सोमवार, 15 अप्रैल 2013

राप्रसे अफसर: सरकार कर रही प्रमोशन में भेदभाव

-18 को बैठक में बनेगी रणनीति 
-उल्टा कर देंगे सरकार का गणित 
भोपाल।
 राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर अब सरकार के खिलाफ आवज मुखर करने की तैयारी कर रहे हैं। अफसरों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्रमोशन में भेदभाव बरत रही है। 18 अप्रैल को बुलाई गई बैठक में स्थिति साफ हो जाएगी। 
सूत्रों की माने तो ऐसा ही रहा तो राप्रसे के अधिकारी सरकार का सारा गणित उल्टा करने का दंभ भर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है प्रदेश में व्यवस्थाएं बनाने में राज्य सरकार के प्रशासनिक क्षेत्र में कार्य करने वाले अफसरों की प्रमुख भूमिका है। बावजूद इसके सरकार प्रमोशन में भेदभाव दिखा रही है। बीते 8 साल से प्रमोशन की बांट जो रहे कई तहसीलदारों का तो अब रिटार्यमेंट ही नजदीक आ गया है। इस मुद़दे को लेकर 15 दिनों में 2 बैठकें राप्रसे अफसर कर चुके हैं। वहीं तहसीलदार और एसडीएम के संघों ने अपना-अपना समर्थन भी दे दिया है। 18 अप्रैल को राजधानी में होने वाली बैठक में आअे की रणनीति तय की जाएगी। जानकारी के अनुसार ऐसा होता है चुनावी वर्ष में इन अफसरों की लामबंदी से सरकार की मुश्किलें भी बढ़ जाएंगी। कारण यही अफसर राज्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। 

नाराजगी का कारण 
राप्रसे के अफसरों ने कहा, हम राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तुलना में लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। 2002 बैच के पुलिस अफसरों को एएसपी बनाया गया है। जबकि 98 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर अपर कलेक्टर नहीं बन पाए हैं। इसी प्रकार 94 बैच के पुलिस अफसरों को चौथा पे-स्केल मिल रहा है,जबकि 88 बैच के राप्रसे के अफसरों को यह पे-स्केल नहीं दिया जा रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर जिले में पदस्थ एसडीएस के मुताबिक, लोक सेवा आयोग में अव्वल आने के बाद भी सरकारी की प्रमोशन नीति के चलते हम मौका नहीं मिल रहा है।

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