राजधानी के सुभाष नगर रेलवे क्रासिंग से सटके प्लॉस्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां बनाने वालों की शिफ्टिंग हफ्तेभर में कालापानी में होगी। जिला प्रशासन ने इसको तैयारियां कर ली है।
सुभाष नगर रेलवे फाटक से लगी यह जमीन लोक निर्माण विभाग की है। राजस्व अधिकारियों ने कालापानी गांव में जमीन चिन्हित कर ली है। शिफ्टिंग में नगर निगम और पुलिस अमला भी साथ देगा। वहीं सुभाष नगर रेलवे फाटक के बगल में रहने वाले मूर्तिकारों का सामान ढ़ोने के लिए ट्रक रहेंगे, ताकि घरेलू सामान के साथ ही बनी और अधबनी मूर्तियों को भी ढोकर कालापानी पहुंचाया जा सके। मूतियां बनाने वालों का सर्वे कर लिया गया है, ताकि फर्जी लोगों को विस्थापन की आड़ में प्लॉट हड़पने से रोका जा सके। कालापानी में करीब साढेÞ चार सौ वर्ग फुट का डेवलप प्लॉट दिया जाएगा। इसके साथ ही यहां तक पहुंच मार्ग और पेयजल और लाइट की भी व्यवस्था की गई है।
इसलिए हटाया
कइयों बार यहां मूर्तिकारों के जमावड़े से विवाद की स्थिति बनी है। वहीं दो और चार पहिया वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो यहां जाम लगने की नौबत आ जाती है। ऐसे में मूर्तियां बनाने वालों के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है, क्योंकि इनकी मूर्तियां बिकने के लिए सड़क किनारे और कई बार तो सड़क पर ही रखी होती हैं। इसके अलावा रात को इनके डेरे के कुत्ते दो पहिया वाहन चालकों पर झपटते रहते हैं, जिसके कारण कई लोग गिरकर जख्मी हो चुके हैं। घायल होने वालों में पुलिस के जवानों के साथ ही मीडियाकर्मी भी शामिल हैं।
रेलवे ने आपत्ति
रेलवे की विस्तार योजनाओं के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने भी रेलवे क्रासिंग और फाटकों के अलावा रेलवे टै:क के किनारे बसने वाली झुग्गियों पर रोक लगाने और अतिक्रमण हटाने के बारे में जिला प्रशासन को लिखा है। इस पत्र में बताया गया है कि, सुभाष नगर रेलवे फाटक के पास मूर्तियां बनाने वालों को हटाने के बाद ही तीसरी रेल लाइन सहित विस्तार कार्यक्रम की रुपरेखा बनाई जा सकेगी। गौरतलब होगा कि, हबीबगंज रेलवे स्टेशन आईएसओ स्टेशन होने के कारण यहां से शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई दूसरी टे्रनों के संचालन की योजना पर काम हो रहा है।
वर्जन
दो से तीन दिनों में सुभाष नगर रेलवे फाटक के पास बसे इन मूर्ति बनाने वालों को शिफ्ट किया जाएगा। इमसें अन्य विभागों का सहयोग लिया जाएगा।
राजेश श्रीवास्तव, एसडीएम, हुजूर
सुभाष नगर रेलवे फाटक से लगी यह जमीन लोक निर्माण विभाग की है। राजस्व अधिकारियों ने कालापानी गांव में जमीन चिन्हित कर ली है। शिफ्टिंग में नगर निगम और पुलिस अमला भी साथ देगा। वहीं सुभाष नगर रेलवे फाटक के बगल में रहने वाले मूर्तिकारों का सामान ढ़ोने के लिए ट्रक रहेंगे, ताकि घरेलू सामान के साथ ही बनी और अधबनी मूर्तियों को भी ढोकर कालापानी पहुंचाया जा सके। मूतियां बनाने वालों का सर्वे कर लिया गया है, ताकि फर्जी लोगों को विस्थापन की आड़ में प्लॉट हड़पने से रोका जा सके। कालापानी में करीब साढेÞ चार सौ वर्ग फुट का डेवलप प्लॉट दिया जाएगा। इसके साथ ही यहां तक पहुंच मार्ग और पेयजल और लाइट की भी व्यवस्था की गई है।
इसलिए हटाया
कइयों बार यहां मूर्तिकारों के जमावड़े से विवाद की स्थिति बनी है। वहीं दो और चार पहिया वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो यहां जाम लगने की नौबत आ जाती है। ऐसे में मूर्तियां बनाने वालों के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है, क्योंकि इनकी मूर्तियां बिकने के लिए सड़क किनारे और कई बार तो सड़क पर ही रखी होती हैं। इसके अलावा रात को इनके डेरे के कुत्ते दो पहिया वाहन चालकों पर झपटते रहते हैं, जिसके कारण कई लोग गिरकर जख्मी हो चुके हैं। घायल होने वालों में पुलिस के जवानों के साथ ही मीडियाकर्मी भी शामिल हैं।
रेलवे ने आपत्ति
रेलवे की विस्तार योजनाओं के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने भी रेलवे क्रासिंग और फाटकों के अलावा रेलवे टै:क के किनारे बसने वाली झुग्गियों पर रोक लगाने और अतिक्रमण हटाने के बारे में जिला प्रशासन को लिखा है। इस पत्र में बताया गया है कि, सुभाष नगर रेलवे फाटक के पास मूर्तियां बनाने वालों को हटाने के बाद ही तीसरी रेल लाइन सहित विस्तार कार्यक्रम की रुपरेखा बनाई जा सकेगी। गौरतलब होगा कि, हबीबगंज रेलवे स्टेशन आईएसओ स्टेशन होने के कारण यहां से शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई दूसरी टे्रनों के संचालन की योजना पर काम हो रहा है।
वर्जन
दो से तीन दिनों में सुभाष नगर रेलवे फाटक के पास बसे इन मूर्ति बनाने वालों को शिफ्ट किया जाएगा। इमसें अन्य विभागों का सहयोग लिया जाएगा।
राजेश श्रीवास्तव, एसडीएम, हुजूर
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