रविवार, 6 अक्टूबर 2013

दल समझेंगे इवीएम मशीन की क्रमवार प्रक्रिया

-11 को बेनजीर में होगा पहला कार्यक्रम 
भोपाल। 
विभिन्न राजनीतिक दालों के प्रतिनिधियों 25 नवंबर को होने वाले चुनाव से पूर्व 11 अक्टूबर को इवीएम मशीनों की क्रमवार (रेण्डमाइजेशन) प्रक्रिया समझाई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर निशांत वरवड़े ने शनिवार को कलेक्टोरेट कार्यालय में यह बात जनप्रतिनिधियों से राजनीतिक दलों की स्टेडिंग कमेटी की बैठक में कही। 
उन्होंने दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह इवीएम मशीनों का पहला रेण्डमाइजेशन 11 अक्टूबर को बेनजीर ग्राउंड में सुबह 7 बजे से शुरू होगा। इसमें सभी राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। बैठक में एडीएम बसंत कुर्रे, बीएस जामोद, अक्षय सिंह और राजनीतिक दलों पदाधिकारी मौजूद थे। 
श्री वरवड़े ने केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा निवार्चन के लिए जारी किए गए दिशा निर्देशों की जानकारी दी। मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण-2013 की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया, सूची का सतत अद्यतीकरण कार्य जारी है। डि-डुप्लीकेशन साफ्टवेयर से प्राप्त सूची की जांच कराई जा रही है। 

-एक दिन पहले खुलेगा खाता 
कलेक्टर श्री वरवड़े ने कहा, चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों को नाम निर्देशन के एक दिन पूर्व अपना पृथक खाता बैंक में अनिवार्य रूप से खोलना होगा। 

-शिकायत प्रकोष्ठ गठित 
चुनाव संपन्न हो जाने तक मतदाता अपनी शिकायत कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। कलेक्टर कार्यालय में के कक्ष क्रमांक 146 में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। यहां दूरभाष क्रमांक-2730557, 2730567 पर शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। यहां निराकरण भी किया जा रहा है। 
बैठक में कलेक्टर ने कहा, संपत्ति विरूपण अधिनियम का पालन और आदर्श आचरण संहिता का पालन करने की जानकारी दलों के पदाधिकारियों की होगी। वह इस बात का ध्यान रखेंगे कि किसी भी शासकीय-अशासकीय भवन में पार्टीगत प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा। 

-जल्द कराएं बीएलए की नियुक्ति 
बैठक में सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से कहा कि पिछली बैठक में भी दलों को सभी मतदान केन्द्रों पर बीएलए की नियुक्ति के लिए कहा गया था। दलों से पुन: इसके लिए कहा गया है कि वह जल्दी से जल्दी बीएलए नियुक्ति कराएं। बैठक में एमसीएमसी और निगरानी संबंधी समितियों सहित अन्य जानकारी भी दी गई। 

-अधिकारियों पर करें कार्रवाई 
बैठक में मौजूद जिला कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा, जिले में कई सारे मतदाताओं के परिचय पर डिलिट लिख दिया गया है। इसमें अधिकांश संख्या मुस्लिम और अनुसूचित जाति के लोगों की है। ऐसे कैसे हुआ, जिन अधिकारियों की गलती है उन पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, सातों विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग आॅफिसर कलेक्टर कार्यालय या उनके मूल दफ्तर में बैठें हैं, जबकि उन्हें विधासभावार क्षेत्र में पदस्थ होना चाहिए। श्री भार्गव ने कहा, आम व्यक्ति या प्रत्याशी की कोई समस्या है तो वह कलेक्टर कार्यालय तक नहीं आ सकता। इस दौरान यह बात भी उठी कि निगम मंडलों के अध्यक्षों ने अपने रिस्तेदारों के नाम से गाड़ियां अटैच कर रखीं हैं। इनसे लाल बत्ति तो हटाई जाए, साथ ही इन्हें आयोग अपने कब्जे में। ताकि इसका उपयोग निर्वाचन आयोग चुनावी कार्यों में ले। इस बात पर यहां उपस्थित अधिकारियों ने उन्हें कार्रवाई करने आश्वस्त किया। 

