शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

खंती मामले में एनजीटी ने लगाई कड़ी फटकार-पर्यावरण को होने वाला नुकसान रोका जाए

भानपुर कचरा खंती की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम भेजेगा एनजीटी
नगर निगम, नगरीय प्रशासन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड 11 दिसबंर को देंगे जवाब
भोपाल। 
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोन बैंच (एनजीटी) ने भानपुर कचरा खंती में लगी आग के नतीजे में निकल रहे जहरीले धुएं और बदबू को लेकर नगर निगम, नगरीय प्रशासन और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हालत में पर्यावरण को नुकसान नहीं होने दिया जाए। इसके साथ ही एनजीटी खंती से आस पास के इलाकों में होने वाले घातक प्रभाव का आंकलन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी भेजेगा। अब इस मामले की सुनवाई 11 दिसबंर को होगी।
एनजीटी के समक्ष गुरुवार को भानपुर कचरा खंती से हो रहे भयावह नुकसान के बारे में पेश की गई याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता पर्यावरणविद सुभाष सी पांडे ने जस्टिस दलीप सिंह और विषय विशेषज्ञ सदस्य पीएस राव की बैंच को बताया कि नगर निगम द्वारा भानपुर के पास बनाई गई कचरा डंपिंग खंती न केवल अवैध है, बल्कि इससे जल, वायु और जमीन में गंभीर प्रदूषण भी सालों से हो रहा है। खंती से निकलने वाले जहरीले धुएं और असहनीय बदबू के कारण यह लोगों के लिए गंभीर संक्रमित बीमारियों का कारण बना हुई है। श्री पांडे ने बताया कि शासन प्रशासन ने भानपुर खंती   को जल्द ही नहीं हटवाया तो इससे निकलने वाले जहरीले धुंए से भोपाल गैसकांड से भी भयावह खतरा एक बड़ी आबादी के सिर पर मंडरा रहा है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा। 

-जवाब देने के लिए मांगा समय
जस्टिस दलीप सिंह और विषय विशेषज्ञ सदस्य पीएसराव की बैंच के समक्ष मौजूद नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगरीय प्रशासन के अधिकारियों ने मामले में जवाब पेश करने के लिए समय मांगा। जिस पर बैंच ने उन्हें 11 दिसंबर तक आवश्यक रूप से जबाव पेश करने के आदेश देते हुए सख्त हिदायत भी दी कि खंती से होने वाले पर्यावरण के नुकसान को जल्द रोका जाए। इसके साथ ही कचरा डंपिंग में लगे कमर्चारियों को जरूरी सुरक्षा किट एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाएं और शहर से कचरा ले जाने वाले वाहनों को ढंके  बिना कचरा न ले जाया जाए। 

ट्रिब्यूनल करेगा कचरा खंती की जांच
जस्टिस दलीप सिंह और विषय विशेषज्ञ सदस्य पीएसराव की बेंच ने कहा है कि खंती मामले में ट्रिब्यूनल की ओर से एक दल जांच के लिए भेजा जाएगा। इस दल में विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह दल खंती से निकलने वाले जहरीले धुएं और बदबू के प्रभावों एवं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेगा। यह विशेष जांच दल अपनी रिपोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 11 दिसंबर तक पेश कर देगा। 

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