बुधवार, 10 अप्रैल 2013

बहू ने दी सास को ठिकाने लगाने की सुपारी

-सास ने कलेक्टर से लगाई गुहार 
भोपाल। 
सास से प्रताडि़त बहुओं के बारे में खूब पढ़ा और सुना होगा, लेकिन एक बहु ने सास को ठीकाने लगाने सुपारी दे डाली है। ये सास बहु को फूंटी आंख नहीं सुहाती। दरअसल, सास मॉडन युवति की तरह सज-धज कर रहती है। जिसको लेकर बहु ने कई बार अपशब्द भी कहे। सास ने जान बचाने अब कलेक्टर से गुहार लगाई है। 
तालमहल रोड पर जीपीओ के पास रहने वाली शारदा गुप्ता ने कलेक्टोरेट में आवेदन दिया है। उसे अपनी बड़ी बहू से जान का खतरा है। उसने मुझे मारने के लिए सुपारी तक दे दी है। कुछ लोग अब मुझ पर नजर रख रहे हैं। सास आवेदन में बताया इसके चलते मेरी जान सांसत में है। बहू ने सास को चैलेंज भी किया है वह अपना सजना-धजना छोड़े और घर की चार दीवारियों में रहे, नहीं तो ट्रक चढ़वा दूंगी। 

-मुझे नहीं देती पैस 
शारदा गुप्ता ने बताया मेरे पति अशोक गुप्ता की पान की दुकान है। इसी से पूरे परिवार का भरण पोषण होता है। मेरे बड़े बेटे अनिल गुप्ता की शादी हो चुकी है। इसी के पत्नी रजनी ने घर में कब्जा जमा रखा है। मेरा दूसरा बेटा विकलांग है, जिसके चलते अधिकांश पैसा उसके इलाज में चला जाता है। घर में पूरे पैसे का हिसाब किताब बहू रखती है। अब उसी ने घर में आने वाली इस राशि पर कब्जा जमा लिया है। वह इसमें से एक कोड़ी भी नहीं देती। बहू से खटपट के चलते मैं, पति शारदा गुप्ता और विकलांग बेटा गांव चले गए थे, लेकिन बेटे के इलाज के लिए बीते सप्ताह भोपाल आना पड़ा। घर हमारा है, लेकिन वह अब घर से निकालने की धमकी देती है। 
वहीं बहू रजनी का कहना है, सास बुढ़ापे में सज धज कर क्यों रहती है? यह सब किसको दिखाना है, अब इनकी ये उम्र नहीं रही। 

-एसडीएम करेंगे जांच 
इस पूरे मामले की जांच एसडीएम बैरागढ़ वृत चंद्रमोहन मिश्रा को सौंपी गई है। इसके तहत मकान और आय का आंकलन कर पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा सास और विकलांग बेटे के गुजारे भत्ते के लिए मासिक राशि का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद भी बड़े बेटे और बहू राजी नहीं होते हैं तो इनके खिलाफ भरण पोषण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल रजामंदी से मामले को निराकृत किया जाएगा। 

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