-मामला पुष्पा नगर स्थित एसबीआई स्टॉफ गृहनिर्माण समिति की भूमि का
भोपाल।
जमीन पर अवैधानिक रूप से कब्जा और अतिक्रमण करने वाले कोर्ट के आदेश को भी ताक पर रख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला स्टेशन रोड से लगे पुष्पा नगर स्थित एसबीआई स्टॉफ गृहनिर्माण समिति के एक प्लॉट का है। इस पर भागीरथ माली नाम के व्यक्ति ने कब्जा कर रहा है।
कब्जे के साथ इस पर निर्माण भी चल रहा है। अब भागीरथ छत डाले की तैयारी कर रहा है। भागीरथ का इसमें अनवर अली साथ दे रहा है। ऐसा आदर्श आचार संहिता में भी चल रहा है, जबकि जिला न्यायालय ने 22 नवंबर को इस भूमि के खसरा क्रमांक-252 तथा 253 पर अवैध कब्जा बताकर क्रमश: खसरा 0.24 और खसरा 0.16 पर निर्माण कार्य रोकने आदेश पारित किए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि निर्माण कार्य को लेकर एसडीएम और कलेक्टर को भी शिकायत की गई, लेकिन किसी ने अतिक्रमण मुक्ति की कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया।
-यह है मामला
1992 में प्रभात पेट्रोल पंप से लेकर भोपाल रेलवे स्टेशन तक 80 फीट रोड निकालने भूमि अधिग्रहण की सूचना जारी की। इस रोड में तीन ग्राम हिनौतिया काच्छियान, सेमराकलां और चांदबड़ की भूमियां आर्इं। 1994 में रोड के लिए भूमि अधिग्रहित की जाना शुरू हुआ। इसमें चांदबड़ में आने वाली एसबीआई स्टॉफ गृहनिर्माण समिति की भूमि का कुछ हिस्सा आया। इस अधिग्रहण के बाद दक्षिण दिशा में करीब एक हैक्टेयर भूमि बच गई थी। इस पर बीते कई सालों से भागीरथ की निगाहें टेढ़ी थी। इसके बाद समिति के इस प्लॉट पर कब्जा जमा लिया। कब्जे का अधिकृत बताने भागीरथ और अनवर अली ने चांदबड़ क्षेत्र में आने वाली भूमि के नाम से दस्तावेज बनवा लिए। जांच में यह बात स्पष्ट हो चुकी है।
-कोर्ट ने दिया यह आदेश
समिति के कुछ लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका समिति की तरफ से अधिवक्ता ने बताया कि 1994 में जब भूमि अधिग्रहित की गई थी, कब्जे धारी ने जाली दस्तावेजों के आधार पर खसरा क्रमांक- 252 और 253 पर कब्जा करने की कोशिश की। सुनवाई के दौरान व्यवहार वर्ग-2 ने खसरा क्रमांक- 252 के 0.24 और 253 के 0.16 हेक्टेयर पर किए जा रहे निर्माण को रोकने के आदेश जारी किए। रोक लगने के बाद भागीरथ ने दादागिरी करते हुए इसी जमीन से लगी खसरा क्रमांक-247 और 248 पर कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया। इस पर समिति के रहवासियों ने दोबारा कोर्ट में केस दायर किया। 22 नवंबर को कोर्ट ने यथास्थिति के आदेश जारी किए। बावजूद इसके भागीरथ निर्माण कर रहा है। सूत्रों की मानें तो नगर निगम के एक वरिष्ठ अफसर का भागीरथ पर हाथ होने के चलते जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन जांच व निर्माण पर रोक लगाने में नकाम है।
-वर्जन
यह प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं है। जानकारी लेता हूं।
निशांत वरवड़े, कलेक्टर
भोपाल।
जमीन पर अवैधानिक रूप से कब्जा और अतिक्रमण करने वाले कोर्ट के आदेश को भी ताक पर रख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला स्टेशन रोड से लगे पुष्पा नगर स्थित एसबीआई स्टॉफ गृहनिर्माण समिति के एक प्लॉट का है। इस पर भागीरथ माली नाम के व्यक्ति ने कब्जा कर रहा है।
कब्जे के साथ इस पर निर्माण भी चल रहा है। अब भागीरथ छत डाले की तैयारी कर रहा है। भागीरथ का इसमें अनवर अली साथ दे रहा है। ऐसा आदर्श आचार संहिता में भी चल रहा है, जबकि जिला न्यायालय ने 22 नवंबर को इस भूमि के खसरा क्रमांक-252 तथा 253 पर अवैध कब्जा बताकर क्रमश: खसरा 0.24 और खसरा 0.16 पर निर्माण कार्य रोकने आदेश पारित किए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि निर्माण कार्य को लेकर एसडीएम और कलेक्टर को भी शिकायत की गई, लेकिन किसी ने अतिक्रमण मुक्ति की कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया।
-यह है मामला
1992 में प्रभात पेट्रोल पंप से लेकर भोपाल रेलवे स्टेशन तक 80 फीट रोड निकालने भूमि अधिग्रहण की सूचना जारी की। इस रोड में तीन ग्राम हिनौतिया काच्छियान, सेमराकलां और चांदबड़ की भूमियां आर्इं। 1994 में रोड के लिए भूमि अधिग्रहित की जाना शुरू हुआ। इसमें चांदबड़ में आने वाली एसबीआई स्टॉफ गृहनिर्माण समिति की भूमि का कुछ हिस्सा आया। इस अधिग्रहण के बाद दक्षिण दिशा में करीब एक हैक्टेयर भूमि बच गई थी। इस पर बीते कई सालों से भागीरथ की निगाहें टेढ़ी थी। इसके बाद समिति के इस प्लॉट पर कब्जा जमा लिया। कब्जे का अधिकृत बताने भागीरथ और अनवर अली ने चांदबड़ क्षेत्र में आने वाली भूमि के नाम से दस्तावेज बनवा लिए। जांच में यह बात स्पष्ट हो चुकी है।
-कोर्ट ने दिया यह आदेश
समिति के कुछ लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका समिति की तरफ से अधिवक्ता ने बताया कि 1994 में जब भूमि अधिग्रहित की गई थी, कब्जे धारी ने जाली दस्तावेजों के आधार पर खसरा क्रमांक- 252 और 253 पर कब्जा करने की कोशिश की। सुनवाई के दौरान व्यवहार वर्ग-2 ने खसरा क्रमांक- 252 के 0.24 और 253 के 0.16 हेक्टेयर पर किए जा रहे निर्माण को रोकने के आदेश जारी किए। रोक लगने के बाद भागीरथ ने दादागिरी करते हुए इसी जमीन से लगी खसरा क्रमांक-247 और 248 पर कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया। इस पर समिति के रहवासियों ने दोबारा कोर्ट में केस दायर किया। 22 नवंबर को कोर्ट ने यथास्थिति के आदेश जारी किए। बावजूद इसके भागीरथ निर्माण कर रहा है। सूत्रों की मानें तो नगर निगम के एक वरिष्ठ अफसर का भागीरथ पर हाथ होने के चलते जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन जांच व निर्माण पर रोक लगाने में नकाम है।
-वर्जन
यह प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं है। जानकारी लेता हूं।
निशांत वरवड़े, कलेक्टर
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