शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

24 से नहीं बनेंगे आय-जाति, स्थानीय निवास प्रमाण-पत्र


-राजस्व अधिकारी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने दिया अल्टीमेटम
-जल्द करें तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट 
भोपाल। 
राजस्व अधिकारी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सरकार को अपनी मांगों मनवाने अल्टीमेटम दिया है। गुरुवार को आनन-फानन में बुलाई गई बैठक में निर्णय लिया कि 24 अप्रैल से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र नहीं बनाएंगे। वहीं लोक सेवा से संबंधित सेवाओं पर भी काम नहीं किया जाएगा। 
भी इसके साथ ही गरीबी रेखा में नाम भी नहीं जोड़े जा सकेंगे। दरअसल, इन सेवाओं को समय पर देने के बाद सिर्फ उनकी कंप्यूटर फीडिंग में विलंब होने पर तहसीलदारों पर अर्थदण्ड आरोपित करने से सूबे के तहसीलदार नाराज हैं। नतीजे में तहसीलदारों ने अर्थदंड पर तत्काल रोक लगाने के साथ-साथ पांच मांगों को पूरा नहीं करने पर काम बंद करने का अल्टीमेटम दे दिया है। राजस्व अधिकारी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की गुरुवार को हुई बैठक में तहसीलदारों ने अपनी अनदेखी पर जमकर आक्रोश जताते हुए चेतावनी दे दी है कि, अगर उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो वर्क टू रुल के हिसाब से ही काम करेंगे। इसके नतीजे में राजस्व विभाग के अतिरिक्त अन्य विभाग से संबंधित लोक सेवाएं जैसे आय एवं मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी करना, गरीबी रेखा में नाम जोडऩा, राशनकार्ड जारी करना, गेहंू उपार्जन कार्य, सीआरपीसी के तहत सौंपे गये कार्य, प्रोटोकाल से संंबंधित कार्य, जन्म मृत्यु पंजीयन, जाति प्रमाणपत्र संबंधी काम पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। संघ के अध्यक्ष पीएस त्रिपाठी ने बताया कि तहसीलदारों पर अर्थदंड लगाकर मानसिक और आर्थिक रुप से प्रताडि़त किया जा रहा है। तहसीलदारों को उनकी निर्धारित सेवाओं के अलावा कई काम और भी सौंप दिए गए हैं, जिनको पूरा करने के लिए विभागों में अन्य आवश्यक संसाधन व सुविधाएं भी नहीं है। इसके बावजूद भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, पहले तो पूर्व में किए गए अर्थदण्ड निरस्त किए जाएं तथा संसाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। यहीं नहीं वर्ष 2013 की डीपीसी में कैडर रिव्यू से बढ़े पदों को जोड़कर शीघ्र डीपीसी की जाए। बैठक में प्रदेशभर से आए संघ के पदाधिकारियों में वीरेंद्र कटारे, किरन गुप्ता, संजय श्रीवास्तव, वीरेंद्र करण, बिहारी सिंह, भुवन गुप्ता, नीतू सिंह, संजीवकेशव देशपांडे, वरुण अवस्थी, प्रदीप कौरव, मनीष तिवारी, गीताजंलि आदि मौजूद थे। 

इन मांगों को पूरा कराने पर अडेÞ
 - पूर्व में किये गये अर्थदण्ड निरस्त किये जाएं तथा कार्य संपादन के लिए आवश्यक संशाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराए जाये।
 - तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए की गई डीपीसी 26 दिसंबर,12  और 11 मार्च,13 में पदान्नति नियमों का पालन नही किया गया है। डीपीसी में कुल उपलब्ध 57 पदो में से 30 पद रिक्त छोड़ दिये गये है। ऐसे में सभी पदों पर पदोन्नति की जाए एवं वर्ष 2013 की डीपीसी में कैडर रिव्यू से बढ़े पदों को जोड़कर शीघ्र डीपीसी कराई जाए। 
 - तहसीलदारों की 12 से 14 वर्षो तक प्रमोशन नहीं होते हैं। ऐसे में 8 साल की सेवा पूरी होते ही अगला वेतनमान स्वीकृत किया जाए। 
 - राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस  होने पर वरिष्ठता का लाभ दिया जाता है। इसी प्रकार तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर के पद पर प्रमोशन होने पर वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। 
 -  भिण्ड जिले में एसडीएम के साथ राजनेताओं द्वारा किये गये बदसलूकी की संघ ने घोर निन्दा करते हुए मांग की है कि, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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