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2013

मुद्रक और प्रकाशक का नाम पता जरूरी,भोपाल

अपर कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी निर्वाचन शाखा ने चुनाव प्रचार के लिए छपवाए जाने वाले बैनर, पोस्टर और पम्पलेट के संबंध में म.प्र.स्थानीय प्राधिकारी (निर्वाचन अपराध) अधिनियम की धारा 14 क में किए उपबंधों का पालन सुनिश्चित किया है । 
धारा 14 क में निहित प्रावधानों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एसी निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर मुद्रित तथा प्रकाशित नहीं कराएगा जिस पर मुद्रक और प्रकाशक के नाम पते नहीं  होंगे । उपबंधों के पालन में दिए गए निर्देशों के तहत मुद्रक द्वारा मुद्रित सभी निर्वाचन संबंधी पम्पलेटों, पोस्टर्स या इसी तरह की अन्य सामग्री के मुखपृष्ठ पर मुद्रक एवं प्रकाशन के नाम-पते अंकित किए जायेंगे । धारा 127(क) (2) के मुताबिक मुद्रक प्रकाशक से घोषणा पत्र एवं मुद्रित सामग्री की 4 प्रतियां सामग्री मुद्रित किए जाने के तीन दिनों के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी जायेगी । मुद्रक द्वारा कंडिका 3 में उल्लेखित पत्रों के साथ परिशिष्ठ-2 भी अपने हस्ताक्षर से प्रस्तुत की जायेगी । 
भोपाल नगर राजधानी होने के चलते अगर उपरोक्त 1 से 4 तक की कोई जानकारी मुद्रक द्वारा कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजी गई है तो वह सिर्फ परिशिष्ट-2 की सत्यापित छायाप्रति कार्यालय जिला निर्वाचन पदाधिकारी को भेजेगा । निर्देशों का पालन न होने की दशा में मुद्रक का प्रेस लायसेंस निरस्त करने के साथ अधिनियम के भी कायर्वाही की जा सकेगी । 

चुनावी प्रक्रियाएं पूरी, भोपाल

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-149 बैरसिया में चुनाव से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं । 
अनुविभागीय अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (आय.ए.एस.) नेहा मारव्या ने बताया है कि चुनावी तैयारियों के तहत मतदान केन्द्रों का भौतिक सत्यापन कर कम्युनिकेशन प्लान, रूट चार्ट एवं नक्शा, सेक्टर चार्ट आदि तैयार कर लिए गए हैं । कमर्चारियों/ अधिकारियों का डाटाबेस तैयार कर लिया गया है । पोस्टल वेलेट, मतदाता फोटो परिचय पत्र वितरण और नवीन तथा डुप्लीकेट परिचय पत्र वितरित किए जा चुके हैं । इसके साथ ही स्वीप प्लान के तहत मतदाताओं को जागरूक करना   संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्र का चिन्हांकन कर लिया गया   है । वल्नेरवलिटी उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कारर्वाई की जा रही है । ब्लाक स्तर पर राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित कर बी.एल.ए. नियुक्त करने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशों से अवगत करा दिया गया है । 

कहां हो रहा प्रचार-प्रसार, 24 घंटे रहेगी नजर

-क्षेत्रवार दल गठित 
-सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के पालन की तैयारी शुरू 
भोपाल। 
जिले में पार्टियां किसी भी रूप से प्रचार-प्रसार नहीं कर सकेंगी। यह गाइडलाइन शासकीय, अशासकीय भवनों, विद्युत, टेलीफोन के खंभों आदि पर नारे और पोस्टर-बैनर चस्पा करने को लेकर जारी की गई है। 
आयोग की टीम 24 घंटे इस प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखेगी। विधानसभा निर्वाचन 2013 के दौरान संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने इस संबंध में क्षेत्रावार दलों का गठन कर दिया है। यह दल अपने-अपने क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी रखेंगे। इनकी नजर छोटे से छोटे विज्ञापन पर भी होगी, जो आयोग की गाइडलाइन के तहत आएगा। अधिनियम में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खड़िया रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपित करेगा वह एक हजार रूपये तक के जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। 

-विशेष के हाथ जिम्मेदारी 
नगरीय क्षेत्र के लिए दल गठित किए हैं, इनके प्रभारी के तौर पर नगर निगम आयुक्त विशेष गढ़पाले को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह दल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक- 150 भोपाल उत्तर, 151-नरेला, 152-दक्षिण-पश्चिम, 153-भोपाल मध्य, 154 गोविन्दपुरा और विधानसभा क्षेत्र-155 हुजूर नगरीय क्षेत्र के लिए दल गठित किए गए हैं। 

-राजेश को कोलार 
कोलार नगर पालिका क्षेत्र के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी कोलार राजेश श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार संपूर्ण बैरसिया नगर पालिका क्षेत्र के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी नगर पंचायत बैरसिया केएन शर्मा को दल निगरानी का प्रभार सौंपा गया है। यह सभी जिला कलेक्टर भोपाल को सूचित करेंगे। 


-जनपद सीईओ को भी जिम्मेदारी 
विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 149-बैरसिया और 155-हुजूर के लिए जिसमें तहसील हुजूर का संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र होगा। यहां के लिए पांच दल गठित किए गए हैं। संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए गठित किए गए इन पांच दलों के प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत फन्दा अजय शुक्ला होंगे। क्षेत्र क्रमांक 149-बैरसिया में दलों का प्रभारी अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैरसिया रूपेश गुप्ता को सौंपा गया है। प्रभारी अधिकारियों को अपने क्षेत्र के पुलिस और राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय रखकर संपत्ति विरूपण अधिनियम के प्रावधानों को लागू करना होगा। इसमें अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना और कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाना शामिल है। 

चुनाव आयोग का डंडा, शहर से हटे बैनर, पोस्टर और झंडा

-6 बजे से शुरू हुई कार्रवाई, आज भी जारी रहेगी 
भोपाल। 
विधानसभा निर्वाचन की तारीख घोषित होने के साथ ही शहर से होर्डिंग, बैनर, पोस्टर और झंडे निकालना शुरू कर दिया। आयोग की मंशानुसार आदर्श आचार संहिता की घोषणा होते ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर निशांत वरवड़े ने टीमों को सक्रीय होने के निर्देश दिए थे। 
घोषणा होते से ही जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने पार्टी विशेष से लबरेज होर्डिंग, बैनर, पोस्टर और झंडे मुक्त शहर करना शुरू कर दिया। श्री वरवड़े ने अधिकारियों से कहा, अब आचार संहिता के प्रावधानों के तहत आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। जिले में विभिन्न स्थानों पर लगी प्रचार-प्रसार की सामग्रियों को 24 घंटे में पूरी हटाने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए गए हैं। 

-जोन स्तर पर कार्रवाई 
सभी स्थानों पर कार्रवाई को। इस लिहाज से जोनल स्तर पर दल गठित किए गए हैं। जोनल अधिकारी की निगरानी में विभिन्न दलों द्वारा की जा रही कार्रवाई को नगर निगम आयुक्त विशेष गढ़पाले देंखे। 





खाद्य औषधि प्रशासन के 10 अधिकारी स्थानांतरित ,भोपाल

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के 10 अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है। यह आदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक ने जारी किए गए। 
आदेश 1 अक्टूबर को हुए हैं। इनमें इसमें दो औषधि निरीक्षक व 8 खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं। आदेश के साथ ही सभी को अपना-अपना जिला संभालने को कह दिया गया है। 

इनका स्थानांतरण 
खाद्य सुरक्षा अधिकारी -
 अधिकारी             - वर्तमान   पदस्थापना         - नवीन पदस्थापना
 प्रेमलता भांवर        - खरगौन             - आगर
 कन्हैया लाल कु भकार     - रायसेन              - आगर
 राहुल सिंह अलावा         - रतलाम             - अलिराजपुर
 धीेरेंद्र सिंह जादौन         - नीमच             - अलिराजपुर  
 आशुतोष मिश्रा         - शिवपुरी             - श्योपुर कलां
 रवि कुमार शिवहरे         - गुना                 - श्योपुर कलां
 सविता सक्सेना         - ग्वालियर             - मुरैना
 गोपेश मिश्रा             - बैतूल             - होशंगाबाद
 
ये हैं दो औषधि निरीक्षक -
 निरीक्षक             - वतर्मान पदस्थापना         - नवीन पदस्थापना
 धर्मेश बिगोनिया         - सीहोर             - इंदौर
 आरएस वरनदानी         - इंदौर              - सीहोर

प्रदेश सहित चार राज्यों में चुनाव की तारीख घोषित


-इसी बार से होगा ईवीएम मशीन में ‘कोई नहीं’ का आॅपशन
-मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत किया ऐलान 
भोपाल। 
मप्र सहित देश के चारों राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान हो गया है। शुक्रवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने पे्रस वार्ता में दिल्ली, मप्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में चुनाव तारीखों की घोषणा की। इसी के साथ सभी राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। प्रदेश में 25 नवंबर को चुनाव होंगे। 
पांचों राज्यों की मतगणना 8 दिसंबर होगी। छत्तीसगढ़ में सबसे पहले दो चरणों में 11 और 19 नवंबर को मत पड़ेंगे। फिर 25 नवंबर को मप्र में, राजस्थान में 1 दिसंबर और सबसे आखिर में दिल्ली और मिजोरम में एक चरण में 4 दिसंबर को चुनाव होंगे। आचार संहित लागू होते ही शुक्रवार देर शाम प्रदेश सरकार के सारे अधिकार जिला अनुसार जिला कलेक्टर्स के पास पहुंच गए। केंद्रीय चुनाव आयोग की मंशा अनुसार भोपाल में कलेक्टर निशांत वरवड़े ने पूर्व से निर्धारित दलों को शहर में लगे पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स हटाने के निर्देश दिए। इन्हें हटाने का काम शुरू हो गया। विधानसभा चुनाव को 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। मप्र में 4,64,57724 मतदाता 230 सीटों के प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे। 

-होगा ‘इनमें से कोई नहीं’ का आॅप्शन 
इन पांच राज्यों में विधानसभा की कुल 630 सीटों पर 11 करोड़ वोटर करीब 1,30,000 मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग होगा। सभी राज्यों में वोटिंग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए ही चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी। वार्ता में 
श्री संपत ने बताया, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत सभी राज्यों के चुनावों की वोटिंग मशीन में ‘इनमें से कोई नहीं’ का विकल्प शामिल होगा। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर को मतपत्र और ईवीएम में ‘इनमें से कोई नहीं’ का विकल्प जोड़ने के निर्देश दिया था। ईवीएम मशीन में उम्मीदवारों की सूची के सबसे अंत में ‘इनमें से कोई नहीं’ का बटन होगा। 
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-कहां क्या स्थिति 
छत्तीसगढ़ : चुनाव दो चरणों में (11 और 19 नवंबर) को। 
पहला चरण: 18 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होगा
नोटिफिकेशन: 18 अक्टूबर को जारी होगा
नामांकन की आखिरी तारीख: 25 अक्टूबर रहेगी
स्क्रूटनी: 26 अक्टूबर
नामांकन वापसी: 28 अक्टूबर
मतदान: 11 नवंबर

दूसरा चरण: 72 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होगा
नोटिफिकेशन: 25 अक्टूबर को
नामांकन की अंतिम तारीख: 1 नवंबर
स्कू्रटनी: 2 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 4 नवंबर
मतदान: 19 नवंबर को 
कुल मतदाता: 1,67,96174.
सीटें: 90.

मध्य प्रदेश: चुनाव एक ही चरण में 
नोटिफिकेशन: 1 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 8 नवंबर
स्कूटनी: 9 नवंबर 
नामांकन वापसी की आखिरी तारीख: 11 नवंबर
मतदान: 25 नवंबर को 
कुल मतदाता: 4,64,57724. 
सीटें: 230.

राजस्थान: एक ही चरण में मतदान 
नोटिफिकेशन: 5 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 12 नवंबर
स्क्रूटनी: 13 नवंबर
नामांकन वापसी की आखिरी तारीख: 16 नवंबर
मतदान: 1 दिसंबर 
कुल मतदाता: 4,06,08056
सीटें: 200.

दिल्ली: एक चरण में चुनाव 
नोटिफिकेशन: 09 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 16 नवंबर
स्क्रूटनी: 18 नवंबर
नामांकन वापसी की आखिरी तारीख: 20 नवंबर
मतदान: 4 दिसंबर
कुल मतदाता: 1,15,07113.
सीटें: 70.


मिजोरम: एक चरण में चुनाव 
नोटिफिकेशन: 9 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 16 नवंबर
स्क्रूटनी: 18 नवंबर
नामांकन वापसी की आखिरी तारीख: 20 नवंबर
मतदान: 4 दिसंबर
कुल मतदाता: 6,86305
सीटें: 40.

-राज्यों जो सीटें हैं रिजर्व
90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा में 10 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के लिए और 29 सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश की 230 सीटों में से 35 सीटें एससी के लिए और 47 सीटें एसटी के लिए, मिजोरम में 40 में से 39 सीटें एसटी के लिए, राजस्थान में 200 सीटों में से 34 एससी के लिए और 25 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। जबकि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई हैं। 

-गुजरात, तमिलनाडु में उपचुनाव
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ ही गुजरात और तमिलनाडु में एक एक विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव कराने की भी घोषणा की गई। गुजरात की सूरत (पश्चिम) विधानसभा सीट और तमिलनाडु की येरकॉड (सुरक्षित) सीट के लिए 4 दिसंबर को मतदान होगा।


-आॅब्जर्वर बढ़ाएंगे वोटरों का उत्साह
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी राज्यों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे और तादाद में पोलिंग आॅब्जर्वर मौजूद रहेंगे। सेंट्रल अवेयरनेस आॅब्जर्वर पहली बार तैनात किए जाएंगे। वे वोटरों का उत्साह बढ़ाएंगे।