-परेशान हो रहे अधिकारी, 1050 किसानों बदले उपार्जन केंद्र
भोपाल।
जिले के प्रशासनिक अधिकारी अब किसानों के केंद्र परिवर्तन के आवेदनों से परेशान हैं। करीब 1050 किसानों को अब तक केंद्र परिवर्तन किया जा चुका है। २४ जनवरी तक जिले के 47 उपार्जन केंद्रों पर 27013 किसानों का पंजीयन हुआ था। इसको लेकर अब एसडीएम सहित खाद्य विभाग के अधिकारी पशोपेश में हैं।
एसडीएम के किसानों फिर केंद्र बदलवाने आवेदन दिया है। जनवरी में हुए किसानों के पंजीयन के बाद 18 मार्च तक इनकी फसलों का भौतिक सत्यापन हुआ। इसमें 350 किसान ऐसे मिले, जिनके खेत में गेहूं नहीं लगे थे। इनका पंजीयन निरस्त होने के बाद बचे हुए 26663 किसानों को जिले के 47 केंद्रों पर गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए मान्यता मिली। इसके बाद कई किसानों ने शिकायत की थी कि उनका केंद्र बदला जाए। दरअसल, पहले एक दो किसान नहीं पूरा के पूरा गांव बदलने के आदेश हुए थे, जिसमें संशोधन हुआ। इसके बाद एक किसान का भी केंद्र बदला जाने लगा। अब किसानों केंद्र बदली के आवेदन से अधिकारी इसलिए परेशान है कि ऐसा ही चला तो केंद्रों पर गेहूं तुलाई सहित अन्य आंकड़ों की स्थितियों का आकलन नहीं हो पाएगा। इसमें कई दिक्कतें आएंगी।
-परिवर्तन के कई कारण
केंद्र बदली के कई कारण सामने आ रहे हैं। इसमें प्रमुख कारण गेहूं विक्रय के लिए किसानों को कई दिनों तक नंबर आने लिए परेशान होना और केंद्रों से गेहूं का उठावन ठीक समय पर न होना प्रमुख वजह है। वहीं कुछ किसान जल्द बाजी में गेहूं विक्रय करना चाहते हैं, जिसके चलते वे केंद्र परिवर्तन कराना चाहते हैं। ताकी जल्द नंबर आ जाए। हालांकि ऐसा नहीं है, जिन किसानों ने अपना केंद्र परिवर्तन करा लिया है और दूसरी सोसायटी में अपना नाम जुड़वाया है। उस सोसायटी में उनका नंबर तभी आएगा, जब उसमें पंजीकृत किसानों का गेहूं तुल चुका होगा।
-अब तक ८० फीसदी गेहूं का भंडारण
जिला खाद्य विभाग की माने तो जिले में ४७ केंद्रों पर अब तक ८० फीसदी गेहूं की खरीदारी हो चुकी है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक एचएस परमार ने बताया, करीब 11 हजार से अधिक किसानों इन केंद्रों पर गेहूं की बिक्री की है। इसके परिवहन व भंडारण भी लगभग हो चुका है। कुछ क्विंटल गेहूं का परिवहन चल रहा है।
भोपाल।
जिले के प्रशासनिक अधिकारी अब किसानों के केंद्र परिवर्तन के आवेदनों से परेशान हैं। करीब 1050 किसानों को अब तक केंद्र परिवर्तन किया जा चुका है। २४ जनवरी तक जिले के 47 उपार्जन केंद्रों पर 27013 किसानों का पंजीयन हुआ था। इसको लेकर अब एसडीएम सहित खाद्य विभाग के अधिकारी पशोपेश में हैं।
एसडीएम के किसानों फिर केंद्र बदलवाने आवेदन दिया है। जनवरी में हुए किसानों के पंजीयन के बाद 18 मार्च तक इनकी फसलों का भौतिक सत्यापन हुआ। इसमें 350 किसान ऐसे मिले, जिनके खेत में गेहूं नहीं लगे थे। इनका पंजीयन निरस्त होने के बाद बचे हुए 26663 किसानों को जिले के 47 केंद्रों पर गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए मान्यता मिली। इसके बाद कई किसानों ने शिकायत की थी कि उनका केंद्र बदला जाए। दरअसल, पहले एक दो किसान नहीं पूरा के पूरा गांव बदलने के आदेश हुए थे, जिसमें संशोधन हुआ। इसके बाद एक किसान का भी केंद्र बदला जाने लगा। अब किसानों केंद्र बदली के आवेदन से अधिकारी इसलिए परेशान है कि ऐसा ही चला तो केंद्रों पर गेहूं तुलाई सहित अन्य आंकड़ों की स्थितियों का आकलन नहीं हो पाएगा। इसमें कई दिक्कतें आएंगी।
-परिवर्तन के कई कारण
केंद्र बदली के कई कारण सामने आ रहे हैं। इसमें प्रमुख कारण गेहूं विक्रय के लिए किसानों को कई दिनों तक नंबर आने लिए परेशान होना और केंद्रों से गेहूं का उठावन ठीक समय पर न होना प्रमुख वजह है। वहीं कुछ किसान जल्द बाजी में गेहूं विक्रय करना चाहते हैं, जिसके चलते वे केंद्र परिवर्तन कराना चाहते हैं। ताकी जल्द नंबर आ जाए। हालांकि ऐसा नहीं है, जिन किसानों ने अपना केंद्र परिवर्तन करा लिया है और दूसरी सोसायटी में अपना नाम जुड़वाया है। उस सोसायटी में उनका नंबर तभी आएगा, जब उसमें पंजीकृत किसानों का गेहूं तुल चुका होगा।
-अब तक ८० फीसदी गेहूं का भंडारण
जिला खाद्य विभाग की माने तो जिले में ४७ केंद्रों पर अब तक ८० फीसदी गेहूं की खरीदारी हो चुकी है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक एचएस परमार ने बताया, करीब 11 हजार से अधिक किसानों इन केंद्रों पर गेहूं की बिक्री की है। इसके परिवहन व भंडारण भी लगभग हो चुका है। कुछ क्विंटल गेहूं का परिवहन चल रहा है।
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