- नगर निगम के अतिक्रमण अमले ने की कार्रवाई
भोपाल। होशंगाबाद रोड स्थित अवैध रूप से बनाए गए मधुवन मैरिज गार्डन को नगर निगम अमले ने जमींदोज कर दिया है। निगम अमले ने यह कार्रवाई दोपहर में की। दल-बल के साथ पहुंचे निगम के आला अधिकारियों ने बताया कि मधुवन मैरिज गार्डन निगम की बिना परमिशन के बनाया गया था, इसके चलते यह कार्रवाई की गई है। इधर गार्डन संचालक शैलेंद्र शुक्ला का कहना है कि इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है, इसके बावजूद निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के गार्डन को जमीदोंज कर दिया है।
अवैध रूप से बनाए गए मैरिज गार्डनों के खिलाफ नगर निगम ने मोर्चा खोलते हुए बुधवार को होशंगाबाद रोड पर स्थित मधुबन मैरिज गार्डन के खिलाफ भी कार्रवाई कर डाली। दोपहर करीब दो बजे मौका स्थल पर पहुंचे निगम के अतिक्रमण अमले ने गार्डन से सामान निकालना शुरू कर दिया। गार्डन के संचालक शुक्ला कुछ समझ पाते इसके पहले ही निगम की जेसीबी ने गार्डन के गेट को तोडऩा शुरू कर दिया। देखते ही देखते डेढ़ एकड़ में बना पूरा गार्डन मैदान में बदल गया। निगम प्रशासन की माने तो मधुवन मैरिज गार्डन का निर्माण डीएस शुक्ला नाम के व्यक्ति ने कराया है। खास बात तो यह है कि उनके पास न तो इस गार्डन के निर्माण के लिए टीएंडसीपी से लेआउट की मंजूरी है और न ही निगम से बिल्डिंग परमिशन। इस बात की लोकायुक्त में शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया था कि करीब डेढ़ एकड़ जमीन में से 5 हजार वर्ग फीट पर पक्का निर्माण बिना अनुमति के किया गया। इस आधार पर निगम अमले ने तीन जेसीबी मशीन की मदद से पक्के निर्माण को तोड़ दिया।
नहीं दी पूर्व सूचना -
गार्डन संचालक श्री शुक्ला का कहना है कि गार्डन की जमीन कांग्रेसी नेता महेंद्र सिंह चौहान के नाम से है। उन्होनें यह जमीन किराए पर ली है। करीब डेढ़ माह पहले नगर निगम ने गार्डन के अवैध होने और तोडऩे के नोटिस जारी किए थे। इसके बाद से मामला न्यायालय में चल रहा है। बुधवार को निगम का अमला बिना किसी सूचना के पहुंच गया और गार्डन को तोडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी। श्री शुक्ला का कहना है कि जब अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई गई तब उन्होंने गार्डन तोडऩे का परमिशन लेटर थमा दिया। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि गार्डन संचालक को तीन बार नोटिस दिया जा चुका है।
कहां से चुकाउंगा उधारी का पैसा -
गार्डन संचालक शैलेन्द्र शुक्ला का कहना है कि किराए पर ली गई जमीन पर मैरिज गार्डन बनाने से लेर सजावट तक पर करीब 25 लाख रुपए खर्च किया है। इसके लिए राशि उधार भी ली है। अब जब गार्डन की बुकिंग हो चुकी थी, तभी पूरा गार्डन तहस नहस हो गया है। बुकिंग वाले ही नहीं उधारी वाला भी पैसा मांग रहा है। मैं यह राशि कहां से चुकाउंगा।
भोपाल। होशंगाबाद रोड स्थित अवैध रूप से बनाए गए मधुवन मैरिज गार्डन को नगर निगम अमले ने जमींदोज कर दिया है। निगम अमले ने यह कार्रवाई दोपहर में की। दल-बल के साथ पहुंचे निगम के आला अधिकारियों ने बताया कि मधुवन मैरिज गार्डन निगम की बिना परमिशन के बनाया गया था, इसके चलते यह कार्रवाई की गई है। इधर गार्डन संचालक शैलेंद्र शुक्ला का कहना है कि इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है, इसके बावजूद निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के गार्डन को जमीदोंज कर दिया है।
अवैध रूप से बनाए गए मैरिज गार्डनों के खिलाफ नगर निगम ने मोर्चा खोलते हुए बुधवार को होशंगाबाद रोड पर स्थित मधुबन मैरिज गार्डन के खिलाफ भी कार्रवाई कर डाली। दोपहर करीब दो बजे मौका स्थल पर पहुंचे निगम के अतिक्रमण अमले ने गार्डन से सामान निकालना शुरू कर दिया। गार्डन के संचालक शुक्ला कुछ समझ पाते इसके पहले ही निगम की जेसीबी ने गार्डन के गेट को तोडऩा शुरू कर दिया। देखते ही देखते डेढ़ एकड़ में बना पूरा गार्डन मैदान में बदल गया। निगम प्रशासन की माने तो मधुवन मैरिज गार्डन का निर्माण डीएस शुक्ला नाम के व्यक्ति ने कराया है। खास बात तो यह है कि उनके पास न तो इस गार्डन के निर्माण के लिए टीएंडसीपी से लेआउट की मंजूरी है और न ही निगम से बिल्डिंग परमिशन। इस बात की लोकायुक्त में शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया था कि करीब डेढ़ एकड़ जमीन में से 5 हजार वर्ग फीट पर पक्का निर्माण बिना अनुमति के किया गया। इस आधार पर निगम अमले ने तीन जेसीबी मशीन की मदद से पक्के निर्माण को तोड़ दिया।
नहीं दी पूर्व सूचना -
गार्डन संचालक श्री शुक्ला का कहना है कि गार्डन की जमीन कांग्रेसी नेता महेंद्र सिंह चौहान के नाम से है। उन्होनें यह जमीन किराए पर ली है। करीब डेढ़ माह पहले नगर निगम ने गार्डन के अवैध होने और तोडऩे के नोटिस जारी किए थे। इसके बाद से मामला न्यायालय में चल रहा है। बुधवार को निगम का अमला बिना किसी सूचना के पहुंच गया और गार्डन को तोडऩे की कार्रवाई शुरू कर दी। श्री शुक्ला का कहना है कि जब अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई गई तब उन्होंने गार्डन तोडऩे का परमिशन लेटर थमा दिया। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि गार्डन संचालक को तीन बार नोटिस दिया जा चुका है।
कहां से चुकाउंगा उधारी का पैसा -
गार्डन संचालक शैलेन्द्र शुक्ला का कहना है कि किराए पर ली गई जमीन पर मैरिज गार्डन बनाने से लेर सजावट तक पर करीब 25 लाख रुपए खर्च किया है। इसके लिए राशि उधार भी ली है। अब जब गार्डन की बुकिंग हो चुकी थी, तभी पूरा गार्डन तहस नहस हो गया है। बुकिंग वाले ही नहीं उधारी वाला भी पैसा मांग रहा है। मैं यह राशि कहां से चुकाउंगा।
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