- अब तक आए 20 से अधिक आवेदन
भोपाल।
किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया के बाद बाकायदा पटवारियों व तहसीलदारों ने किसानों की जमीनों का सर्वे कर गेहूं की रकबे का भौतिक सत्यापन किया, लेकिन अब उसमें भी गड़बडिय़ां सामने आ रही हैं। कुछ किसानों के गेहूं के रकबे की जांच के दौरान गलत आंकड़े चढ़ गए थे या फिर जबरन गलत जानकारी चढ़ा दी थी। अब किसान उन रकबों में संशोधन कराने के लिए कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि अब तक करीब 20 से अधिक किसान रकबे में संशोधन को लेकर आवेदन कर चुके हैं। इनमें से अधिकतर लोगों के रकबे में सुधार भी हो चुका है। यही नहीं वर्तमान में लगातार आवेदन आ भी रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार भोपाल जिले में 24 जनवरी तक 47 केंद्रों पर कराए गए किसानों के पंजीयन के दौरान 27013 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था। इसके बाद जब इन सभी किसानों के खेतों में लगी गेहूं की फसल का भौतिक सत्यापन किया गया तो पता चला कि 350 किसानों ने फर्जी तरीके से अपना पंजीयन कराया है। उनके खेत में तो गेहूं ही नहंी लगा हुआ है। इसके चलते सभी 350 किसानों के पंजीयन निरस्त कर दिए गए। इसके अतिरिक्त भौतिक सत्यापन में करीब 7407 किसानों के गेहूं के रकबे में अंतर पाया गया। इसके चलते उनके रकबे में परिवर्तन किया गया। अब हालात यह है कि कुछ किसानों के खेत में भौतिक सत्यापन के बाद दर्शाए गए रकबा कम नजर आ रहा है। इसके चलते किसानों ने अपने गेहूं के रकबे में सुधार कराने की मुहिम छेड़ दी है। अब तक करीब 20 से अधिक किसान रकबे में परिवर्तन को लेकर कलेक्टर कार्यालय में आवेदन कर चुके हैं। इनमें से कुछ लोगों के आवेदन के आधार पर रकबे में संशोधन भी हो गया है।
इन क्षेत्रों के रकबे में हुआ परिवर्तन -
- जीरापुर व भौंरी के 6 किसानों के
- हुजूर ग्रामीण क्षेत्र के 12 किसानों के
- बड़वई व खजूरी खुर्द के दो किसानों के
पंजीयन के लिए अभी ाी आ रहे आवेदन -
खाद्य विभाग की माने तो डेढ़ माह से अधिक समय देने के बाद भी कुछ किसान अभी भी अपना पंजीयन कराने के लिए कलेक्टर कार्यालय में आ रहे हैं। वर्तमान में करीब ऐसे तीन से चार आवेदन आ चुके हैं। इन सभी किसानों के आवेदन लेकर रख लिए गए हैं। जल्द ही इनका निराकरण किया जाएगा।
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