बुधवार, 10 अप्रैल 2013

प्रशासनिक अफसर भी बजाएंगे चुनावी ड्यूटी


निगरानी तंत्र को दमदार बनाने चुनाव आयोग का निर्णय
भोपाल। 
प्रदेश सहित अन्य राज्यों में साल के आखिरी महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव और छह माह बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर भी ड्यूटी बजाएंगे। 2007 के बाद एक बार फिर निर्वाचन आयोग ने चुनावों के दौरान निगरानी तंत्र को और दमदार बनाने के लिए अखिल भारतीय सेवा के अफसरों के साथ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में छह अफसरों को भेजा जा रहा है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग से नाम लेकर दिल्ली निर्वाचन आयोग को भेजा भी जा चुका है। मु य निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस बार चुनाव में आयोग का निगरानी तंत्र तगड़ा रहेगा। इसीलिए अखिल भारतीय सेवा के साथ राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा। इसके लिए अभी से आयोग ने सूचियां तैयार रखने का के निर्देश दिए है। इसीलिए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश के अधिकारियों को भेजने के लिए मु य सचिव से नाम मांगे गए थे। बताया जा रहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने मु य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के मार्फत छह राप्रसे और अखिल भारतीय वन सेवा के अफसरों के नाम भेज दिय है। 
आयोग करेगा समीक्षा
विधानसभा चुनाव के पहले चुनावी तैयारियों की समीक्षा केंद्रीय निर्वाचन आयोग पहली समीक्षा 24-25 अप्रैल को करेगा। इसके लिए आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त सुधीर त्रिपाठी आएंगे। पहले दिन संभागायुक्त,कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से वीडियों कांफे्रसिंग के जरिए तैयारियों पर बात की जाएंगी। 

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