बुधवार, 6 नवंबर 2013

गौर ने 10वीं, गुप्ता ने तीसरी और सारंग ने दूसरी बार भरा पर्चा

-कोई ढोल के साथ तो कोई शांति से पहुंचा कलेक्टोरेट 
भोपाल। 
गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में बाबूलाल गौर ने 10वीं बार नामांकन दाखिल किया। दक्षिण-पश्चिम सीट से भाजपा के उम्मीदवार उमाशंकर गुप्ता ने तीसरी और नरेला से विश्वास सारंग ने दूसरी बार पर्चा दाखिल किया। सभी ने अपना-अपना दंभ दिखाया। 
गौर और गुप्ता जहां ढोल-ढमाके के साथ नामांकन जमा करने पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थक भी थे, लेकिन सारंग मात्र चार सदस्यों के साथ पहुंचे। भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से नेशनल कम्युनिष्ट पार्टी के शैलेंद्र कुमार शैली व इंडियन नेशनल कांग्रेस के सैय्यद कमर अली ने नामांकन पत्र दाखिल किया। गोविंदपुरा सीट पर शिवसेना की तरफ से संजय सक्सेना ने फिर दावेदारी जताई है। पूर्व भी उन्होंने यहीं से पर्चा दाखिल किया था। इसी प्रकार बैरसिया, भोपाल उत्तर और हुजूर विधानसभा क्षेत्र से एक-एक प्रत्याश्ी ने नामांकन पत्र भरा। 


-गौर दिखे उत्साहित 
गोविंदपुरा विधानसभा सीट 10वीं बार नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल गौर उत्साहित दिखे। गोविंदपुरा विधानसभा सीट के नामांकन जमा करने के लिए कक्ष क्रमांक-156 में आरओ रितु चौहान को उन्होंने अपना पर्चा दिया। इस दौरान उनके साथ परिवार के सदस्यों में बहू व महापौर कृष्णा गौर और दो नाति उपस्थित थे। करीब 12.55 पर ढोल-ढमाकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे श्री गौर ने 10 मिनट में पर्चा दाखिल कर दिया। वे यहां रैली की शक्ल में पहुंचे। कृष्णा गौर ने उन्हें टीका लगाकर विदा किया था। श्री गौर ने इस दौरान कहा, यह जनता का प्यार और विश्वास ही है कि वह 10वीं बार मैदान में हैं। 

-विश्वास पहुंचे मोटर साईकिल से 
नरेला से वर्तमान भाजपा विधायक विश्वास सारंग मोटर साईकिल से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया, पहले रैली के रूप में ही आने की तैयारी थी, लेकिन जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के निधन की सूचना मिली। इसे स्थगित कर दिया। खुद मोटरसाईकिल पर सवार होकर सीधे पुराने आरटीओ कार्यालय स्थिति गोविंदपुरा वृत्त पहुंचे। यहां पर नरेला विधानसभा क्षेत्र से नामांकन जमा किया। इस उन्हें पार्चा दाखिल करने में करीब 20 मिनट का समय लगा। बाद में वे मोटरसाईकिल से ही वापस गए। 

-उमाशंकर से ज्यादा राधा धनवान
उमाशंकर गुप्ता से ज्यादा उनकी पत्नी राधा गुप्ता धनवान हैं। नकदी ही नहीं, बैंक बचत और शेयर के मामले में भी। यह जानकारी उमाशंकर गुप्ता ने मंगलवार को दाखिल किए अपने पर्चे में दी। उन्होंने दक्षिण-पश्चिम से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया। उनके पास 19 लाख 71 हजार 525 रुपए नकद हैं। वहीं उनकी धर्मपत्नी राधा गुप्ता के पास नकद 24 लाख 85 हजार रुपए हैं। इसी प्रकार श्री गुप्ता के पास 35 हजार व श्रीमती गुप्ता के पास 29 लाख 30 हजार के शेयर हैं। पॉलिसी की बात करें तो उमाशंकर के पास 648820 और राधा के पास 792468 रुपए की पॉलिसियां हैं। श्री गुप्ता ने यहां से वर्ष 2003 व 2008 में भाजपा विधायक के तौर पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने कहा, इस बार भी विकास के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ा जाएगा। गुप्ता भी केवल अपने परिजनों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष श्री रोहाणी के निधन की खबर मिलने पर रैली का कार्यक्रम टाल दिया। वह बीडीए अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ सिंह, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। 

-सड़क हुई जाम 
ढोल-ढमाकों के साथ रैली की शक्ल में पर्चा दाखिल करने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे बाबूलाल गौर के साथ उनके ढेरों कार्यकर्ता थे। रैली जिधर से निकली, वहां जाम की स्थिति बन गई। कलेक्ट्रेट कार्यालय के समीप तो इतना भयंकर जाम लग गया था कि वाहन चालकों ने बीआरटीएस कॉरीडोर में को चुना और अपनी राह पकड़ी। जब तक कॉरीडोर की सुरक्षा के लिए लगे कमर्चारी समझ पाते, तब तक ढेरो वाहन कॉरीडोर से होकर गुजर चुके थे। 

-डागा ने खरीदा फार्म 
भले ही जीतेंद्र डागा का नाम भाजपा ने अभी अंतिम नहीं किया हो, लेकिन उन्होंने हुजूर क्षेत्र से दावेदारी के लिए नामांकन फार्म खरीद लिया है। उनके साथ कुल छह सदस्यों ने नामांकन फार्म खरीदने   के साथ प्रतिभूति राशि भी जमा की। नरेला से सुनील सूद आत्मज आरडी सूद, शहवर आलम आत्मज मोहम्मद साकिर आलम ने, भोपाल दक्षिण-पश्चिम से प्रकाश गवांडे आत्मज भालचंद गवांडे, भोपाल मध्य से मोहम्मद सलीम आत्मज कालेखां, गोविंदपुरा से रामपाल घोसले आत्मज महादेव व हुजूर से जितेंद्र डागा आत्मज मिश्री लाल डागा ने नामांकन फार्म लिए।

-वे संसदीय ज्ञान के पुंज थे
एक बड़ा नेता पार्टी और राजनीति ने खो दिया है। इन 10 सालों में मैने उनसे तनावपूर्ण स्थिति में भी शांत रहकर अपना काम ठीक ढंग से करने की बारीकि यां सीखीं, जो जीवन पर्यान्त काम देगीं। वे संसदीय ज्ञान के पुंज थे। 
उमाशंकर गुप्ता, गृहमंत्री

नहीं भर सकते उनकी कमी 
रोहाणी संसदीय ज्ञान के पुरोधा थे। संदन के संचालन की उनकी योग्यता और कुशलता का सभी लोहा मानते थे। सदन में चाहे कैसी ही परिस्थियां बनी हुई हों, लेकिन हर स्थिति को उन्होंने संभाला। उनकी कमी को किसी भी कीमत पर भरा नहीं जा सकता। 
नरोत्तम मिश्रा, संसदीय कार्य मंत्री, 
 

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