दिवाली के बाद फटा विरोध का बम
राजनीतिक संवाददाता, भोपाल
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। विदिशा जिले की कुरवाईं तहसील से उ मीदवार बनाई गईं पानबाई के विरोध में सोमवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन किया। वहीं अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित होशंगाबाद जिले की पिपरिया सीट से कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी ममता नागौत्री के विरोध में तुलाराम और गुड्डू नायक समेत आधा दर्जन से अधिक व्यक्ति प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और वतर्मान प्रत्याशी की खिलाफत की।
विदिशा जिले की अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित कुरवाई सीट से पनबाई पंथी को प्रत्याशी बनाया गया है। इनके विरोध में भी वहां के संदीप सप्रे और अनेक कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंंचे और नारेबाजी की। इन नेताओं ने पनबाई को टिकट दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें बदला जाए। संदीप का कहना था कि पार्टी ने यदि टिकट नहीं बदला तो उनके साथ 10 हजार कार्यकर्ता चुनाव प्रचार करने की जगह घर बैठ जाएंगे। गौरतलब है कि पानबाई 80 के दशक में यहां से कांग्रेस की विधायक थीं। पान बाई को उ मीदवार बनाए जाने के विरोध में संदीप सप्रे के नेतृत्व में करीब ढाई सौ लोगों ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। सप्रे ने आरोप लगाया कि पानबाई अपने विधायकी कायर्काल के दौरान 5 साल में बमुश्किल 5 बार भी कुरवाई नहीं आई होंगी।
वहीं अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित होशंगाबाद जिले की पिपरिया सीट से कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी ममता नागौत्री के विरोध में भी कई कार्यकर्ता पीसीसी पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने ममता नागौत्री को कमजोर प्रत्याशी रिूपित करते हुए कहा कि उनके अलावा अन्य किसी को भी टिकट दे दिया जाए। इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह इस संबंध में प्रदेश संगठन को अवगत करा चुके हैं।
सभी को बात रखने का अधिकार:
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी रामेश्वर नीखरा ने इन प्रदशर्नों के बारे में कहा कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका दावा है कि इन कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नारेबाजी नहीं की। सिर्फ अपनी बात रखी। इन प्रदशर्नों को अनुशासनहीनता के दायरे में लाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि जब पार्टी इस तरह की कारर्वाई करेगी तो इसकी खबर मीडिया को भी मिल जाएगी।
राजनीतिक संवाददाता, भोपाल
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। विदिशा जिले की कुरवाईं तहसील से उ मीदवार बनाई गईं पानबाई के विरोध में सोमवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन किया। वहीं अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित होशंगाबाद जिले की पिपरिया सीट से कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी ममता नागौत्री के विरोध में तुलाराम और गुड्डू नायक समेत आधा दर्जन से अधिक व्यक्ति प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और वतर्मान प्रत्याशी की खिलाफत की।
विदिशा जिले की अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित कुरवाई सीट से पनबाई पंथी को प्रत्याशी बनाया गया है। इनके विरोध में भी वहां के संदीप सप्रे और अनेक कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंंचे और नारेबाजी की। इन नेताओं ने पनबाई को टिकट दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें बदला जाए। संदीप का कहना था कि पार्टी ने यदि टिकट नहीं बदला तो उनके साथ 10 हजार कार्यकर्ता चुनाव प्रचार करने की जगह घर बैठ जाएंगे। गौरतलब है कि पानबाई 80 के दशक में यहां से कांग्रेस की विधायक थीं। पान बाई को उ मीदवार बनाए जाने के विरोध में संदीप सप्रे के नेतृत्व में करीब ढाई सौ लोगों ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। सप्रे ने आरोप लगाया कि पानबाई अपने विधायकी कायर्काल के दौरान 5 साल में बमुश्किल 5 बार भी कुरवाई नहीं आई होंगी।
वहीं अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित होशंगाबाद जिले की पिपरिया सीट से कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी ममता नागौत्री के विरोध में भी कई कार्यकर्ता पीसीसी पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने ममता नागौत्री को कमजोर प्रत्याशी रिूपित करते हुए कहा कि उनके अलावा अन्य किसी को भी टिकट दे दिया जाए। इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह इस संबंध में प्रदेश संगठन को अवगत करा चुके हैं।
सभी को बात रखने का अधिकार:
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी रामेश्वर नीखरा ने इन प्रदशर्नों के बारे में कहा कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका दावा है कि इन कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ नारेबाजी नहीं की। सिर्फ अपनी बात रखी। इन प्रदशर्नों को अनुशासनहीनता के दायरे में लाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि जब पार्टी इस तरह की कारर्वाई करेगी तो इसकी खबर मीडिया को भी मिल जाएगी।
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