शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

ैक्यों धीमी गति से हो रहा गेहूं का परिवहन


-कलेक्टर ने मांगा परिवहन कंपनियों से जवाब 
भोपाल। 
उपार्जन केंद्रों से गेहूं के उठावन में तेजी न आने और बार-बार निर्देश के बाद यथा स्थिति रहने के बाद अब कलेक्टर ने जिले में काम कर रही दोनों परिवहन कंपनियों से जवाब तलब किया है। 
कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने मेसर्स ग्लोबस रोड लाईंस और मेसर्स भारत ट्रांसपोर्ट कंपनी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में परिवहन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं। नोटिस में पूछा है, आखिर गेहूं का परिवहन की गति धीमी क्यों है। प्रशानिक जानकारी के अनुसार जिले में गेहूं खरीदी के सभी 47 केंद्रों पर गेहूं खरीदी तेज हो गई है। इसकी के चलते श्री श्रीवास्तव ने प्रथम चरण में गेहूं परिवहन में तेजी लाने दोनों कंपनियों को आवश्यकता के हिसाब से ट्रकों की संख्या बढ़ाकर काम करने को कहा था। बावजूद इसके दोनों ने ही बात का आया गया कर दिया। अब उपार्जन केंद्रों से ही मांग उठ रही है कि गेहूं का उठावन जल्द कराएं। बीते एक सप्ताह में गेहूं का स्टॉक काफी तेजी से बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर गेहूं के परिवहन न होने के चलते खरीदी करने वाली समितियां भी परेशान हैं। 

-अब भी अंतर 
जिले में गेहूं की खरीदी और परिवहन में 25 हजार मेट्रिक टन का अंतर लगातार बना है। प्रशासनिक स्तर पर इस अंतर को खत्म करने निर्देश निर्देश दिए जा चुके हैं। बावजूद इसके परिवहन कंपनियों कोई पहल नहीं की। 10 अप्रैल तक की स्थिति पर गौर करें तो गेहूं की खरीदी 78 हजार 825 मेट्रिक टन हुई थी, लेकिन परिवहन केवल 53 हजार 648 मेट्रिक टन ही हुआ था। इससे साफ है कि 25 हजार मेट्रिक टन गेहूं अभी भी उपार्जन केंद्रों पर ही पड़ा हुआ है। ऐसे में ये अंतर और बढ़ेगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। 

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