- 19 अप्रैल तक 90 प्रतिशत परिवहन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
भोपाल।
बार-बार निर्देश के बाद भी गेहूं के धीमी परिवहन गति पर कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव बिफर पड़े। उन्होंने गेहूं उपार्जन व परिवहन से जुड़े सभी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पूछा कि बताएं आखिर परिवहन में समस्या कहां आ रही है? इस पर कोई भी अधिकारी जवाब नहीं दे सका। उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देश देने के बाद ाी परिवहन का ढर्रा पटरी में नहीं आ पा रहा है। इससे अफसरों की लापरवाही उजागर होती है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वह 17 अप्रैल तक 80 प्रतिशत व 19 अप्रैल तक 90 प्रतिशत गेहूं का परिवहन कर उसे सुरक्षित जगह रखवाएं। यहीं नहंी इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।
कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने यह निर्देश जिले के 47 उपार्जन केंद्रों पर चल रही गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारियों ने बताया कि गेहूं के परिवहन में तेजी लाने के लिए दोनों परिवहन कंपनियों को नोटिस जारी किया जा चुका है। वहीं वेयरहाउसिंग के अधिकारी को भी नोटिस दिया गया है। इस पर कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि यदि नोटिस के बाद भी परिवहन व्यवस्था में सुधार न हो तो उन पर कार्रवाई की जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भोपाल जिले में गेहूं परिवहन का प्रतिशत 68.33 है, जो कि रायसेन से बेहतर है।
बढ़ता ही जा रहा अंतर - गेहूं की खरीदी मात्रा व परिवहन में जहां गत सप्ताह 25 हजार मेट्रिक टन का अंतर लगातार बना हुआ था, वह इस ह ते बढ़कर 32 हजार मेट्रिक टन पहुंच गया। इस अंतर को खत्म करने के लिए निर्देश ाी जारी हो चुके हैं, बावजूद इसके परिवहन कंपनियां इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। 15 अप्रैल तक की स्थिति में गेहूं की खरीदी 102073 हजार मेट्रिक टन थी और इसमें से परिवहन केवल 69 हजार 754 मेट्रिक टन ही हुआ था। यह साफ दर्शाता है कि 32 हजार मेट्रिक टन गेहूं अभी भी उपार्जन केंद्रों पर ही पड़ा हुआ है। कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने इस स्थिति को देखते हुए 19 अप्रैल तक 90 प्रतिशत गेहूं का परिवहन कराए जाने के निर्देश दिए।
कैप और शेड में करें भंडारण -
बैठक में परिवहन करने वाली कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि गेहंू परिवहन में तभी तेजी आ सकती है जब गेहूं अनलोड होने के पर्याप्त केंद्र हों। बोरियों से लदे ट्रकों को गेहूं अनलोड करने के लिए घंटों खड़े रहना पड़ता है। इस पर कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि वह करोंद मंडी, भैसाखेडी मंडी व मुगालिया कोट में ओपन कै प व शेड में गेहूं संग्रहित करके रखने की व्यवस्था करें।
भोपाल।
बार-बार निर्देश के बाद भी गेहूं के धीमी परिवहन गति पर कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव बिफर पड़े। उन्होंने गेहूं उपार्जन व परिवहन से जुड़े सभी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पूछा कि बताएं आखिर परिवहन में समस्या कहां आ रही है? इस पर कोई भी अधिकारी जवाब नहीं दे सका। उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देश देने के बाद ाी परिवहन का ढर्रा पटरी में नहीं आ पा रहा है। इससे अफसरों की लापरवाही उजागर होती है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वह 17 अप्रैल तक 80 प्रतिशत व 19 अप्रैल तक 90 प्रतिशत गेहूं का परिवहन कर उसे सुरक्षित जगह रखवाएं। यहीं नहंी इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।
कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने यह निर्देश जिले के 47 उपार्जन केंद्रों पर चल रही गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारियों ने बताया कि गेहूं के परिवहन में तेजी लाने के लिए दोनों परिवहन कंपनियों को नोटिस जारी किया जा चुका है। वहीं वेयरहाउसिंग के अधिकारी को भी नोटिस दिया गया है। इस पर कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि यदि नोटिस के बाद भी परिवहन व्यवस्था में सुधार न हो तो उन पर कार्रवाई की जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भोपाल जिले में गेहूं परिवहन का प्रतिशत 68.33 है, जो कि रायसेन से बेहतर है।
बढ़ता ही जा रहा अंतर - गेहूं की खरीदी मात्रा व परिवहन में जहां गत सप्ताह 25 हजार मेट्रिक टन का अंतर लगातार बना हुआ था, वह इस ह ते बढ़कर 32 हजार मेट्रिक टन पहुंच गया। इस अंतर को खत्म करने के लिए निर्देश ाी जारी हो चुके हैं, बावजूद इसके परिवहन कंपनियां इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। 15 अप्रैल तक की स्थिति में गेहूं की खरीदी 102073 हजार मेट्रिक टन थी और इसमें से परिवहन केवल 69 हजार 754 मेट्रिक टन ही हुआ था। यह साफ दर्शाता है कि 32 हजार मेट्रिक टन गेहूं अभी भी उपार्जन केंद्रों पर ही पड़ा हुआ है। कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने इस स्थिति को देखते हुए 19 अप्रैल तक 90 प्रतिशत गेहूं का परिवहन कराए जाने के निर्देश दिए।
कैप और शेड में करें भंडारण -
बैठक में परिवहन करने वाली कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि गेहंू परिवहन में तभी तेजी आ सकती है जब गेहूं अनलोड होने के पर्याप्त केंद्र हों। बोरियों से लदे ट्रकों को गेहूं अनलोड करने के लिए घंटों खड़े रहना पड़ता है। इस पर कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि वह करोंद मंडी, भैसाखेडी मंडी व मुगालिया कोट में ओपन कै प व शेड में गेहूं संग्रहित करके रखने की व्यवस्था करें।
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