शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

समिति की भूमि पर डुप्लेक्स तो नहीं बने, करें जांच - मामला पेरिस गृह निर्माण सोसायटी का


- अपर कलेक्टर ने एसडीएम हुजूर को दिए जांच के निर्देश 
भोपाल। 
पेरिस गृह निर्माण समिति के सदस्यों ने कितना विकास शुल्क जमा कराया है, कितने प्लॉटों की रजिस्ट्री हुई है। टीएनसीपी द्वारा जब अभिविन्यास अनुमोदित कर दिया गया तो भूमि नहर व सीपीए की सड़क निर्माण के लिए अर्जित कैसे कर ली गई? समिति की जमीन पर फ्रेंच विल फे म डेवलपर्स ने डुप्लेक्स निर्माण की शिकायत भी प्राप्त हुई है। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जाए। अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे ने यह निर्देश एसडीएम हुजूर राजेश श्रीवास्तव को दिए हैं। यहीं नहीं आदेश में कहा गया है कि समिति की जांच जल्द से जल्द प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। 
उन्होंने यह आदेश गत दिनों पेरिस गृह निर्माण समिति की समीक्षा बैठक में समिति सदस्यों की शिकायत के बाद दिया है। उन्होंने अपने आदेश में कुछ बिंदु प्रदर्शित करते हुए इनके आधार पर जांच करने को कहा है। 

 इन बिंदुओं पर होगी जांच - 
 - पेरिस समिति के सदस्यों ने शिकायत की थी कि उन्हें विकास शुल्क जमा कराने के बाद प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराकर दी गई। 
 - समिति की काफी भूमि नहर एवं सीपीए की सड़क निर्माण में अर्जित कर ली गई है। समिति की भूमि में से कितने प्लाट कम हो गए हैं। 
 - नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा समिति का अभिविन्यास अनुमोदित है। समिति द्वारा अभी तक मौके पर क्या विकास कार्य किए गए हैं। 
 - पूर्व में कलेक्टर द्वारा निर्णय लिया गया था कि सदस्यों द्वारा 404 रुपए प्रतिवर्गमीटर विकास शुल्क जमा कराया है। 
  - समिति के अनुसार कुल 51 लोगों को प्लॉट दिए जा सकते हैं। क्या उनको प्लॉट उपलब्ध हुए हैं। 
 - समिति की भूमि पर फ्रेंच विल फेम डेवलपर्स ने डुप्लेक्स भवन का निर्माण शुरू कर दिया है। क्या यह निर्माण समिति की भूमि पर हो रहा है। इसकी जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। 

 
 समीक्षा बैठक में यह दिए थे निर्देश - 
 इससे पूर्व कलेक्टर कार्यालय में हुई समिति की समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे ने अधिकारियों व समिति अध्यक्ष को निर्देशित किया था कि वह यह जानकारी प्रस्तुत करें कि समिति के सदस्यों ने अभी तक  कुल कितना पैसा जमा कराया है। इस राशि में से कितनी व्यय हुआ है। इसका पूरा वेरीफिकेशन होगा। यही नहीं श्री कुर्रे ने एसडीएम को निर्देशित किया था कि जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से  ले-आउट पास हो गया था तो उसके  बाद उस जमीन का अधिग्रहण कैसे हुआ। इसकी भी जांच की जाए।  

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