-लागू हुई नई कलेक्टर गाइडलाइन
भोपाल।
नई गाइडलाइन लागू होने हर साल जमीन की दरों में इजाफा होता है, लेकिन इस बार गाइडलाइन में छूट खत्म होने से कृषि भूमियों के भाव भी आसमान पर पहुंच गए हैं। सोमवार को नई गाइडलाइन प्रभावी हो गई। इसमें प्रावधान किया है, जो गांव पॉश कालोनियों से सटे होंगे। वहां कृषि भूमि की दरें पॉश कालोनी की दरों का आधार पर लगाई जाएगी। वहीं नगर निगम से गांवों में भी बढ़ोत्तरी साफ दिखाई दे रही है।
इसके साथ नवीन बायपास, नीलबढ़-रातीबढ़, सीहोर रोड, होशंगाबाद रोड पर लगी ग्रामों की जमीनों की कीमतों दोगुना तक वृद्धि हो गई है। गाइडलाइन को देख यह स्पष्ट हो जाता है ग्रामीण क्षेत्र में चाहे भूमि कृषि योग्य हो अथवा सिंचित-असिंचित यहां 15 से 150 फीसदी तक रेट में इजाफा किया गया है। वृद्धि के पीछे भी अधिकारियों का तर्क है कि वृद्धि केवल उन्हीं क्षेत्रों में की गई है जहां पर डेवलपमेंट व नवीन कालोनियों का निर्माण हो रहा है। पर ऐसा नहीं है, वस्तु स्थिति गाइडलाइन में उलट ही है।
-ऐसे लगाए हिसाब
१ अप्रैल से लागू हुई नई गाइडलाइन में सेमरा सैय्यद की कृषि भूमियों को देखें तो यहां 40 लाख रुपए प्रति हेक्टेटेयर दरें निर्धारित कर दी गई हैं। पूर्व में यहां असंचित भूमि के दाम १२ लाख रुपए प्रति हेक्टेयर थे। इस तरह इस क्षेत्र में जमीनों के रेट में सिंचित के हिसाब से 120 प्रतिशत तथा असिंचित भूमि के हिसाब से तीन गुने से अधिक वृद्धि हुई है। यही स्थिति गढ़मुर्रा, पिपलिया जाहिरपीर व सूखी सेवनिया की है। यहां पर भी सिंचित के रेट से दो गुना तथा असिंचित की कीमतों से ढाई से तीन गुना वृद्धि की गई है।
-सवाल मेंडोरा-मेडोरी पर
नई कलेक्टर गाइडलाइन में सवाल भी खड़ा हो गया है। वह ये कि मेंडोरा-मेंडोरी की जमीनों के रेट में वृद्धि नहीं की गई है। ऐसा क्यों जबकि अधिकांश क्षेत्र में सर्वाधिक आईएएस, आईपीएस, नेता-मंत्री और जनप्रतिनिधियों के फार्महाउस, प्लॉट व जमीनें हैं। इन जमीन के दाम 75 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर रखे गए हैं। वहीं पूर्व में 66 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर रेट रखे गए थे। इस तरह मेंडोरा-मेंडोरी में अधिक विकास होने तथा अधिकारियों द्वारा मकान बनाए जाने के बावजूद भी जमीनों के रेट नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो इसी प्रकार का दबाव रिवेयरा कालोनी के रेटों में कम वृद्धि करने के लिए भी बनाया गया था। यहां 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।
गांव में जमीनों के भाव
ग्रामीण क्षेत्र - वर्ष 2012-13 के दाम - वर्ष 2013-14 के दाम
गढमुर्रा - 15 लाख रुपए - 40 लाख रुपए
पिपलिया जाहिरपीर - 20 लाख रुपए - 50 लाख रुपए
सू ाी सेवनिया - 20 लाख रुपए - 50 लाख रुपए
सेमरा सैय्यद - 12 ला ा रुपए - 40 लाख रुपए
बर्राई - 1.50 करोड़ रुपए - 1.87 करोड़ रुपए
छान - 1.50 करोड़ रुपए - 1.72 करोड़ रुपए
कटारा - 1.50 करोड़ रुपए - 2 करोड़ रुपए
इमलिया - 15 लाख रुपए - 40 लाख रुपए
पिपलिया बाज खां - 50 लाख रुपए - 85 लाख रुपए
श्यामपुर - 15 लाख रुपए - 40 लाख रुपए
कुराना - 45 लाख रुपए - 60 लाख रुपए
सनखेड़ा - 2 करोड़ रुपए - 2.40 करोड़ रुपए
दामखेड़ा - 2 करोड़ रुपए - 2.50 करोड़ रुपए
बंजारी - 2 करोड़ रुपए - 2.50 करोड़ रुपए
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