शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

यौन समस्या से उबारने खुल रहा 'किशोर कॉल सेंटर'


-घर बैठे मिलेगी मानसिक परेशानियों से निजात की जानकारी 
भोपाल। 
युवाओं को यौन समस्या, मानसिक परेशानी और अन्य शारीरिक पीड़ा से निजात दिलाने प्रदेश सरकार अभिनव पहल कर रही है। युवा नि:शंकोच बातचीत कर सकें, इसके लिए राजधानी में 'किशोर कॉल सेंटरÓ शुरू हो रहा है। यहां आने वाले कॉलों पर विशेषज्ञ सलाह देंगे। 
भोपाल के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसके खोले जाने की तैयारियां की जा रही हैं। किशोरियों की परेशानियों को ध्यान में रखकर इस दिशा में काम किया गया। बालक-बालिकाएं 'किशोर अवस्था कॉल सेंटरÓ पर फोन कर अपने निजी जीवन से जुड़े सवाल कर सकेंगे। कॉल सेंटर को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में तैयारी की थी। प्रदेश भर में इसकी जरूरत को देखते हुए इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। 

-कराया था सर्वे 
विभाग ने एक सर्वे कराया था जिसमें सामने आया कि खान-पान में आए बदलाव के बाद युवक-युवतियों के हार्मोनेल तेेजी से परिवर्तन आ रहा है। इसमें शारीरिक और बौद्धिक दोनों ही शामिल हैं। सर्वे में यह बात भी सामने आई कि बच्चे, बच्चियां खास तौर पर 13 से 14 वर्ष की बालिकाएं अपने शरीरिक परिवर्तन एवं मानसिक परेशानियों को अपने परिजनों से बताने में संकोच करती हैं। घर में अपनों से विचारों में खुलापन न होने से इसके नतीजे गंभीर रूप धारण कर लेते हैं। 

-जेपी से शुरुआत 
संकोच के कारण अपनी स्थिति के बारे में न बताने के चलते कई बार परेशानी बढ़ जाती है। इसके चले बच्चे आत्महत्या जैसे कदम भी उठा लेते हैं। कॉल सेंटर की शुरुआत राजधानी के जयप्रकाश अस्पताल हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके अलगे माह तक शुरू होने की उम्मीद जताई है। कॉल सेन्टर में चिकित्सक, मनोचिकित्सक, काउंसलर की सेवाएं ली जाएंगी, जिन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। कॉल सेन्टर का नंबर निर्धारित किया जाएगा और इंटरनेट, फेसबुक के जरिए भी बच्चे अपनी समस्या को कॉल सेन्टर तक भेजकर समाधान प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही काउंसलिंग भी की जाएगी। 

-कॉल सेंटर में होगा ये 
कॉल सेन्टर में एक विशेषज्ञ चिकित्सक, एक मनोविज्ञानी, एक काउंसलर होगा जोकि बच्चों की समस्याओं के आधार पर काउंसलिंग देंगे। जिसमें सेक्स, मनोविकार, शारीरिक परेशानी से संबंधित समस्याओं को शामिल किया जाएगा। साथ यह भी सलाह देंगे कि इस दौरान पीडि़त को क्या करना है और किन परिस्थितियों में खुद को संभालना है। 


-वर्जन 
विभाग ने इसके शुरुआत की पूरी तैयारी कर ली है। आने वाले माह में इसकी शुरू हो जाएगी। इस काम में पूरा अमला लगा हुआ है। 
प्रवीरकृष्ण, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सेवा 

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