-मामला होशंगाबाद रोड की गणेश नगर कालोनी का, १२ प्लॉटो की जमीन दबाई मॉल ने
भोपाल।
गणेश नगर, डेवलेपमेंट एंड वेलफेयर सोसायटी के रहवासियों ने नगरी प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर और जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया पर आरोप लगाए हैं कि यह दोनों चाहें तो प्लॉट धारकों को विकास अनुमति मिल सकती है। दूसरी ओर कालोनी के ही १२ प्लॉटो के भूखंडों पर आशिमा मॉल को बिल्डिंग परमिशन दी गई है।
कालोनी की जमीन पर सुरेन्द्र लैंड मार्क, सागर रॉयल होम्स एवं झुग्गियां तनी हुई हैं। सोसायटी के सचिव अधिवक्ता देवेन्द्र प्रकाश मिश्रा ने पत्रकार वर्ता में बताया कि प्रमुख रूप से इन मंत्रियों और नगर निगम के अधिकारियों का हाथ है। इसी के चलते निगम के अधिकारी परमिशन के बदले प्लॉट अथवा मोटी रकम की मांग करते हैं। दरअसल, होशंगाबाद रोड स्थिति ३२५ भूखंडों वाली इस कालोनी के प्लॉट धारकों को २००५ से विकास अनुमति नहीं मिली है। गौर करने वाली बात यह है कि सोसायटी और नगर निगम के ज्वॉइंट खाते में 1 करोड़ रुपए जमा हैं। बावजूद इसके बीते १० सालों से अब तक परमिशन की कार्रवाई नहीं की गई। श्री मिश्रा ने कहा, सागर रॉयल होम्स के निर्माता व बिल्डर के पूर्व निगम कमिश्नर मनीष सिंह और बाबूलाल गौर से अच्छे संबंध हैं, जिसका फायदा बिल्डर ने जमीन कब्जाने में लगाया। वहीं नजूल विभाग एनओसी देने में आना कानी करता है न डायवर्सन रेट ले रहा है न ही नामांतरण की कार्रवाई कर रहा है। श्री मिश्रा ने बताया, कालोनी में मात्र दो प्लॉटों को अब तक अनुमति मिली है। पहली १९७६ में दूसरी २०१० में। अब अन्य को जमीन को अवैध, विकास कार्य न होना और अन्य बातें बताकर भूखंड धारकों को परेशान किया जा रहा है।
भोपाल।
गणेश नगर, डेवलेपमेंट एंड वेलफेयर सोसायटी के रहवासियों ने नगरी प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर और जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया पर आरोप लगाए हैं कि यह दोनों चाहें तो प्लॉट धारकों को विकास अनुमति मिल सकती है। दूसरी ओर कालोनी के ही १२ प्लॉटो के भूखंडों पर आशिमा मॉल को बिल्डिंग परमिशन दी गई है।
कालोनी की जमीन पर सुरेन्द्र लैंड मार्क, सागर रॉयल होम्स एवं झुग्गियां तनी हुई हैं। सोसायटी के सचिव अधिवक्ता देवेन्द्र प्रकाश मिश्रा ने पत्रकार वर्ता में बताया कि प्रमुख रूप से इन मंत्रियों और नगर निगम के अधिकारियों का हाथ है। इसी के चलते निगम के अधिकारी परमिशन के बदले प्लॉट अथवा मोटी रकम की मांग करते हैं। दरअसल, होशंगाबाद रोड स्थिति ३२५ भूखंडों वाली इस कालोनी के प्लॉट धारकों को २००५ से विकास अनुमति नहीं मिली है। गौर करने वाली बात यह है कि सोसायटी और नगर निगम के ज्वॉइंट खाते में 1 करोड़ रुपए जमा हैं। बावजूद इसके बीते १० सालों से अब तक परमिशन की कार्रवाई नहीं की गई। श्री मिश्रा ने कहा, सागर रॉयल होम्स के निर्माता व बिल्डर के पूर्व निगम कमिश्नर मनीष सिंह और बाबूलाल गौर से अच्छे संबंध हैं, जिसका फायदा बिल्डर ने जमीन कब्जाने में लगाया। वहीं नजूल विभाग एनओसी देने में आना कानी करता है न डायवर्सन रेट ले रहा है न ही नामांतरण की कार्रवाई कर रहा है। श्री मिश्रा ने बताया, कालोनी में मात्र दो प्लॉटों को अब तक अनुमति मिली है। पहली १९७६ में दूसरी २०१० में। अब अन्य को जमीन को अवैध, विकास कार्य न होना और अन्य बातें बताकर भूखंड धारकों को परेशान किया जा रहा है।
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