शनिवार, 1 फ़रवरी 2014

स्वदेश बिल्डर ने दस करोड़ किए सरेंडर , भोपाल

आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई के बाद राजधानी के स्वदेश बिल्डर ने दस करोड़ रुपए सरेंडर कर दिए हैं। विभाग ने प्रदेश के कई शहरों में छापामार कार्रवाई की थी। इसके बाद अब टीम वापस मुख्यालय लौट आई है।
इनमें से कुछ टीमें देर रात तक वापस आ जाएंगी। इसके बाद छापे में जब्त दस्तावेजों का परीक्षण शुरू होगा। सूत्रों की माने तो कुछ अन्य बिल्डर भी कर चोरी की राशि सरेंडर कर सकते हैं। वहीं जांच उपरांत बिल्डरों के पास से कर चोरी के मामले सामने आ सकते हैं। अब इनका परीक्षण किया जाएगा।

अलमारी की दीवार तोड़कर भागे 7 बाल अपचारी

- जहांगीराबाद पुलिस में एफआईआर दर्ज, तलाश जारी
भोपाल।
जहांगीराबाद स्थित बाल संप्रेषण गृह से गुरूवार की रात सात बाल अपचारी अलमारी की दीवार तोड़कर भाग निकले। भागने वालों में से तीन बाल अपचारी विदिशा के तथा भोपाल, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ का एक-एक है। बाल अपचारी ने पूरी योजना से इस गतिविधि को अंजाम दिया। वह अलमारी की दीवार तोड?े तथा उसमें से निकलने के बाद बाल संप्रेषण गृह की दीवार फांदने में भी कामयाब रहे। इधर संप्रेषण गृह की अधीक्षक ने इस मामले में सातों बाल अपचारी के भागने की एफआईआर जहांगीराबाद थाने में दर्ज करा दी है। पुलिस ने भी अपचारियों की तलाश शुरू कर दी है, जबकि शहर वृत्त के एसडीएम जीएस धुर्वे सहित अन्य आला अधिकारी भी संप्रेषण गृह का निरीक्षण करने पहुंचे।

-ऐसे भागे बाल अपचारी
बाल संप्रेषण गृह के अधिकारियों की माने तो गुरूवार की रात साढ़े नौ बजे टीवी पर कार्यक्रम देखने के गृह में उपस्थित तीस बाल अपचारियों को सोने के लिए भेज दिया था। सभी अपचारी लगभग सो ही रहे थे कि इस बीच 7 अपचारी ने पूरी योजना के तहत पहले से ही एक अलमारी की दीवार पर छुपाकर किए गए बड़े छेद से बाहर निकल आए और संप्रेषण गृह की बाहरी बाउंड्रीवाल को फांदना शुरू कर दिया। बाहर मौजूद चौकीदार व गार्ड ने उन्हें देखा तो वह उन्हें पकड?े दौड़े, लेकिन तब तक सभी भाग निकले। अन्य बाल अपचारी और न भाग निकले , इसको ध्यान में रखते हुए चौकीदार-गार्ड सहित मौके पर मौजूद   स्टॉफ ने उस कक्ष में सो रहे अन्य अपचारियों को दूसरे कक्ष में ले जाकर सुलाया। संप्रेषण गृह की अधीक्षक मोहनी यादव ने बताया कि जैसे ही बाल अपचारियों के भागने की सूचना मिली, तत्काल मौके पर पहुंचकर थाना जहांगीराबाद में सभी सात अपचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि भागने वाले अपचारियों में भोपाल का एक, विदिशा के तीन तथा सीहोर, रायसेन व राजगढ़ का एक-एक अपचारी शामिल हैं। यह सभी 12 से 17 वर्ष की उम्र के हैं। इधर सूत्र बताते हैं कि भागने वाले बच्चों ने बाउंड्रीवाल से सटकर बने शौचालय व स्थानागार की दीवार का उपयोग किया। जहां बाउंड्रीवाल पर कांच के टुकड़े नहीं लगे हुए हैं।

-छोड़ गए कई सवाल
बाल अपचारी अलमारी की दीवार में छेद करने में कैसे सफल हुए? उन्होंने छेद किया तो इसकी जानकारी दिन भर तैनात रहने वाले कमर्चारियों को क्यों नहीं लगी? बाउंड्रीवाल का भ्रमण करने के दौरान भी एक-चार की टुकड़ी को यह छेद क्यों नहीं दिखा? छेद करने के दौरान किसी हथियार या लोहे की राड आदि का उपयोग किया गया, वह उन्हें कहां से मिली? जैसे कई सवाल बाल अपचारी भागने के बाद पीछे छोड़ गए हैं। यह संप्रेषण गृह में तैनात कमर्चारी व गार्डों की कार्यप्रणाली व सतकर्ता पर सवालियां निशान भी खड़े कर रहे हैं।

-बाउंड्रीवाल ऊंची होती तो नहीं भाग पाते अपचारी
जुलाई-13 में भागे 11 बाल अपचारी के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं में सुधार किया था। संपे्रषण गृह के नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति की गई तथा एक-चार की टुकड़ी को सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया। इसके अतिरिक्त बाल अपचारियों की बढ़ती सं या को देखते हुए अतिरिक्त कक्ष भी बनाए गए और सभी अपचारियों को उम्र के आधार पर कमरों में रखा जाने लगा था। यह व्यवस्था वतर्मान में भी लागू है। यही नहीं बोर्ड का गणन भी कर दिया गया था, जो अपना काम कर रहा है। हालांकि इसी दौरान संप्रेषण गृह की बाउंड्रीवाल व सीसीटीवी कैमरे लगने तथा किचन के लिए अतिरिक्त कक्ष बनाए जाने के लिए भी प्रस्ताव डायरेक्टरेट व कलेक्ट्रेट कार्यालय भेजा गया था, लेकिन यह प्रस्ताव अभी भी अधर में लटके हुए हैं। यदि संप्रेषण गृह की बाउंड्रीवाल ऊंची होती या सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो बाल अपचारी की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रहती ओर यह घटना भी घटित नहीं होती।

