चुनाव आयोग ने डाक मतपत्रों की गणना के संबंध में अतिरिक्त निर्देश दिए
भोपाल : 6 दिसम्बर, 2013
मतगणना के दौरान जब तक डाक मतपत्रों की गणना हर पहलू से संपन्न नहीं होगी, तब तक ईवीएम में सुरक्षित मतपत्रों की गणना अगला चरण शुरू नहीं किया जाएगा। इस प्रकार के निर्देश भारत निर्वाचन आयोग ने पुन: जारी किए हैं। हालांकि पूर्व में भी रिटर्निंग आॅफिसर की हेण्डबुक में ऐसे निर्देश दिए जा चुके हैं। आयोग ने इस बात को माना है कि इस बार चुनाव डयूटी में संलग्न स्टॉफ व पुलिसकमिर्यों को डाक मतपत्रों द्वारा मतदान की सुविधा देने के फलस्वरूप डाक मतपत्रों की संख्या में तुलनात्मक रूप से वृद्धि हुई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आयोग ने डाक मतपत्रों की गणना के कुशल प्रबंधन के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयोग के निर्देशों के अनुसार मतगणना से एक दिन पहले रिटर्निंग आॅफिसर प्रेक्षक से भेंटकर उन्हें सुविधा केन्द्रों एवं डाक और हाथों-हाथ प्राप्त डाक मतपत्रों की कुल संख्या का ब्यौरा देगा। मतगणना आरंभ होने के समय भी वो प्रेक्षक को अर्थात सुबह 8 बजे तक प्राप्त डाक मतपत्रों के संबंध में सूचना देगा। डाक मतपत्रों की गणना के लिए मतगणना हाल में उपलब्ध स्थान के हिसाब से दो तथा आवश्यक होने पर तीन टेबिल लगाई जाएंगी। आयोग के अनुसार डाक मतपत्रों की गणना के लिए प्रत्येक टेबिल पर एक एआरओ होना चाहिए। डाक मतपत्रों की गणना के लिए जितनी टेबिल होंगी उतने ही एआरओ नियुक्त होंगे।
प्रत्येक मतगणना टेबिल पर एक मतगणना पयर्वेक्षक तथा दो मतगणना सहायक तैनात होंगे, जो राजपत्रित होना चाहिए। डाक मतपत्रों की गणना के लिए नियुक्त अमला प्रशिक्षित होगा। प्रत्येक टेबिल पर डाक मतपत्र वितरित करने के पहले सभी पयर्वेक्षक, मतगणना सहायक और माइक्रो आब्जर्वर को मतगणना परिणाम की विधिवत घोषणा की आवश्यकता को समझाने एवं घोषित परिणामों की जाँच के संबंध में आरओ अथवा एआरओ को बताएंगे। आरओ सुनिश्चित करेंगे कि एआरओ एवं मतगणना पयर्वेक्षक द्वारा परिणाम की घोषणा में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक मतगणना टेबिल पर एक अतिरिक्त माइक्रो आब्जर्वर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने निरस्त श्रेणी में रखे जाने से पूर्व रिटर्निंग आॅफिसर द्वारा प्रपत्र 13-अ में त्रुटि के कारण निरस्त किए जाने वाले सभी मतपत्रों की जाँच कराने के निर्देश दिए हैं। उम्मीदवार को डाक मतपत्र की प्रत्येक गणना टेबिल पर एक अभिकर्ता नियुक्त करने का अधिकार होगा।
डाक मतपत्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए मतगणना में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मतगणना टेबिल के प्रबंध के संबंध में राजनैतिक दलों को पूर्व से सूचित करने को कहा गया है, ताकि वे प्रत्येक अतिरिक्त मतगणना टेबिल पर अतिरिक्त अभिकर्ता नियुक्त कर सके। डाक मतपत्रों की गणना की प्रक्रिया विशेष रूप से प्रपत्र 13-अ की घोषणा का प्रेक्षक बहुत निकट से निरीक्षण करेगा। परिणाम घोषणा के बाद अपना प्रतिवेदन देते समय डाक मतपत्रों की गणना में अपनाई गई प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया जाएगा। इस विवरण में मतगणना के लिए प्राप्त डाक मतपत्रों की कुल संख्या, निरस्त डाक मतपत्रों की संख्या, डाक मतपत्रों की गणना के लिए लगाई टेबिलों की संख्या तथा गणना में लगे कुल समय का उल्लेख शामिल रहेगा। यह सारी कारर्वाई डीईओ/आरओ/एआरओ तथा प्रेक्षक के संज्ञान में लाई जाएगी।
