-मध्य में 77 और दक्षिण-पश्चिम में साढ़े उन्नहत्तर प्रतिशत पुनर्मतदान
-73.48 प्रतिशत मतदाताओं ने डाले वोट
भोपाल।
पुनर्मतगणना के साथ जिले के दोनों विधानसभा में मुकाबला कड़ा हो गया है। यह संभावना विधानसभा दक्षिण-पश्चिम और मध्य में वोटिंग प्रतिशत बढ़ने के कारण है। हालांकि दक्षिण-पश्चिम में 2 फीसदी कम मतदान हुआ। दोनों ही केंद्रों पर धीमी रफ्तार से मतदान शुरू हुआ, लेकिन अच्छी बात यह रही कि पुनर्मतगणना शांतिपूर्ण रहा।
दोनों केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) तकनीकी खामियों के चलते शिकायत के बाद मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को पुर्नमतदान के निर्देश जारी किए थे। विधानसभा क्रमांक-152 भोपाल दक्षिण-पश्चिम के मतदान केंद्र क्र.-61 पर 69.63 और विधानसभा क्रमांक-153 भोपाल मध्य के मतदान केंद्र-93 पर 77.34 प्रतिशत मतदान हुआ।
मतदान से ठीक एक दिन पहले यहां सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया गया था। वहीं मंगलवार शाम को ही दोनों मतदान केंद्रों दायरे में आने वाली शराब की दुकानों को सील कर दिया गया था।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत वरवड़े ने बताया, मतदान के दौरान आयोग द्वारा दक्षिण-पश्चिम के लिए डॉ. संजय ए मुखर्जी और भोपाल मध्य पर डॉ. शफीना ए.एन. को प्रेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया था। मतदान के बाद ईवीएम को स्ट्रांग रूम में रखवाया गया।
-10 के बाद रफ्तार
गुरुवार को हुए पुर्नमतदान के दौरान दक्षिण-पश्चिम में के बूथ क्रमांक-61 पर 69.63 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 25 नवंबर को हुए मतदान से 2 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। वहीं मध्य के मतदान क्रमांक-93 पर 77.34 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां 12.73 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। अंतिम एक घंटे में दोनों बूथों पर केवल 5-5 प्रतिशत मतदान पर आकर थम गया। हालांकि सुबह भी धीमी रफ्तार थी। 10 के बाद यहां वोटिंग ने रफ्तार पकड़ी।
-1179 ने किया मतदान
दोनों बूथों पर कुल 1634 मतदाता थे। इसमें से कुल 1179 यानी 73.48 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। बूथ क्रमांक -93 में 534 मतदाताओं में से 413 ने वोट डाले। इसमें 219 पुरुष व 194 महिला मतदाता शामिल हैं। 25 नवंबर को हुए मतदान से इस बार 68 वोट अधिक पड़े। मतदान क्रमांक-61 में 1100 में से 766 मतदाताओं ने अपने मतदाधिकार का प्रयोग किया। इसमें 399 पुरुष तथा 367 महिला मतदाता शामिल हैं। इसमें पिछले बार से 22 वोट कम पड़े।
-सबकी रही निगाह
दक्षिण-पश्चिम के बूथ क्रमांक-61 को छावनी जैसा बना रखा था। मतदान कक्ष में उसी को प्रवेश दिया गया, जिसके पास वोटर आईडी कार्ड या पर्ची थी। इसके इतर लोगों को बूथ स्थल से दूर ही जाने के निर्देश दिए। मतदान करने पहुंच रहे एक-एक मतदाता पर आरओ, एआरओ व सेक्टर मजिस्ट्रेट से लेकर पांच थानों के टीआई की निगाह थी।
-एक पहुंचाया थाने
दक्षिण-पश्चिम पर एक बुजुर्ग वोटर को एक लड़का मतदान कराने पहुंच। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसके हाव-भाव पर गौर करते हुए उसे पास बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि वह इस क्षेत्र का वोटर है ही नहीं। जब बुजुर्ग मतदाता से उस लड़के के संबंध में जानकारी ली तो उन्होंने भी पहचानने से इंकार कर दिया। मौके पर मौजूद आरओ ने तत्काल उस लड़के को थाने पहुंचाया।
-पूरी बरती एहतीयात
विधानसभा क्रमांक-153 भोपाल मध्य के मतदान केंद्र-93 पर तय समय सुबह 8 बजे मतदान शुरू हुआ। यहां करीब 9 बजे मीडियाकर्मी पहुंचे, पोलिंग बूथ में प्रवेश को लेकर सुरक्षा कर्मियों से विवाद हो गया। दरअसल, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर मतदान करते भीतर के शॉट लेना चाहते थे, लेकिन इस कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। कुछ पत्रकारों ने प्राधिकार-पत्र का हवाला दिया। इस पर रिटर्निंग आॅफिसर और प्रेक्षक ने बताया, 25 नवंबर को हुए मतदान के दौरान इसकी इजाजत थी। पुर्नमतदान के दौरान ऐसा नहीं है। वहीं सुरक्षाकर्मियों ने पहले की तुलना में अधिक एहतीयात बरती। 25 नवंबर को मतदान के दौरान शिकायत मिली थी कि कांग्रेस व अन्य का बटन दबाने पर कमल की लाइट जल रही है। इस पर यहां से कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ मसूद ने अपने सर्थकों के साथ हंगामा करते हुए, आयोग से शिकायत की थी। दोपहर 1.30 बजे तो खुद सीएसपी सीएसपी (जहांगीराबाद) सलीम खान ने शंका के आधार पर एक युवक से उसकी मतपर्ची लेकर नाम, पता और पिता का नाम पूछा। करीब 1 बजे 315 लोगों ने वोट डाले। उल्लेखनीय है कि 2008 में भी इसी केंद्र पर पुर्नमतदान हुआ था। उस वक्त भी कांग्रेस के ही प्रत्याशी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
-स्कूटनी कर स्ट्रांग रूप में रखवाई मशीनें
मतदान के दौरान आयोग लारा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-152- भोपाल दक्षिण पश्चिम के लिए नियुक्त प्रेक्षक डॉ. संजय ए मुखर्जी ने बूथ क्रमांक - 61 का निरीक्षण किया। इधर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक - 153- भोपाल मध्य की प्रेक्षक डॉ. शफीना एएन ने भी बूथ क्रमांक - 93 का भ्रमण किया। मतदान समाप्त होने के बाद मतदान दल सीधे पुरानी जेल में सामग्री जमा करने पहुंचे। यहां पर मतदान प्रतिशत के आधार पर स्कूटनी की गई, इसके बाद दोनों बूथों की सीयू मशीनों को स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया।
-73.48 प्रतिशत मतदाताओं ने डाले वोट
भोपाल।
पुनर्मतगणना के साथ जिले के दोनों विधानसभा में मुकाबला कड़ा हो गया है। यह संभावना विधानसभा दक्षिण-पश्चिम और मध्य में वोटिंग प्रतिशत बढ़ने के कारण है। हालांकि दक्षिण-पश्चिम में 2 फीसदी कम मतदान हुआ। दोनों ही केंद्रों पर धीमी रफ्तार से मतदान शुरू हुआ, लेकिन अच्छी बात यह रही कि पुनर्मतगणना शांतिपूर्ण रहा।
दोनों केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) तकनीकी खामियों के चलते शिकायत के बाद मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को पुर्नमतदान के निर्देश जारी किए थे। विधानसभा क्रमांक-152 भोपाल दक्षिण-पश्चिम के मतदान केंद्र क्र.-61 पर 69.63 और विधानसभा क्रमांक-153 भोपाल मध्य के मतदान केंद्र-93 पर 77.34 प्रतिशत मतदान हुआ।
मतदान से ठीक एक दिन पहले यहां सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया गया था। वहीं मंगलवार शाम को ही दोनों मतदान केंद्रों दायरे में आने वाली शराब की दुकानों को सील कर दिया गया था।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत वरवड़े ने बताया, मतदान के दौरान आयोग द्वारा दक्षिण-पश्चिम के लिए डॉ. संजय ए मुखर्जी और भोपाल मध्य पर डॉ. शफीना ए.एन. को प्रेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया था। मतदान के बाद ईवीएम को स्ट्रांग रूम में रखवाया गया।
-10 के बाद रफ्तार
गुरुवार को हुए पुर्नमतदान के दौरान दक्षिण-पश्चिम में के बूथ क्रमांक-61 पर 69.63 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 25 नवंबर को हुए मतदान से 2 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। वहीं मध्य के मतदान क्रमांक-93 पर 77.34 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां 12.73 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। अंतिम एक घंटे में दोनों बूथों पर केवल 5-5 प्रतिशत मतदान पर आकर थम गया। हालांकि सुबह भी धीमी रफ्तार थी। 10 के बाद यहां वोटिंग ने रफ्तार पकड़ी।
-1179 ने किया मतदान
दोनों बूथों पर कुल 1634 मतदाता थे। इसमें से कुल 1179 यानी 73.48 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। बूथ क्रमांक -93 में 534 मतदाताओं में से 413 ने वोट डाले। इसमें 219 पुरुष व 194 महिला मतदाता शामिल हैं। 25 नवंबर को हुए मतदान से इस बार 68 वोट अधिक पड़े। मतदान क्रमांक-61 में 1100 में से 766 मतदाताओं ने अपने मतदाधिकार का प्रयोग किया। इसमें 399 पुरुष तथा 367 महिला मतदाता शामिल हैं। इसमें पिछले बार से 22 वोट कम पड़े।
-सबकी रही निगाह
दक्षिण-पश्चिम के बूथ क्रमांक-61 को छावनी जैसा बना रखा था। मतदान कक्ष में उसी को प्रवेश दिया गया, जिसके पास वोटर आईडी कार्ड या पर्ची थी। इसके इतर लोगों को बूथ स्थल से दूर ही जाने के निर्देश दिए। मतदान करने पहुंच रहे एक-एक मतदाता पर आरओ, एआरओ व सेक्टर मजिस्ट्रेट से लेकर पांच थानों के टीआई की निगाह थी।
-एक पहुंचाया थाने
दक्षिण-पश्चिम पर एक बुजुर्ग वोटर को एक लड़का मतदान कराने पहुंच। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसके हाव-भाव पर गौर करते हुए उसे पास बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि वह इस क्षेत्र का वोटर है ही नहीं। जब बुजुर्ग मतदाता से उस लड़के के संबंध में जानकारी ली तो उन्होंने भी पहचानने से इंकार कर दिया। मौके पर मौजूद आरओ ने तत्काल उस लड़के को थाने पहुंचाया।
-पूरी बरती एहतीयात
विधानसभा क्रमांक-153 भोपाल मध्य के मतदान केंद्र-93 पर तय समय सुबह 8 बजे मतदान शुरू हुआ। यहां करीब 9 बजे मीडियाकर्मी पहुंचे, पोलिंग बूथ में प्रवेश को लेकर सुरक्षा कर्मियों से विवाद हो गया। दरअसल, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर मतदान करते भीतर के शॉट लेना चाहते थे, लेकिन इस कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। कुछ पत्रकारों ने प्राधिकार-पत्र का हवाला दिया। इस पर रिटर्निंग आॅफिसर और प्रेक्षक ने बताया, 25 नवंबर को हुए मतदान के दौरान इसकी इजाजत थी। पुर्नमतदान के दौरान ऐसा नहीं है। वहीं सुरक्षाकर्मियों ने पहले की तुलना में अधिक एहतीयात बरती। 25 नवंबर को मतदान के दौरान शिकायत मिली थी कि कांग्रेस व अन्य का बटन दबाने पर कमल की लाइट जल रही है। इस पर यहां से कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ मसूद ने अपने सर्थकों के साथ हंगामा करते हुए, आयोग से शिकायत की थी। दोपहर 1.30 बजे तो खुद सीएसपी सीएसपी (जहांगीराबाद) सलीम खान ने शंका के आधार पर एक युवक से उसकी मतपर्ची लेकर नाम, पता और पिता का नाम पूछा। करीब 1 बजे 315 लोगों ने वोट डाले। उल्लेखनीय है कि 2008 में भी इसी केंद्र पर पुर्नमतदान हुआ था। उस वक्त भी कांग्रेस के ही प्रत्याशी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
-स्कूटनी कर स्ट्रांग रूप में रखवाई मशीनें
मतदान के दौरान आयोग लारा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-152- भोपाल दक्षिण पश्चिम के लिए नियुक्त प्रेक्षक डॉ. संजय ए मुखर्जी ने बूथ क्रमांक - 61 का निरीक्षण किया। इधर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक - 153- भोपाल मध्य की प्रेक्षक डॉ. शफीना एएन ने भी बूथ क्रमांक - 93 का भ्रमण किया। मतदान समाप्त होने के बाद मतदान दल सीधे पुरानी जेल में सामग्री जमा करने पहुंचे। यहां पर मतदान प्रतिशत के आधार पर स्कूटनी की गई, इसके बाद दोनों बूथों की सीयू मशीनों को स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया।
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