-पहले भी भाग चुके हैं 11 अपचारी
ऐसा नहीं है कि 7 बाल अपचारी पहली बार बाल संप्रेषण गृह से भागे हैं। इससे पहले 21 जुलाई 2013 को 11 बाल अपचारी भाग निकले थे। उसमें से दो-तीन तो दूसरे दिन ही पकड़े गए थे, जबकि बचे हुए सभी अपचारी धीरे-धीरे वापस संप्रेषण गृह लौट आए थे।

कलेक्टर ने किया रैन बसेरा का निरीक्षण , भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद शुक्रवार को कलेक्टर निशांत वरवड़े ने हमीदिया अस्पताल के रैन बसेरा का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस दौरान यहां व्यवस्थाएं की जानकारी ली। उन्होंने कहा, अब वह रात में रैन बसेरा का किसी दिन औचक निरीक्षण करेंगे। उस समय गड़बड़ी सामने आई तो आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। 
 

नेत्रदान के लिए हो जागरुकता

-जिला प्रबंध समिति की बैठक में बोले कलेक्टर 
भोपाल। 
रेडक्रॉस की जिला प्रबंध समिति की बैठक में कलेक्टर निशांत वरवड़े ने कहा, ऐसे प्रयास किए जाएं जिससे लोग नेत्रदान के लिए प्रेरित हों। लोगों को बताएं हमारी मानवीय और नेतिक जिम्मेदारियां क्या हैं? जब इसे बेहतर तरीके से समझाया जा सकेगा तभी ऐसे कामों में लोग आगे आएंगे। 
बैठक में जिला रेडक्रास समिति के अध्यक्ष मिथन सिंह ने कहा, जिले में नेत्रदान और जागरुकता कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के साथ-साथ नेत्रदान की जानकारी दी जाएगी। बैठक में समिति के अन्य सदस्यों सहित वरिष्ठ अफसर उपस्थित थे। 

पुरस्कृत होंगे स्वैच्छिक संगठन , भोपाल

15 मार्च को उपभोक्ता दिवस पर उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करनी वाली स्वैच्छिक संस्थाओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए पंजीयन किया जा रहा है। 
संस्थाओं में से पहले पुरस्कार स्वरूप 6000, द्वितीय पुरस्कार 4000और तृतीय पुरस्कार 2000 रुपए दिए जाएंगे। इस राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाएगा।  जिला आपूर्ति नियंत्रक ने बताया, भोपाल संभाग अंतर्गत विगत तीन वर्षों से सक्रिय एवं पंजीकरण अधिनियम 1960 या ऐसे ही किसी अन्य कानून के तहत पंजीकृत स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों में से पुरस्कार पाने वाली संस्था का चयन किया जाएगा। 

अजमेर और जगन्नाथपुरी फिर जाएंगे बुजुर्ग , भोपाल

जिले के ऐसे बुजुर्ग जो तीर्थ करना चाहते हैं। वे मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत  23 फरवरी को अजमेर शरीफ, 26 फरवरी को जगन्नाथपुरी और 22 माच को तिरुपति के लिए रवाना हो सकते हैं। 
शासन ने यह यात्रा प्रस्तावित की हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि 23 फरवरी को अजमेर शरीफ की प्रस्तावित यात्रा के आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 13 फरवरी है। 26 फरवरी के लिए प्रस्तावित जगन्नाथपुरी यात्रा के 17 फरवरी और तिरूपति के लिए 13 मार्च तक आवेदन किए जा सकते हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदक सीईओ जनपद पंचायत फन्दा या बैरसिया, नगर पालिका कोलार या बैरसिया के आवेदक नगर पालिका कोलार या बैरसिया में तथा नगर निगम के आवेदक आयुक्त, नगर निगम कार्यालय भोपाल में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। 

औद्योगिक प्रदर्शनी कल से , भोपाल

एमएसएमई-विकास संस्थान, इंदौर, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, उद्योग संचालनालय, मप्र और गोविन्दपुरा औद्योगिक संगठन शनिवार से तीन दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी आयोजित कर रहे हैं। 
गोविन्पुरा इण्डस्ट्रीज एसोशिएसन कॉम्पलेक्स में लगने वाली इस प्रदर्शनी का शुभारंभ वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया करेंगी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अपर मुख्य सचिव, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार पीके दास होंगे। प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर एमएसएमई-विकास संस्थान के निदेशक, डॉ. डीएस मंडलोई, गोविन्दपुरा औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष आरएस खर्ब, पीथमपुर औद्योगिक संघ के अध्यक्ष गौतम कोठारी एवं मप्र लघु उद्योग संघ के उपाध्यक्ष दीपक शर्मा उपस्थित रहेंगे। प्रदर्शनी का उद्देश्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों तथा सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के बड़े उद्योगों को एक एसा साजा मंच तैयार करना है। इसमें 100 से अधिक छोटे, मध्यम तथा बड़े उद्योग भाग ले रहे हैं।