-नियामक आयोग बनेगा तभी कोयले पर नियंत्रण होगा
-ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने पत्रकारवार्ता में कहा
भोपाल।
मप्र सरकार की इच्छा शक्ति मजबूत है। पिछली सरकारों ने प्रदेश को बिजली संकट से उबारने के बारे में कभी नहीं सोचा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की दृण इच्छा शक्ति की बदौलत आज हम 'अटल ज्योति अभियानÓ के जरिए जिलों में २४ घंटे बिजली देने हम अग्रसर हो रहे हैं। ये बात ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भेल दशहरा मैदान में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
इस दौरान पारंपरित स्त्रों के संबंध में उठाए एक सवाल के जवाब में वे बोले बीते तीन सालों से कोल आवंटन को लेकर इंडिया की बैठक नहीं हुई है। देश में कोयले की कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार को नियामक आयोग का गठन करना चाहिए। इससे कोल कंपनियां अपनी मंशा अनुसार कीमतों में बढ़ोत्तरी नहीं कर सकेंगे। आयोग गठन की मांग बीते माह दिल्ली में आयोजित सभी राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में उठ चुकी है। वर्तमान में बैंक, बीमा, पेट्रोल क्षेत्र के लिए नियामक आयोग काम कर रहा है। बैठक न होने से पॉवर प्लॉट के काम अटक गए हैं। नियंत्रण न होने से कोल इंडिया अपनी इच्छा से जब चाहे तब दाम कोयले के दाम बढ़ा देती है। इससी से बिजली का टैरिफ गड़बड़ा जाता है।
केंद्र करती है भेदभाव
मप्र को वर्तमान में १७ मिलियन टन की आवश्यकता है, जबकि १३ मिलियन टन कोयला ही मिल रहा है। इसके लिए श्री शुक्ला ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया। वे बोले 20 जनवरी से जबलपुर से अटल ज्योति अाियान के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति की शुरूआत हो चुकी है। इसी क्रम में 2 अप्रैल को भोपाल में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम अटल ज्योति अाियान का शुाारंभ करेंगे। जिसके तहत 24 घंटे बिजली दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अप्रैल में 18 जिलों में अटल ज्योति अभियान की शुरूआत होगी। कुछ जिलों में मई से 24 घंटे बिजली दी जाएगी। शेष जिलों में जून तक 24 घंटे बिजली की आपूर्ति कर दी जाएगी। श्री शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में बिजली की उपलब्धता 10243 मेगावाट है। जबकि अधिकतम मांग 7500 मेगावाट है। दिसंबर 2013 तक मप्र बिजली बेचने की स्थिति में होगा।
पूरा सरचार्ज माफ
बिजली सरचार्ज को लेकर भी शुरुआत हो गई है। १ अप्रैल से किसानों के लिए फ्लैट रेट योजना शुरू हो चुकी है। इसके तहत 28 फरवरी तक की बकाया मूल रकम का 50 प्रतिशत जमा करने पर पूरा सरचार्ज माफ होगा। शेष आधी राशि राज्य शासन जमा करेगी।
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