मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

परमिट जहां से वहीं से चलाएं बसें : कमिश्नर

-जरूरी तौर पर परमिट पर लिखना होगा बस स्टैंड का नाम
भोपाल। 
जहां जिस बस रूट निर्धारित किया गया और जो परमिट है उसका वहीं से संचालन किया जाए। शहर के अन्य रूटों पर वे न दिखें ऐसी सख्ती बरती जाए। कमिश्नर एसबी सिंह ने यह निर्देश क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को दिए। सोमवार को कमिश्नर कार्यालय में यातायात समिति की बैठक आयोजित की गई। 
इसमें कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जिन बसों को शहर के भीतर का परमिट नहीं है वह अनावश्यक रूप से शहर में नहीं घुसेगी। बायपास से सीधे अपने गंतव्य की ओर जाएंगी। वहीं अब अलग-अलग रूट पर चलने वाली बसों के परमिट पर ही उस बस स्टैंड का नाम लिखना होगा, जहां से उसका संचालन किया जाएगा।
बसें अपने नोटीफाइड बस स्टैण्ड के अलावा किसी अन्य बस स्टैण्ड तक किसी भी सूरत में नहीं जाएगी। निर्धारित रूट न चलने वाली बसों को जप्त किया जाएगा। श्री सिंह ने आरटीओ को निर्देशित किया कि जिन सिटी बसों के परमिट निरस्त हो चुके हैं उन पर सतत निगाह रखी जाकर यह देखा जाए कि वे संचालन में तो नहीं है। अब तक 277 बसों के परमिट रूट के हिसाब से निरस्त किए गए हैं। समिति की बैठक में आईजी उपेंद्र जैन, डिप्टी कमिश्नर उर्मिला शुक्ला, कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव, नगर निगम कमिश्नर विशेष गढ़पाले, आरटीओ एमएल सोनी, एएसपी ट्रैफिक मोनिका शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

-चेसिस नंबर बनाए सीडी 
श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा सभी बिन्दुओं पर अभियान चलाया जाए, लेकिन खानापूर्ति भर नहीं की जाए। अभियान पूरे होमवर्क के साथ चलाया जाये। नोटिस समय पर दिए जाएं, अनियमितता की स्थिति में कोई एक्सक्यूज नहीं माना जाये। वाहन की जानकारियां अपडेट की जाकर उनके न बर और चेसिस नंबर की सीडी तैयार करा ली जाए, जिससे जांच के दौरान यह सही पता लगाया जा सके कि जिस वाहन की जांच की जा रही उसकी असलियत क्या है। यह जानकारी भी रखी जाये कि किस रूट पर कितनी परमिटेड बसें या आटो मैजिक संचालित हैं। 

-वैरीफिकेशन होगा गार्डन का 
मैरिज गार्डन में पार्किंग व्यवस्था का मामला भी उठा। संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा,  मैरिज गार्डंस का वैरीफिकेशन किया जाए। इसमें यह जानकारी ली जाए कि उन्होंने इसकी अनुमति ली है या नहीं। यही नहीं उनसे डिक्लेरेशन लिया जाएगा कि उनके पास पार्किग की क्या व्यवस्था है। अनुमतियां नहीं होने और डिक्लेरेशन के अपोजिट वाहन खड़े होने पर मैरिज गार्डन बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस कार्रवाई से पहले उन्हें नोटिस देकर व्यवस्थित पार्किंग बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।

-प्लॉन जरूरी 
कमिश्नर ने शहर के भीतर की पार्किंग व्यवस्था में सुधार करने के लिए नगर निगम कमिश्नर से प्लॉन बनाने को कहा। शहर के भीतर चिह्नित 16 पार्किंग स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट 22 अप्रैल को संभागीय कमिश्नर को सौंपने पर सहमति बनी।

-बस ऑपरेटरों कल 
शहर के बस ऑपरेटरों की बैठक बुधवार को आयोजित की गई है। इसमें शहर में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था दुरस्त बना रखने को लेकर दिशा निर्देश दिए जाएंगे। सोमवार की बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन कराने के लिए ऑपरेटरों के साथ पुलिस कंट्रोल रूम में यह बैठक होगी। इसमें ऑपरेटर्स भी होंगे। 

-यह भी दिए निर्देश 
 - रूट के हिसाब से सिटी बसों की सं या निर्धारित हो। वाहन के आगे-पीछे रूट की जानकारी दर्शाना जरूरी होगा।
 - बसें अपने नोटीफाइड बस स्टैण्ड के अलावा किसी अन्य बस स्टैण्ड तक किसी भी सूरत में नहीं जायेगी ।
 - दूसरे शहरों से आने वाली बसों को बाहर के बाहर ही निकाला जाए। जैसे इंदौर से सागर जाने वाली बसों को अयोध्या बायपास से रवाना कर दिया जाए। इस तरह शहर के भीतर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जा सकेगा।
 - शहर में संचालित मिनीबसों को निर्धारित रूट पर ही चले। जो मिनीबसें बिना परमिट पकड़ाएं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसके बाद उन्हें खाली रूट के परमिट जारी कर दिए जाएं।
 - मल्टीलेवल पार्किंग की पैमाइश कर यह जांचा परखा जायेगा कि वह कितना कारगर साबित होगा।
 - बेसमेंट में संचालित दुकानें हटाई जायेंगी। लेण्डयूज के लिए जो अनुमति ली गई थी, उसकी जांच की जायेगी। लेण्ड यूज गलत पाए जाने पर स त कदम उठाएं जायेंगे।

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