शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

सरकार से खफा राप्रसे अफसर


-कहा हमसे किया जा रहा भेदभाव 
भोपाल। 
राज्य सरकार के प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी महती भूमिका निभाने वाले राज्य प्रशासनिक सेवा सेवा के अफसर अपने प्रमोशन में भेदभाव के कारण सरकार से खासे नाराज है। इस मुद़दे को लेकर 15 दिनों में 2 बैठकें कर चुके ये अफसर अब प्रदेश भर से आकर 18 अप्रैल को राजधानी में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। समझा जाता है कि चुनावी वर्ष में इन अफसरों की लामबंदी से सरकार की मुश्किलें भी बढ़ सकती है क्योंकि सरकार की अधिकतर योजनाओं के क्रियान्वयन में भी यह अफसर महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं। कानून व्यवस्था से लेकर सरकार की योजनाओं का मैदानी स्तर तक क्रियान्वयन कर जि मा जिले में पदस्थ एडीएम,एसडीएस तथा तहसीलदारों का ही रहता है। 

इसलिए नाराजगी 
राप्रसे के अफसरों ने कहा, हम राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तुलना में लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। 2002 बैच के पुलिस अफसरों को एएसपी बनाया गया है। जबकि 98 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर अपर कलेक्टर नहीं बन पाए हैं। इसी प्रकार 94 बैच के पुलिस अफसरों को चौथा पे-स्केल मिल रहा है,जबकि 88 बैच के राप्रसे के अफसरों को यह पे-स्केल नहीं दिया जा रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर जिले में पदस्थ एसडीएस के मुताबिक, लोक सेवा आयोग में अव्वल आने के बाद भी सरकारी की प्रमोशन नीति के चलते हम मौका नहीं मिल रहा है। 


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