मप्र अल्पसंख्यक कांग्रेस कमेटी में कार्यकारिणी सदस्य और अल्पसंख्यक नेता की इन दिनों 'राजाजी' साहब मतलब दिग्विजय सिंह में आस्था जागी है। दरअलस, नेताजी में आस्था का बदलाव उनके शुभचिंतकों, राजनीतिक पंडितों और विश्लेषकों की बात सुनकर किया है।
हालांकि नेताजी में आस्था का बदलाव पहली बार नहीं हुआ है। वे समय-समय पर यह बदलाव करते रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की माने तो इस पर मांजरा पुख्ता तथ्यों के आधार पर बदला है। नेताजी बीते कुछ दिनों से मध्य विधानसभा क्षेत्र से टिकट पाने जी-जान से लगे हुए हैं। इसके लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। बीते सप्ताह नेताजी ने टिकट के लिए कांतिलाल भूरिया को बायोडाटा सौंप दिया था पर दाल नहीं गली। इसके बाद वे उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी से सिफारिस करना चा रहे थे। वे ऐसा कराते इससे पहले राजनीतिक पंडितों और विश्लेषकों ने बताया कि उनकी शिफारिस पर जिसको भी टिकट मिला है वह बुरी तरह से हारा है। गौर करें, इनकी धर्म पत्नी और नेताजी को शतकवीर भी कहा जाता है। दोनों ने पार्षद के चुनाव में 100-100 वोट हासिल कर कांग्रेस की जमानत तक जब्त करा दी थी।
कौन-कौन कब हारा
नाम क्षेत्र टिकट श्रेणी वर्ष
पुरुषोत्म गुप्ता बरेखेड़ी पार्षद 1999
दीपचंद यादव दक्षिण-पश्चिम विधायक 2008
हैदर यार कोहेफिजा पार्षद 1994
साबिया खान कमला पार्क पार्षद 2009
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