-राजधानी में ‘सवा’ रहा ‘नोटा’
- 1.25 प्रतिशत वोट किसी के नहीं
कृष्ण कुमार पांडेय भोपाल 7869301862
राजधानी में 1669339 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इनमें से 20208 मतदाताओं इनमें से कोई नहीं (नोटा) का बटन दबाया। 1.25 फीसदी मतदान नोटा में होने से स्पष्ट हो जाता है कि राजधानी के बीस हजार मतदाताओं को किसी भी प्रत्याशियों पर भरोसा नहीं है। इतना मत यदि किसी के खाते में दर्ज होता तो वह निश्चित ही अपने प्रतिद्वंदी को परास्त कर सकता था। नोटा के इन मतों का क्या होगा? इसकों लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने किसी भी प्रकार के दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। आयोग से जुड़े वरिष्ठ अफसरों की माने तो विधानसभा में यह प्रयोग केवल सेमीफाइनल के तौर पर किया गया, लेकिन लोकसभा चुनाव से पूर्व नोटा को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
खैर, जिले में 63.89 प्रतिशत मतदान और उस पर 1.25 प्रतिशत मतदान नोटा पर होना इस बात का संकेत है यदि विजय उम्मीदवारों ने जनता के अनूरुप काम नहीं किया तो यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। जिले में महिलाओं ने मतदान में इस बार खासी रुचि दिखाई। पुरुषों की वोटिंग का प्रतिशत 65.26 है, पर महिलाओं का ग्राफ 62.34 फीसदी होना यह बताता है कि घरेलू महिलाएं पोलिंग बूथ तक सरकार गठन की चाह में आई थीं। महिलाओं का यह आंकड़ा 2008 के चुनाव के मुकाबले यह आंकड़ा काफी बढ़ा है।
...तो बढ़ सकता था नोटा का प्रतिशत
विधानसभा चुनाव 2013 में चुनाव गाइड लाइन जारी करते समय अगर नोटा के संबंध में भी गाइड लाइन जारी कर दिया जाता तो नोटा का प्रतिशत और भी बढ़ सकता है। पूर्व में किए गए युवाओं से बातचीत में युवाओं ने पहले ही बता दिया था कि हम इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे लेकिन वोट नोटा पर डालेंगे। इससे यह बात साफ जाहिर होती है कि जितने भी वोट नोटा पर डले है वे सभी वोट नवमतदाता व युवाओं की सरकार बदलने की चाह पर पड़े है।
फैक्ट फाइल
विस मतदाता मतदान नोटा पर
बैरसिया 195183 140425 4453
भोपाल उत्तर 225414 139546 2320
नरेला 270924 175345 2263
भोपाल दक्षिण-प. 202919 126118 1992
भोपाल मध्य 223146 137942 2666
गोविंदपुरा 296599 180336 2503
हुजूर 255124 165097 4011
योग 1669339 1064809 20208
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