मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

कलेक्टर साहब! मेरी बीबी को समझाओ


-कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में अए 79 आवेदन 
भोपाल। 
कलेक्टर साबह! मेरी पत्नी को समझाओं कि वह मेरे साथ रहे। मेरा उसके वियोग में मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। पुठ्ठा मील के पास रहने वाले मुकेश साहू ने ये बात मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में कही। यहां शिकायतों का निराकरण शहर वृत्त के एसडीएम जीएस धुर्वे कर रहे थे। यहां कुल ७९ शिकायती आवेदन आए। 
मुकेश साहू ने बताया कि उसकी पत्नी अंजू कभी भी कहीं भी चली जाती है। वह कहती है मुझे तुम्हारे साथ नहीं रहना। पत्नी के वियोग में मेरी मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई है। मेरी तबियत खराब रहती है तो वह कहती, बीमार और पागल पति के साथ नहीं रहना। अंजू जेठ पर भी छेड़छाड़ का आरोप लगा देती है। मुझ से कई दिनों से अपनी मर्जी से जिंदगी गुजारने को कह रही है। वह कहती मुझे 1 लाख रुपए दो और मुझे अपने हिसाब से जीने दो। रुपए न देने पर वह मेरी रिपोर्ट कर जेल में भिजवाने की धमकी दे रही है। मुकेश अपने आवेदन में कहा, मुझे इस दुविधा से बचाएं और मेरी पत्नी को समझाईश दें कि वह मेरे साथ जीवन यापन करे। 
सुनवाई में सोनागिरी निवासी आयशा बेगम ने गुहार लगाई कि मेरे ७ बेटे सभी एक समान हैं। सभी को वाजिब हक मिले। उन्होंने कहा, मेरे ७ में से 4 बेटे नौकरीपेशा व ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं, लेकिन तीन बेटे मजूदरी करते हैं। मेरे रसूखदार बेटे अन्य तीन मजदूरपेशा बेटों को पुश्तैनी जायदाद से बेदखल करके उनका हिस्सा हड़पना चाहते हैं। मेरा किसी से बैर नहीं है पर मैं चाहती हूं सभी को खानदानी जायदाद में बराबर का हक मिले। आपसे फरियाद करती हूं, इस दिशा में ध्यान केंद्रित कर सभी को वाजिब हक दिलाएं। उन्होंने बताया कि उनके 2 बेटे हसीब और हबीब खान नौकरी करते हैं, 1 बेटा अदीब खान ट्रांसपोर्टर है। 1 बेटा रकीब खान वाहन मालिक है। अन्य तीन साहिब, नजीब और मुजीब मजदूरी करके पेट पालते हैं। पुश्तैनी जायदाद पर बड़े भाई कब्जा करना चाहते हैं। आयशा की फरियाद सुनते हुए डिप्टी कलेक्टर जीएस धुर्वे ने तत्काल नजुल अधिकारी के साथ ही पुलिस को जांचकर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। 

हिस्ट्रीशीटर चलाता है थाने की गाड़ी 
जो पुलिस के रिकार्ड में हिस्ट्रीशीटर है। वही सूची सेवनिया थाने में पुलिस की गाड़ी चलाता है। यह शिकायत सूखी सेवनिया निवासी जानकी बाई ने की। जानकी बाई ने बताया मेरे पति संजू उर्फ संतू ने रानी नाम की रखैल रखी है। उसने मेरे साथ चार बच्चों को अनाथ छोड़ दिया है। संजू अभी थाना सूखी सेवनिया की गाड़ी चलाता है। चूंकि वह उसी थाने में है तो वहां रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की जाती है। ऐसे में आप ही मेरी मदद करें। उसने बताया कि मेरा पति खुरई थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसने संतू नाम बदल कर दस्तावेजों में विष्णु व संजू रख लिया है। मामले की गंभीरता से देखते हुए श्री धुर्वे ने इसकी जांच के निर्देश एसएसपी को दे दिए। 

साल भर से भुगतान नहीं हुआ। 
बगराज निवासी राजबाई ने आवेदन देकर बताया कि, जुलाई,12 से मार्च,13 तक मध्यान्ह भोजन बनाने और सामग्री का भुगतान नहीं मिला है। चेतना स्व सहायता समूह के लिए उसने सालभर भोजना बनाया है, जिसका पेमेंट कभी बैंक में बताया जाता है तो कभी जल्द देने का भरोसा दिया जाता है। 

बहू ने भड़काया, बेटे ने उठाकर फेंक दिया 
सईद नगर निवासी जैबुन्निसा ने बताया कि उसका बेटा जाहिद आरटीओ में मुंशीगीरी का काम करता है। बहू के बहकावे में आकर अपनी बूढ़ी मां को मारने पीटने के बाद उठाकर घर के बाहर फेंक दिया, जिससे पीठ, हाथ पैरों और कमर में चोंटे आई हैं। घर के बाहर बिठा कर रखा जाता है और खाना भी नहीं देते हैं। इस मामले की जांच के लिए एसएसपी को निर्देशित किया गया है। 

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