रतनगढ़ हादसा : जांच का वक्त बढ़ा
-एक मंत्री को छोड़ सभी मौजूद
भोपाल।
चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद शिवराज ने समीझा बैठकों के साथ चुनाव परिणाम आने से पूर्व राज्य शासन द्वारा बुलाई आखिरी कैबिनेट में शिरकत की। बैठक में एक मंत्री देवी सिंह सैयम को छोड़कर सभी मंत्री शामिल हुए। कैबिनेट ने रतनगढ़ हाटसे की जांच के लिए और वक्त बढ़ा दिया है। शुक्रवार को बुलाई कैबिनेट में 14 प्रस्तावों पर मंत्री परिषद ने चर्चा की।
बैठक में यूनियन कार्बाइड के गैस रिसाव की जांच के लिए गठित आयोग के सचिव का कार्यकाल बढ़ाने को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। उल्लेखनीय है कि आचार संहिता प्रभावी होने के दौरान राज्य शासन द्वारा कैबिनेट बुलाने के फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया था। चुनाव आयोग से कैबिनेट को निरस्त करने की गुहार लगाई। आयोग ने सरकार से एजेंडे की जानकारी तलब की, इसके बाद सशर्त बैठक बुलाने की अनुज्ञा जारी की। लेकिन सरकार कैबिनेट बुलाने के फैसले पर अडिग रही। इतना जरूर रहा कि पहले सीाी मंत्रियों को 5 दिसंबर को कैबिनेट की सूचना दी गई थी, लेकिन बाद में एक दिन का समय और बढ़ा दिया था। शुक्रवार को सुबह 11 बजे राज्य मंत्रालय में हुई कैबिनेट में जिन प्रस्तावों पर चर्चा हुई, धान खरीदने पर कर का अधिरोपण, फसलों की क्षति का आकलन करने राजस्व पुस्तिका में संशोधन के पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुसमर्थन शामिल है। साथ ही भूमि लीज पर दिए जाने विवरणिका में संशोधन पर भी चर्चा हुई।
-एक मंत्री को छोड़ सभी मौजूद
भोपाल।
चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद शिवराज ने समीझा बैठकों के साथ चुनाव परिणाम आने से पूर्व राज्य शासन द्वारा बुलाई आखिरी कैबिनेट में शिरकत की। बैठक में एक मंत्री देवी सिंह सैयम को छोड़कर सभी मंत्री शामिल हुए। कैबिनेट ने रतनगढ़ हाटसे की जांच के लिए और वक्त बढ़ा दिया है। शुक्रवार को बुलाई कैबिनेट में 14 प्रस्तावों पर मंत्री परिषद ने चर्चा की।
बैठक में यूनियन कार्बाइड के गैस रिसाव की जांच के लिए गठित आयोग के सचिव का कार्यकाल बढ़ाने को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। उल्लेखनीय है कि आचार संहिता प्रभावी होने के दौरान राज्य शासन द्वारा कैबिनेट बुलाने के फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया था। चुनाव आयोग से कैबिनेट को निरस्त करने की गुहार लगाई। आयोग ने सरकार से एजेंडे की जानकारी तलब की, इसके बाद सशर्त बैठक बुलाने की अनुज्ञा जारी की। लेकिन सरकार कैबिनेट बुलाने के फैसले पर अडिग रही। इतना जरूर रहा कि पहले सीाी मंत्रियों को 5 दिसंबर को कैबिनेट की सूचना दी गई थी, लेकिन बाद में एक दिन का समय और बढ़ा दिया था। शुक्रवार को सुबह 11 बजे राज्य मंत्रालय में हुई कैबिनेट में जिन प्रस्तावों पर चर्चा हुई, धान खरीदने पर कर का अधिरोपण, फसलों की क्षति का आकलन करने राजस्व पुस्तिका में संशोधन के पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुसमर्थन शामिल है। साथ ही भूमि लीज पर दिए जाने विवरणिका में संशोधन पर भी चर्चा हुई।
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