- मप्र राजस्व अधिकारी (कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ ने सौंपे संभागायुक्त-कलेक्टर को ज्ञापन
- 22 अप्रैल को दी सामूहिक अवकाश की चेतावनी
भोपाल।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाएं समय पर देने के बाद भी तहसीलदारों पर अर्थदण्ड आरोपित किया जा रहा है। सेवाएं का लाभ आम जनता को समय से दिया जा रहा है, लेकिन कई तहसीलों में बिजली, दूरसंचार नेटवर्क, कप्यूटर, क प्यूटर ऑपरेटर आदि सुविधाएं उपलब्ध न होने या ठीक से न होने के चलते सेवाओं की फीडिंग में विलंभ होता है, जिसका खामियाजा तहसीलदार भुगत रहे हैं। पहले तो पूर्व में किए गए अर्थदण्ड निरस्त किए जाएं तथा संसाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। यहीं नहीं वर्ष 2013 की डीपीसी में कैडर रिव्यू से बढ़े पदों को जोड़कर शीघ्र डीपीसी की जाए। यदि यह मांगे नहीं मानी जाती हैं तो 22 अप्रैल प्रदेश भर के तहसीलदार-नायब तहसीलदार सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और 24 अप्रैल से लोक सेवा गारंटी की सेवाओं का कार्य बंद कर देंगे।
इन सभी मांगों को लेकर सोमवार को मप्र राजस्व अधिकारी(कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ ने संभागायुक्त एसबी सिंह व कलेक्टर निकुज कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपे।
संघ के प्रवक्ता अतुल सिंह ने बताया कि संघ की कार्यकारिणी की 11 मार्च को हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि मांगे नहीं माने जाने पर 22 अप्रैल से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस बात से अवगत कराने के लिए सोमवार को संभागायुक्त व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे गए। इस दौरान तहसीलदार संजय श्रीवास्तव, वरूण अवस्थी, संजीव केशव पांडे, चंद्रशेखर श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
यह की मांग -
- पूर्व में किये गये अर्थदण्ड निरस्त किये जाये तथा आवश्यक संशाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराए जाये।
- तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए की गई डीपीसी 26 दिसंबर12 व 11 मार्च 13 में पदोन्नति नियमों का पालन नही किया गया है । डीपीसी में कुल उपलब्ध 57 पदो में से 30 पद रिक्त छोड़ दिये गये है। संघ का कहना है कि सभी पदो पर पदोन्नति की जाये एवं वर्ष 2013 की डीपीसी में कैडर रिव्यू से बढ़े पदों को जोड़कर शीघ्र डीपीसी कराई जाये।
- तहसीलदारो के 12-14 वर्षो तक पदोन्नति नहीं होती है। अत: 8 वर्ष के बाद ही अगला वेतनमान स्वीकृत किया जाये।
- राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस होने पर वरिष्ठता का लाभ दिया जाता है। इसी प्रकार तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति में सेवा के अनुरूप वरिष्ठता दी जाये।
- भिण्ड जिले में एसडीएम के साथ राजनेताओं द्वारा किये गये दुरव्यवहार की संघ घोर निन्दा करता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाये।
- 22 अप्रैल को दी सामूहिक अवकाश की चेतावनी
भोपाल।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाएं समय पर देने के बाद भी तहसीलदारों पर अर्थदण्ड आरोपित किया जा रहा है। सेवाएं का लाभ आम जनता को समय से दिया जा रहा है, लेकिन कई तहसीलों में बिजली, दूरसंचार नेटवर्क, कप्यूटर, क प्यूटर ऑपरेटर आदि सुविधाएं उपलब्ध न होने या ठीक से न होने के चलते सेवाओं की फीडिंग में विलंभ होता है, जिसका खामियाजा तहसीलदार भुगत रहे हैं। पहले तो पूर्व में किए गए अर्थदण्ड निरस्त किए जाएं तथा संसाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। यहीं नहीं वर्ष 2013 की डीपीसी में कैडर रिव्यू से बढ़े पदों को जोड़कर शीघ्र डीपीसी की जाए। यदि यह मांगे नहीं मानी जाती हैं तो 22 अप्रैल प्रदेश भर के तहसीलदार-नायब तहसीलदार सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और 24 अप्रैल से लोक सेवा गारंटी की सेवाओं का कार्य बंद कर देंगे।
इन सभी मांगों को लेकर सोमवार को मप्र राजस्व अधिकारी(कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ ने संभागायुक्त एसबी सिंह व कलेक्टर निकुज कुमार श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपे।
संघ के प्रवक्ता अतुल सिंह ने बताया कि संघ की कार्यकारिणी की 11 मार्च को हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि मांगे नहीं माने जाने पर 22 अप्रैल से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस बात से अवगत कराने के लिए सोमवार को संभागायुक्त व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे गए। इस दौरान तहसीलदार संजय श्रीवास्तव, वरूण अवस्थी, संजीव केशव पांडे, चंद्रशेखर श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
यह की मांग -
- पूर्व में किये गये अर्थदण्ड निरस्त किये जाये तथा आवश्यक संशाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराए जाये।
- तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए की गई डीपीसी 26 दिसंबर12 व 11 मार्च 13 में पदोन्नति नियमों का पालन नही किया गया है । डीपीसी में कुल उपलब्ध 57 पदो में से 30 पद रिक्त छोड़ दिये गये है। संघ का कहना है कि सभी पदो पर पदोन्नति की जाये एवं वर्ष 2013 की डीपीसी में कैडर रिव्यू से बढ़े पदों को जोड़कर शीघ्र डीपीसी कराई जाये।
- तहसीलदारो के 12-14 वर्षो तक पदोन्नति नहीं होती है। अत: 8 वर्ष के बाद ही अगला वेतनमान स्वीकृत किया जाये।
- राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस होने पर वरिष्ठता का लाभ दिया जाता है। इसी प्रकार तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति में सेवा के अनुरूप वरिष्ठता दी जाये।
- भिण्ड जिले में एसडीएम के साथ राजनेताओं द्वारा किये गये दुरव्यवहार की संघ घोर निन्दा करता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाये जाये।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें