शुक्रवार, 6 दिसंबर 2013

झुग्गी और तंग बस्तियों में इग्नू ने दी दस्तक

-जनवरी में शुरू होने वाले कोर्स के लिए 16 दिसंबर तक करें आवेदन 
-इंदिरा के शब्दों को साकार करने की कोशिश 
भोपाल। 
इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने झुग्गी और तंग बस्तियों में पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से इन बस्तियों में रहने वाली महिला, युवतियों और उच्च शिक्षा से वंचित युवाओं के लिए डिजाईन किया है। इधर जनवरी से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए 16 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। 
झुग्गी और तंग बस्तियों में पाठ्यक्रम संचालित करने पर इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. यूसी पाण्डे ने कहा, इग्नू इंदिरा गांधी के विचारों-शब्दों को साकार करने की कोशिश है। इसके अलावा अन्य कोर्स भी डिजाइन किए गए हैं, जो मुख्य रूप से रोजगारोन्मुखी हैं। दरअसल, श्री पाण्डे शुक्रवार को इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए इग्नू का बीएड कोर्स है। इसमें 3750 छात्रों में से 3270 पात्र पाए गए थे। इनमें से 2700 विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की। इसकी मैरिट लिस्ट मुख्यालय तैयार कर रहा है। श्री पांडे ने बताया इग्नू ने मौलाना आजाद राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान (मैनिट) में अध्ययन केंद्र स्थापित किया है, जिससे जल्द ही अध्ययन कार्य शुरू हो जाएगा। 

-तंग बस्ती में ऐसे होगा काम 
झुग्गी, गन्दी और तंग बस्तियों में निवास करने वालों के लिए एक विषेष अध्ययन केन्द्र की शुरूआत की गई है। यहां घरेलू कामकाजी महिलाएं अपनी सुविधा एवं आवश्यकता के अनुसार, उच्च शिक्षा के लिए बीपीपी पाठ्यक्रम के माध्यम से स्नातक एवं अन्य प्रमाण-पत्र ले सकते हैं। वहीं डिप्लोमा कोर्स भी यहीं से होंगे। यहां इन्हीं क्षेत्र के शिक्षकों को चुना जाएगा, जो इन केंद्रों पर अध्ययन कराएंगे। 

-बैंक के साथ किया करार 
बेरोजगार युवा एवं मुस्लिम वर्ग के लोगों तक शिक्षा की जानकारी पहुंचाने इण्डियन बैंक से टाइअप किया है। कोर्स के प्रचार-प्रसार के लिए एक योजना तैयार की गई है। इसके तहत खुला मंच, नुक्कड़ नाटक व अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 10 दिसम्बर इसकी शुरुआत की जाएगी। भोपाल, सिरोंज, रायपुरगांव (ईटखेड़ी), ब्यावरा एवं गुना में यह पहली कड़ी में किया जाएगा। 

-गांव में ऐसे होगा प्रचार 
इग्नू गांव में प्रचार के लिए भी तैयारी में जुट गया है। अपने पाठ्यक्रमों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने ग्रामीण पंचायत में कार्यरत कर्मचारी-अधिकारियों को चुना गया है। पहले इन्हें शिक्षा के बारे जानकारी सार्वजनिक करने एक कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। परिणाम स्वरूप जिसका नतीजा सिंगोट गांव से भोजन पोषण प्रमाण-पत्र में लगभग 50 ग्रामीण बालिका, महिलाओं ने प्रवेश लिया। 

-नए भवन से शुरू होगा ज्ञानवाणी 
वतर्मान में ज्ञानवाणी रेडियो हिन्दी ग्रन्थ अकादमी में संचालित है। अब यह शीघ्र ही आधुनिक तकनीक के साथ नये भवन में संचालित होगा। इसकी आवष्यक स्वीकृति पूर्व में प्राप्त हो चुकी थी। निर्माण कार्य पूर्ण है। बस इन्टीरियर का कार्य आरम्भ होने जा रहा है जो 3 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य है। जिससे भोपाल से 80 से 90 किलोमीटर तक षिक्षा का प्रचार-प्रसार निर्बाध 16 घन्टे तक जारी रहेगा।

-मिस्ड कॉल करो, जानकारी लो 
छात्रो को आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिए बस एक मिस्ड कॉल करना होगा। जिस पर इग्नू द्वारा तत्काल स्वयं सम्पर्क कर वांछित जानकारी प्रदान की जा रही है। जिस हेतु दूरभाष क्र. 0755-2578452/2578455/2570517 उपलब्ध हैं। डॉ.यू.सी.पाण्डे ने बताया कि विष्वविद्यालय में प्रवेष चल रहे हैं जिसकी अन्तिम तिथि 16 दिसम्बर हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें