बुधवार, 4 दिसंबर 2013

किसानों ने घेरा हाउसिंग बोर्ड कार्यालय

-अवैधानिक रूप से अधिग्रहित की गई जमीन का मांगा वाजिब हक 
भोपाल। 
अयोध्या नगर में अधिग्रहित की गई जमीन को लेकर बुधवार को किसानों ने घेरा हाउसिंग बोर्ड कार्यालय को घेरा। किसानों का आरोप है कि बोर्ड और प्रशासन के अफसरों ने नियम विरुद्ध जाकर भूमि अधिग्रहित की है। 
करीब 3 बजे नरेलाशंकरी के किसान एकत्र हो अयोध्या नगर स्थित अयोध्या एक्टेंशन हाउसिंग बोर्ड कार्यालय का घेराव किया। इससे पहले किसान हाउसिंग बोर्ड के मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने ‘नेरलाशंकरी विस्थापित पुनर्वास अभियान’ के बैनर तले कमिश्नर हाउसिंग बोर्ड को ज्ञापन सौंपा। साथ लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया कि किसानों से 1991 में अयोध्या नगर बसाने से पहले बोर्ड ने 132.22 एकड़ भूमि अधिग्रहित की थी। इसमें रसूखदारों की जमीन के खसरे तो छोड़ दिए गए, लेकिन किसानों की जमीन के खसरों को शामिल कर अधिग्रहित कर लिया गया। इसका उचित मुआवजा भी किसानों को नहीं दिया गया। इस संबंध में प्रमुख सचिव राजस्व लेकर जिला कलेक्टर तक को आवेदन दिया जा चुका है। ‘नेरलाशंकरी विस्थापित पुनर्वास अभियान’ के उपाध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया, अब इस शेष भूमि पर हाउसिंग बोर्ड भवन निर्माण शुरू कर रहा है। बीते कुछ सालों से किसानों द्वारा कोर्ट का हवाला दे बोर्ड के अफसरों ने यह काम रोके रखा था। अधिकारियों ने किस प्रकार मिली भगत कर किसानों की जमीन हथियाई इसकी शिकायत लोकायुक्त और 
ईओडब्ल्यू में दर्ज है। किसानों ने आरोप लगाया कि बोर्ड के अफसरों ने अधिग्रहित भूमि में से कुछ भूमि निजी सोसायटियों को भी दी है, जिसकी कोई जांच ही नहीं हो रही है।

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