- कलेक्टर ने टीएल बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी से पूछा सवाल
- अधिकारी न हीं दे सके जवाब
- जताई नाराजगी, एडीएम को रोज रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
भोपाल।
बताओ त बाकू गुटखा की बिक्री रोकने क्या कार्रवाई की? कितने सेंपल लिए और कितनों के खिलाफ प्रकरण बनाए? कुछ ऐसे ही सवाल कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने टाईम लिमिट (टीएल) की बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से एक एक कर पूछे तो कोई भी इन प्रश्रों का जवाब नहीं दे सका। इस बात पर नाराज कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने साफ कहा कि गुटखें का ड्रग्स की तरह संगठित व्यापार नहीं होता है। इसे रोकना आसान है। अगर आप लोगों ने एक भी व्यापारी के खिलाफ चालान पेश किया होता, तो व्यापारी दूबारा गुट ाा बेचने का भी नहीं सोचता। लेकिन आप है कि काम ही नहीं कर हैं। आगे से ऐसा नहीं चलेगा। प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एडीएम को देनी होगी।
कलेक्टर सभाकक्ष में सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुई टीएल बैठक में सबसे पहले त बाकू गुटखा पाउचों पर प्रतिबंध के बावजूद कार्रवाई न होने का मामला उठा। बैठक में उपस्थित खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस धाकड़ से कलेक्टर ने पूछा कि कितने सेंपल लेते हो? एक सप्ताह में कितने सेंपल लिए? इस पर श्री धाकड़ कोई जवाब नहीं दे सके। उन्होंने फिर पूछा कितने मामलों में अब तक चालान पेश किए हैं? इस पर श्री धाकड़ निरुत्तर ही रहे। इसके बाद श्री श्रीवास्तव ने दूसरे खाद्य सुरक्षा अधिकारी धमेंद्र नुनईया से पूछा कि आप बताएं गुटखे पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है? प्रकरण बनाते हो की नहीं ? इस पर धर्मेन्द्र ने कहा कि प्रकरण बनाए जाते हैं, लेकिन अधिनियम में प्रावधान कम हैं। इस पर कलेक्टर भड़क उठे उन्होंने कहा कि कार्रवाई में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद तंबाकू गुटखों का विक्रय प्रचलन में है । यह गंभीर मामला है। जो भी तंबाकू गुटखों का क्रय विक्रय और व्यवसाय करता है, उसके विरूद्ध नियमानुसार स त कार्रवाई की जाये। यहीं नहंी उन्होंने कहा कि त बाकू गुटखा पाउचों को मंगवाने वाले थोक व्यापारी की भी तलाश की जाए ओर उस पर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने नगर निगम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को चालीस माइक्रोन से कम की पालीथिन के विक्रय पर स ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीशनल कलेक्टर शिल्पा गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ राकेश श्रीवास्तव, एडीएम बसंत कुर्रे और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जरूरत पड़े तो करें बोर अधिगृहण - टीएल बैठक में कलेक्टर ने पीएचई, नगर निगम और नगर पालिका के अफसरों को पानी की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जरूरत पड़े तो बोर अधिगृहित किए जाए। उन्होंने निगम के अफसरों को बोर अधिगृहित करने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा है। इसी तरह अफसरों को बैरसियां में पानी की स्थिति पर रिपोर्ट करने को कहा है। बैठक में बैरागढ़ में एक स्कूल ग्राऊंड में नगर निगम द्वारा पार्क बनाने का मामला सामने आया। इस पर कलेक्टर ने कहा कि पार्क के निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- अधिकारी न हीं दे सके जवाब
- जताई नाराजगी, एडीएम को रोज रिपोर्ट देने के दिए निर्देश
भोपाल।
बताओ त बाकू गुटखा की बिक्री रोकने क्या कार्रवाई की? कितने सेंपल लिए और कितनों के खिलाफ प्रकरण बनाए? कुछ ऐसे ही सवाल कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने टाईम लिमिट (टीएल) की बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से एक एक कर पूछे तो कोई भी इन प्रश्रों का जवाब नहीं दे सका। इस बात पर नाराज कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने साफ कहा कि गुटखें का ड्रग्स की तरह संगठित व्यापार नहीं होता है। इसे रोकना आसान है। अगर आप लोगों ने एक भी व्यापारी के खिलाफ चालान पेश किया होता, तो व्यापारी दूबारा गुट ाा बेचने का भी नहीं सोचता। लेकिन आप है कि काम ही नहीं कर हैं। आगे से ऐसा नहीं चलेगा। प्रतिदिन की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एडीएम को देनी होगी।
कलेक्टर सभाकक्ष में सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुई टीएल बैठक में सबसे पहले त बाकू गुटखा पाउचों पर प्रतिबंध के बावजूद कार्रवाई न होने का मामला उठा। बैठक में उपस्थित खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस धाकड़ से कलेक्टर ने पूछा कि कितने सेंपल लेते हो? एक सप्ताह में कितने सेंपल लिए? इस पर श्री धाकड़ कोई जवाब नहीं दे सके। उन्होंने फिर पूछा कितने मामलों में अब तक चालान पेश किए हैं? इस पर श्री धाकड़ निरुत्तर ही रहे। इसके बाद श्री श्रीवास्तव ने दूसरे खाद्य सुरक्षा अधिकारी धमेंद्र नुनईया से पूछा कि आप बताएं गुटखे पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है? प्रकरण बनाते हो की नहीं ? इस पर धर्मेन्द्र ने कहा कि प्रकरण बनाए जाते हैं, लेकिन अधिनियम में प्रावधान कम हैं। इस पर कलेक्टर भड़क उठे उन्होंने कहा कि कार्रवाई में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद तंबाकू गुटखों का विक्रय प्रचलन में है । यह गंभीर मामला है। जो भी तंबाकू गुटखों का क्रय विक्रय और व्यवसाय करता है, उसके विरूद्ध नियमानुसार स त कार्रवाई की जाये। यहीं नहंी उन्होंने कहा कि त बाकू गुटखा पाउचों को मंगवाने वाले थोक व्यापारी की भी तलाश की जाए ओर उस पर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने नगर निगम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को चालीस माइक्रोन से कम की पालीथिन के विक्रय पर स ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीशनल कलेक्टर शिल्पा गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ राकेश श्रीवास्तव, एडीएम बसंत कुर्रे और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जरूरत पड़े तो करें बोर अधिगृहण - टीएल बैठक में कलेक्टर ने पीएचई, नगर निगम और नगर पालिका के अफसरों को पानी की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जरूरत पड़े तो बोर अधिगृहित किए जाए। उन्होंने निगम के अफसरों को बोर अधिगृहित करने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा है। इसी तरह अफसरों को बैरसियां में पानी की स्थिति पर रिपोर्ट करने को कहा है। बैठक में बैरागढ़ में एक स्कूल ग्राऊंड में नगर निगम द्वारा पार्क बनाने का मामला सामने आया। इस पर कलेक्टर ने कहा कि पार्क के निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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