मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

आओ हुजूर तुमको सितारों में ले चलूं... पर प्रतिभागियों ने की कैटवॉक

- २०० से अधिक विद्यार्थियों ने मचाई धूम - फोटो है
भोपाल
बीएसएसएस महाविद्यालय में 'ट्रेडिशनल डे २०१३' का भव्य एवं रंगारग आयोजन सोमवार को किया गया। सुबह ११:३० बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जलित कर किया गया। कार्यक्रम में दो सौ से भी अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिसमें उन्होंने भारतीय परम्परा एवं संस्कृति को विभिन्न परिधानों को धारण कर एक नए अंदाज में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सतीश एण्ड गु्रप मैलोडी म्युजिक पर ने पानी दा रंग वेख के... गीत की प्रस्तुति दी। पापा कहते है.., ओले औ ओले औ.., सन ऑफ सरदार.., कितनी शिद्दत से मैंने तुम्हें पाने की कोशिश की.., श्री गणेशा देवा.. पैरोडी पर विद्यार्थियों ने गु्रप डांस की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अलावा इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं..,भोर भए पनघट पर मोहे नटखट श्याम सताए.., आओं हुजुर तुमको सितारों में ले चलूं दिल झूम जाए ऐसी बहारों में ले चलूं.., डिस्को दिवाने आहा.., जलवा ये जलवा जिस्मों का है ये जलावा.. जैसे कई फिल्मी गीतों पर भारतीय परिधानों का धारित करते हुए दो सौ प्रतिभागियों ने रेम्पवॉक की। फिर बारी आई आदित्य एण्ड गु्रप की जिसमें उन्होंने तेरा मेरा रिश्ता है कैसा एक पल भी दूर गवारा नहीं.. गीत प्रस्तुत किया। वहीं भारत की संस्कृति को दर्शाता हुआ एकांत ग्रुप एवं शेखर ग्रुप द्वारा पंजाबी भांगड़ा, नृत्य की प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ब्यूटीफूल स्माइल एवं मिस फोटो जनिक अनुकृति गोसेन की उपस्थिति ने कार्यक्रम में ओज भर दिया। कार्यक्रम का आयोजन बीएसएसएस कॉलेज द्वारा किया गया। पुरस्कार वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के फादर पीपी जोसफ, उपप्रार्चाय डॉ. सेस्टर जोन्सी ने उपस्थिति देकर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। 
इस दौरान अनुकृति ने बताया कि वे इंजीनियरिंग कर रहीं है, और सबसे पहले वे अपनी डिग्री पूरी करना चाहती हंै। उसके बाद अनुकृति सोशल कहानी पर आधारित फिल्में करना चाहती है। अभी फिल्मों के ऑफर आ रहे हैं लेकिन जिस तरह की फिल्में करना है उस तरह की नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो हुआ वो बहुत ही शर्मनाक बात है महिलाओं को न्याय दिलाना बहुत जरूरी हैं।

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