-सर्किल देखगी सारे खूफिया काम, विश्नोई को सौंपा आयकर निदेशक का अतिरिक्त प्रभार
भोपाल।
देश के बड़े राज्यों की तरह अब मप्र में कर चोरी के प्रकरण 'सेंट्रल सर्किल' शाखा देखेगी। आयकर के दफ्तर में ही इस नई शाखा का गठन किया गया है। इसके लिए बकायदा अधिसूचना जारी हो चुकी है।
ऐस वित्तिय वर्ष (31 मार्च) पूरा होने के बाद भी कर जमा न करना अथवा किसी प्रकार की कागजी बहाना बताने को रोकना है, जिससे सरकार को निश्चित अवधि में कर प्राप्त हो सके। यह मप्र में आयकर छापामारी से संबंधित मामलों के टैक्स निर्धारण और वसूली का पूरा जिम्मा संभालेगी। विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग के अंतर्गत काम करने वाली इस शाखा के गठन को समय प्रबंधन को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
-इन कामों का होगा स्थानांतरण
इस साल 31 मार्च तक जिन प्रकरणों का असेसमेंट और टैक्स निर्धारण हो चुका है। इसके बाद वाले सभी प्रकरण अब सेंट्रल सर्किल को स्थानांतरित हो जाएंगे। अब तक इन सभी मामलों का निर्धारण कमिश्नर असेसमेंट के ऑफिस से होता आ रहा है। इस तरह की व्यवस्था मप्र के इतिहास में पहली बार हो रही है। सीबीडीटी ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दिया है। यहां आयकर निदेशक बीडी विश्नोई को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ये शाखा छापों के साथ ही ऐसे प्रकरणों की भी गहन छानबीन करेगी जो उसे अतिरिक्त दिए जाएंगे। वहीं खुद से भी ये प्रकरणों की छानबीन करेगी।
-होगा कर निर्धारण, महानिदेशक करेंगे निगरानी
आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग ने मप्र-छत्तीसगढ़ में बीते डेढ़ साल में जिने भी जितनी भी छापामार कार्रवाई की है, उनका कर निर्धारण नहीं हुआ है। इसे अब नई शाखा देखेगी। आने वाले माह मई तक इसका पूरा सेटअप पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। दफ्तर में जहां कमिश्नर होंगे, वहीं अन्य अधिकारी अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे। इस माह के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आयकर महानिदेशक इंवेस्टीगेशन के मातहत ही सेंट्रल सर्किल का कमिश्नर का पद रहेगा। स्थिति साफ है, अब छापा मारने और कर निर्धारण दोनों कार्रवाई की निगरानी महानिदेशक करेंगे। अभी ये दोनों शाखाएं अलग-अलग अफसरों के अधीन थीं।
-विशेष मामले भी होंगे हाथ में
इस शाखा को विशेष मामले भी सौंपे जाएंगे। इनमें आयकर विभाग के ऐसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले भी होंगे, जिनमें विशेष छानबीन की दरकार है। मप्र-छग के जिलों में इस पखवाड़े ही चर्चित मामलों की पड़ताल सेंट्रल सर्किल को स्थानांतरित हो जाएगी। वहीं जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, रायपुर एवं बिलासपुर से संबंद्ध भी कुछ मामलों की टैक्स निर्धारण की छानबीन चल रही है। इन्हें भी सेंट्रल सर्किल के हवाले कर दिए जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस वित्तिय वर्ष में ही हजारों करोड़ रुपए की टैक्स वसूली सामने आ रही है। वहीं फाइलें अगर खांगाली जाती हैं तो कुछ टैक्स वसूली भी सामने आने की संभावना है।
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