शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

समीक्षा करें क्यों किया दोषमुक्त : कलेक्टर , भोपाल


सनसनीखेज और जघन्य अपराधों के मामलों में जिन आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है, ऐसे प्रकरणों समीक्षा करें। कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने यह निर्देश शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जघन्य एवं सनसनीखेज गंभीर अपराधों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। 
बैठक में बताया, ऐसे 37 प्रकरणों में से दस में दोषमुक्ति का निर्णय हुआ है। यह निर्णय हालही के हैं। इसकी अब जिला लोक अभियोजक अधिकारी स्वयं प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा करेंगे। कलेक्टर ने कहा, ये देंखे कि कहीं विवेचना अथवा पैरवी में कहीं कमी तो नहीं रह गई। बैठक में एडीशनल कलेक्टर श्रीमती शिल्पा, पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सुशांत सक्सेना, एडीएम उमाशंकर भार्गव, डीडीपी राजेश रायकवार, डीपीओ केपी राय, एसडीएम एएस पवार, सुनील दुबे, राजेश श्रीवास्तव, एजीपी राजेंद्र गिरी, पीएन सिंह, कमल वर्मा और एमएल राय मौजूद थे। 

गवाही कारगर हो 
जघन्य और सनसनीखेज गंभीर अपराधों में गिरफ्तारी नहीं होने के चलते न्यायालय में चालान प्रस्तुत नहीं किए जाने के संबंध में चर्चा की गई । कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाने या प्रकरण में विलंब होने पर गवाहों के कथन प्रभावित होने की गुंजाइश पैदा होती है ।  कर्इं बार तो गवाह ट्रायल के दौरान पहुंच भी नहीं पाते । ऐसे में यह जरूरी है कि प्रकरण में गवाहों के कथन न्यायालय में रिकार्ड हो जाएं और इसके लिए यह भी जरूरी है कि प्रकरण में समय रहते वैधानिक कदम शीघ्रता से उठाए जायें । हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में अपराधी का तत्परता से पकड़ा जाना जरूरी होता है । जरूरी यह भी है कि गवाही कारगर बने जिससे अपराधी को उसके अपराध की सजा जरूर मिले। इस सब कार्रवाई में यह खास बात है कि गवाहों के कथन न्यायालय में समय रहते रिकार्ड हो जाएं । 

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