भोपाल : 6 दिसम्बर, 2013
मतगणना के दौरान जब तक डाक मतपत्रों की गणना हर पहलू से संपन्न नहीं होगी, तब तक ईवीएम में सुरक्षित मतपत्रों की गणना अगला चरण शुरू नहीं किया जाएगा। इस प्रकार के निर्देश भारत निर्वाचन आयोग ने पुन: जारी किए हैं। हालांकि पूर्व में भी रिटर्निंग आॅफिसर की हेण्डबुक में ऐसे निर्देश दिए जा चुके हैं। आयोग ने इस बात को माना है कि इस बार चुनाव डयूटी में संलग्न स्टॉफ व पुलिसकमिर्यों को डाक मतपत्रों द्वारा मतदान की सुविधा देने के फलस्वरूप डाक मतपत्रों की संख्या में तुलनात्मक रूप से वृद्धि हुई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आयोग ने डाक मतपत्रों की गणना के कुशल प्रबंधन के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयोग के निर्देशों के अनुसार मतगणना से एक दिन पहले रिटर्निंग आॅफिसर प्रेक्षक से भेंटकर उन्हें सुविधा केन्द्रों एवं डाक और हाथों-हाथ प्राप्त डाक मतपत्रों की कुल संख्या का ब्यौरा देगा। मतगणना आरंभ होने के समय भी वो प्रेक्षक को अर्थात सुबह 8 बजे तक प्राप्त डाक मतपत्रों के संबंध में सूचना देगा। डाक मतपत्रों की गणना के लिए मतगणना हाल में उपलब्ध स्थान के हिसाब से दो तथा आवश्यक होने पर तीन टेबिल लगाई जाएंगी। आयोग के अनुसार डाक मतपत्रों की गणना के लिए प्रत्येक टेबिल पर एक एआरओ होना चाहिए। डाक मतपत्रों की गणना के लिए जितनी टेबिल होंगी उतने ही एआरओ नियुक्त होंगे।
प्रत्येक मतगणना टेबिल पर एक मतगणना पयर्वेक्षक तथा दो मतगणना सहायक तैनात होंगे, जो राजपत्रित होना चाहिए। डाक मतपत्रों की गणना के लिए नियुक्त अमला प्रशिक्षित होगा। प्रत्येक टेबिल पर डाक मतपत्र वितरित करने के पहले सभी पयर्वेक्षक, मतगणना सहायक और माइक्रो आब्जर्वर को मतगणना परिणाम की विधिवत घोषणा की आवश्यकता को समझाने एवं घोषित परिणामों की जाँच के संबंध में आरओ अथवा एआरओ को बताएंगे। आरओ सुनिश्चित करेंगे कि एआरओ एवं मतगणना पयर्वेक्षक द्वारा परिणाम की घोषणा में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक मतगणना टेबिल पर एक अतिरिक्त माइक्रो आब्जर्वर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने निरस्त श्रेणी में रखे जाने से पूर्व रिटर्निंग आॅफिसर द्वारा प्रपत्र 13-अ में त्रुटि के कारण निरस्त किए जाने वाले सभी मतपत्रों की जाँच कराने के निर्देश दिए हैं। उम्मीदवार को डाक मतपत्र की प्रत्येक गणना टेबिल पर एक अभिकर्ता नियुक्त करने का अधिकार होगा।
डाक मतपत्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए मतगणना में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मतगणना टेबिल के प्रबंध के संबंध में राजनैतिक दलों को पूर्व से सूचित करने को कहा गया है, ताकि वे प्रत्येक अतिरिक्त मतगणना टेबिल पर अतिरिक्त अभिकर्ता नियुक्त कर सके। डाक मतपत्रों की गणना की प्रक्रिया विशेष रूप से प्रपत्र 13-अ की घोषणा का प्रेक्षक बहुत निकट से निरीक्षण करेगा। परिणाम घोषणा के बाद अपना प्रतिवेदन देते समय डाक मतपत्रों की गणना में अपनाई गई प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया जाएगा। इस विवरण में मतगणना के लिए प्राप्त डाक मतपत्रों की कुल संख्या, निरस्त डाक मतपत्रों की संख्या, डाक मतपत्रों की गणना के लिए लगाई टेबिलों की संख्या तथा गणना में लगे कुल समय का उल्लेख शामिल रहेगा। यह सारी कारर्वाई डीईओ/आरओ/एआरओ तथा प्रेक्षक के संज्ञान में लाई जाएगी।
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