नहीं चाहते मु यमंत्री फिर भी बनाया जा रहा है दबाव
भोपाल।
मप्र. में अफसरों के तबादले को लेकर राज्य सरकार में उहापोह की स्थिति बन गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनावी वर्ष में तबादलों से प्रतिबंध नहीं हटाना चाह रहे जबकि मंत्री, सांसद, विधायक एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी मु यमंत्री से यही आग्रह कर रहे हैं कि तबादलों से प्रतिबंध कुछ समय के लिए हटा लिए जाए। सूत्रों की माने तो पिछले दिनों मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक में मंत्रियों को बता दिया था कि चुनावी वर्ष में वे तबादलों से प्रतिबंध नहीं हटा रहे हैं जबकि इसी बैठक में कुछ मंत्रियों ने तबादलों से प्रतिबंध हटाने की आवश्यकता जताई थी। सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री का मानना है कि विधानसभा चुनाव वर्ष में यदि तबादलों से प्रतिबंध हटाया जाएगा तो कई समस्याएं सामने आएगी। तबादलों को लेकर एक ओर जहां पार्टीजनों में असंतोष बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार समेत कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप भी लगेंगे। तबादलों से प्रतिबंध हटाए जाने के बढ़ते दबाव को देखते हुए मु यमंत्री ने इससे संबंधित फाइल सामान्य प्रशासन विभाग से अपने पास बुला ली है। अब उस पर मु यमंत्री को ही निर्णय लेना है।
पार्टी से चर्चा के बाद होगा निर्णय
बताते है कि मुख्यमंत्री चौहान ने बीते दिनों भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर एवं संगठन महामंत्री अरविंद मेनन से लंबी मंत्रणा की जिसमें उमा भारती, प्रभात झा की भोपाल यात्रा के अलावा तबादलों पर भी जबरदस्त मंथन हुआ। बैठक में तय हुआ कि मु यमंत्री चौहान तबादलों को लेकर वरिष्ठ नेताओं एवं मंत्रियों से चर्चा करेंगे। इसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री की मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक से भी चर्चा हो सकती है। गौरतलब है कि राज्य सरकार मई के प्रथम सप्ताह में तबादलों से प्रतिबंध हटाते आई है और मध्य जून तक बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी होती है।
नहीं हुआ प्रमोशन तो जाएंगे कोर्ट
राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के प्रमोशन को लेकर होने वाली तैयारियां मंत्रालय स्तर पर पूरी कर ली गई है। लेकिन इस सेवा के अफसरों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रमोशन सूची जारी नहीं की गई तो वे कोर्ट जाने को बाध्य होंगे। बताते है कि प्रदेश के कार्मिक विभाग ने दो साल से आईएएस बनने का सपना संजो रहे एसएएस सेवा के अफसरों की सूची तैयार कर ली है। गौरतलब है कि पिछले दिनों एसएएस अफसरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मु यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर प्रमोशन को लेकर अपना दुखड़ा सुनाया था। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के समय यह आश्वासन दिया था कि उनकी प्रमोशन संबंधी दिक्कतों का जल्द ही निवारण किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद कार्मिक विभाग हरकत में आया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग ने एसएएस से आईएएस बनने वाले 29 अफसरों की सूची तैयार कर ली है।
भोपाल।
मप्र. में अफसरों के तबादले को लेकर राज्य सरकार में उहापोह की स्थिति बन गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनावी वर्ष में तबादलों से प्रतिबंध नहीं हटाना चाह रहे जबकि मंत्री, सांसद, विधायक एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी मु यमंत्री से यही आग्रह कर रहे हैं कि तबादलों से प्रतिबंध कुछ समय के लिए हटा लिए जाए। सूत्रों की माने तो पिछले दिनों मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक में मंत्रियों को बता दिया था कि चुनावी वर्ष में वे तबादलों से प्रतिबंध नहीं हटा रहे हैं जबकि इसी बैठक में कुछ मंत्रियों ने तबादलों से प्रतिबंध हटाने की आवश्यकता जताई थी। सूत्र बताते है कि मुख्यमंत्री का मानना है कि विधानसभा चुनाव वर्ष में यदि तबादलों से प्रतिबंध हटाया जाएगा तो कई समस्याएं सामने आएगी। तबादलों को लेकर एक ओर जहां पार्टीजनों में असंतोष बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार समेत कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप भी लगेंगे। तबादलों से प्रतिबंध हटाए जाने के बढ़ते दबाव को देखते हुए मु यमंत्री ने इससे संबंधित फाइल सामान्य प्रशासन विभाग से अपने पास बुला ली है। अब उस पर मु यमंत्री को ही निर्णय लेना है।
पार्टी से चर्चा के बाद होगा निर्णय
बताते है कि मुख्यमंत्री चौहान ने बीते दिनों भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर एवं संगठन महामंत्री अरविंद मेनन से लंबी मंत्रणा की जिसमें उमा भारती, प्रभात झा की भोपाल यात्रा के अलावा तबादलों पर भी जबरदस्त मंथन हुआ। बैठक में तय हुआ कि मु यमंत्री चौहान तबादलों को लेकर वरिष्ठ नेताओं एवं मंत्रियों से चर्चा करेंगे। इसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री की मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक से भी चर्चा हो सकती है। गौरतलब है कि राज्य सरकार मई के प्रथम सप्ताह में तबादलों से प्रतिबंध हटाते आई है और मध्य जून तक बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी होती है।
नहीं हुआ प्रमोशन तो जाएंगे कोर्ट
राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के प्रमोशन को लेकर होने वाली तैयारियां मंत्रालय स्तर पर पूरी कर ली गई है। लेकिन इस सेवा के अफसरों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रमोशन सूची जारी नहीं की गई तो वे कोर्ट जाने को बाध्य होंगे। बताते है कि प्रदेश के कार्मिक विभाग ने दो साल से आईएएस बनने का सपना संजो रहे एसएएस सेवा के अफसरों की सूची तैयार कर ली है। गौरतलब है कि पिछले दिनों एसएएस अफसरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मु यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर प्रमोशन को लेकर अपना दुखड़ा सुनाया था। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के समय यह आश्वासन दिया था कि उनकी प्रमोशन संबंधी दिक्कतों का जल्द ही निवारण किया जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद कार्मिक विभाग हरकत में आया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग ने एसएएस से आईएएस बनने वाले 29 अफसरों की सूची तैयार कर ली है।
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