है। 

600 से अधिक आए आवेदन, कई आवेदन मौके पर ही निराकृत

-भौंरी में जिला स्तरीय शिविर आयोजित
भोपाल। 
हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी देने तथा हितग्राहियों का चयन करने गुरूवार को ग्राम भौंरी में जिला स्तरीय शिविर किया गया। इस शिविर में करीब 600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि कुछ आवेदनों में शासकीय योजनाओं के लाभ प्रदान किए जाने की बात सामने आने पर हितग्राहियों का पात्रतानुसार चयन किया गया है। एसडीएम राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि शिविर में राजस्व विभाग के 292, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 259 सहित अन्य विभागों के आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्यानिकी, स्वास्थ्य ,महिला एवं बाल विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि, सहकारिता ,खाद्य, पशुपालन ,पीएचई इत्यादि के अधिकारी उपस्थित हुए। वन विभाग, आदिवासी व पिछड़ा वर्ग, उच्च शिक्षा व मत्स्य विभाग के अधिकारी की अनुपस्थिति पर एसडीएम श्री श्रीवास्तव ने खासी नाराजगी जताई और उनके विरूद्ध कार्यवाही करने की भी बात कही।

आज ऑनलाइन हो सकती है गाइलाइन

-सरकारी एजेंसियों के प्रोजेक्ट के आसपास नहीं बढ़ेंगी दरें 
भोपाल।
जमीनों की वर्ष २०१३-१४ की प्रस्तावित गाइडलाइन शुक्रवार को आम जनता के सुझाव-आपत्तियों के लिए ऑन लाइन हो सकती है। इस पर सप्ताह भर तक आपत्ति-सुझाव दिए जा सकेंगे। इसका जिला मूल्यांकन समिति विशलेषण कर केन्द्रीय मूल्यांकन समिति को भेजेगा। गुरुवार को गाइडलाइन को लेकर कलेक्टर सभागार में तीसरी बैठक हुई। 
इसमें निर्णय लिया गया कि हाउसिंग बोर्ड के एचआईजी, एलआईजी व ईडब्ल्यूएस मकानों की रजिस्ट्री अलग-अलग रेटों पर होगी। गाइडलाइन में इनकी दरों में परिवर्तन किया जा रहा है। इससे साफ हो गया कि अब इनके रेट अलग-अलग ही रखे जाएंगे। वहीं बीडीए की कालोनियों के मकानों के दामों में इजाफा नहीं होगा। समिति अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारियों की सहमति इस पर बन गई है। वहीं शासकीय एजेंसियों के प्रोजेक्टों वाली भूमियों की कीमतों में भी कमी की जाएगी। हालांकि ये कुछ ही होंगी। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। उल्लेखनीय है कि १४ फरवरी बैठक में कलेक्टर निर्देश दिए थे कि फिर से जमीनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके बाद वरिष्ठ जिला पंजीयक व सदस्य एनएस तोमर ने इसे नए सिरे से प्रस्तुत किया। जानकारी के अनुसार एम्स और नए बायपास रोड के आसपास के क्षेत्र की जमीनों की कीमतों को घटाने पर सहमति बन गई है। बताया जा रहा है दोबार किए गए सर्वे में सामने आया कि वाकेयी प्रस्तावित गाइडलाइन में दरें अधिक थीं, हालांकि कुछ स्थानों पर रेट बराबर हैं। 

-पहले आई थी आपत्ति 
14 फरवरी को हुई जिला मूल्यांकन समिति की दूसरी बैठक में प्रस्तावित कलेक्टर गाडलाइन में जमीनों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर समिति सदस्यों ने आपत्तियां उठाई थी। हाउसिंग बोर्ड, बीडीए ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी जमीनों के रेट कम करने की बात कर रहे थे। इसके बाद समिति अध्यक्ष व कलेक्टर श्री श्रीवास्तव अफसरों को निर्देशित किया कि वह एक बार फिर से सर्वे कर जमीन की कीमतों का पता लगाएं, लेकिन यह सर्वे अधिकारी बनकर नहीं बल्कि आम आदमी बनकर करें तभी सच्चाई सामने आएगी। 

-बुलाई आपत्तियां-सुझाव 
बैठक में कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने सभी विभागों से आई जानकारियों व आपत्तियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद श्री श्रीवास्तव ने वरिष्ठ जिला पंजीयक से कहा कि वह बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर प्रस्तावित गाइडलाइन में संशोधन कर उसे पूरी तरह तैयार कर लें। इधर सूत्रों की माने संशोधनों के बाद तैयार की गई
गाइडलाइन पर कलेक्टर द्वारा हस्ताक्षर कर दिए जाने के बाद इसे शुक्रवार को ऑनलाइन कर दिया जाएगा, ताकि आम जनता दावे आपत्तियां प्रस्तुत कर सकें। हालांकि जो इस गाइडलाइन को ऑनलाइन नहीं देख सकेगा, उसके लिए यह गाइडलाइन जिला पंजीयन व उपपंजीयन कार्यालयों में भी रखी जाएगी। आपत्तियों के लिए जनता को सात दिन का समय भी दिया जाएगा।

ग्रामीण प्रतिभाओं को भी मिलें प्रोत्साहन
राज्यपाल ने ईपीएल-2013 के विजेताओं को किया पुरस्कृत
युवा पीढ़ी में पुरानी पीढ़ी से ज्यादा समझ: विजय दास
मप्र. के राज्यपाल रामनरेश यादव ने कहा है कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, जिससे वे भी आगे आए और खेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में देश का नाम रोशन करें।  इसके लिए अगर जरूरत पड़े तो ग्रामीण और जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। मु य अतिथि श्री यादव आज राजधानी के अपेक्स भवन के समन्वय भवन में आयोजित इंजीनियर प्रीमियर लीग-2013(ईपीएल-2013) क्रिकेट प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में विजेताओं को स मानित करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। श्री यादव ने कहा कि पढ़ाई-लिखाई के साथ खेलकूद की योग्यता होना सोने पर सुहागा जैसी बात है। इसलिए युवाओं को पढ़ाई के साथ खेल पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में देश के युवा उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं, जिससे हमारा देश विकासशील देशों की श्रेणी में भी अग्रणी पंक्ति में है। श्री यादव ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि प्रदेश में खेल मैदानों की अत्यंत कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार विशेष ध्यान देगी,ऐसी उनकी आशा है। इंजीनियर्स फील्ड से जुड़ी ोल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने ईपीएल-2013 के आयोजनकर्ताओं को बधाई दी। इस अवसर पर राज्यपाल राम नरेश यादव ने प्रतियोगिता की विजेता टुब्रा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम को 51 हजार रुपए का और उप-विजेता रही जे.एन.सी.टी की टीम को 21 हजार रुपए का चेक प्रदान किया। प्रतियोगिता में 16 टीमों ने भाग लिया था।
कार्यक्रम में बोलते हुए दैनिक राष्ट्रीय हिन्दी मेल के प्रधान संपादक विजय कुमार दास ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी बुराइयों को छोड़कर अच्छाई की तरफ बढ़ रही है,यह एक अच्छी बात है। हमारी युवा पीढ़ी की समझ पुरानी पीढ़ी से ज्यादा है। श्री दास ने मीडिया के भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इलेक्ट्रानिक हो या प्रिंट मीडिया, सभी नारद मुनि की भूमिका में है। अच्छी हो या खराब सभी खबरों से वे हमें अवगत कराते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खराब बातों पर मीडिया की नजर पहले जाती है लेकिन इंजीनियर प्रीमियर लीग-2013 जैसे आयोजनों पर भी मीडिया की नजर गई,यह काबिले तारीफ  है। वी.एम.सी.टी के चेयरमेन सोमेश भटनागर ने भी कार्यक्रम को स बोधित किया। ईपीएल के चेयरमेन प्रदीप पटेल ने आभार व्यक्त किया।