शनिवार, 2 नवंबर 2013

शर्मा का नामांकन फार्म कोई ओर ले गया ,भोपाल

खनिज विकास निगम के अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा के नाम का नामांकन फार्म कोई ओर लेकर चला गया है। इस बात खुलासा खुद श्री शर्मा ने जिला निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत में किया है। शिकायत में उन्होंने सवाल किया कि आखिर मेरे नाम का नामांकन फार्म कौन ले गया? फार्म के लिए मैंने किसी को भी अधिकृत नहीं किया था। 
शिकायत के   जरिए उन्होंने कहा, जब तक वह लिखित में किसी व्यक्ति को अधिकृत न करें, तब तक उनके नाम का नाम निर्देशन-पत्र किसी को भी न दिया जाए। गौर करें, शुक्रवार से जिले की विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले ही दिन 20 नामांकन फार्म बिके। फार्म खरीदने वालों में श्री शर्मा का नाम भी शामिल है। 10 हजार रुपए की अमानत राशि जमा कर रामेश्वर शर्मा पिता परमानंद शर्मा के नाम यह पत्र लिया गया। जबकि श्री शर्मा को इस बात की खबर अपने सूत्रों से लगी। उल्लेखनीय है कि उनका टिकट अभी कवायद में है। भाजपा ने उनकी दावदारी तय नहीं की है। इधर निर्वाचन कार्यालय प्रभारी ने बताया, पहले दिन सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन फार्म बांटे गए। 
उपजिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय सिंह ने बताया, श्री शर्मा ने इस मामले में शिकायत की है। इसे जांच में ले लिया गया है। 
-टिकट कटवाने की साजिश 
श्री शर्मा ने बताया, उनके नाम से जो आवेदन निकला है। यह एक साजिश भी हो सकती है, उनका टिकट कटवाने की। विरोधी फार्म लेकर यह दर्शाने का प्रयास कर रहे हैँ कि मैं पार्टी की गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहा हूं। नामांकन फार्म जमा करने में अभी काफी दिन बाकी हैं। पार्टी की गाइडलाइन से हटकर कोई काम नहीं करूंगा। 

-होगी वीडियोग्राफी 
श्री सिंह ने बताया, इस मामले को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि शनिवार से नामांकन फार्म बांटने व खरीदने वालों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी ताकि कोई गलत व्यक्ति नामांकन फार्म खरीदता है तो उस पर कारर्वाई भी संभव हो सके।

-कोई भी खरीद सकता है फार्म 
कार्यालय के अनुसार 10 हजार या 5 हजार रुपए की अनामत राशि जमा कर कोई भी व्यक्ति नामांकन फार्म खरीद सकता है। हम किसी को भी इसके लिए नहीं रोक सकते हैं। फार्म वितरण के दौरान यह तस्दीक नहीं की जाती है कि फार्म कौन ले रहा है? फार्म जमा करने के दौरान तस्दीक करने की पूरी तैयारी की गई है। कोई भी व्यक्ति उनके नाम से फर्जी नामांकन फार्म जमा नहीं कर सकता है।

-कोई दूसरा भी हो सकता है रामेश्वर 
कार्यालय के अनुसार  जब छह-छह व्यक्तियों के नाम व पिता के नाम व उम्र एक जैसे हो सकते हैं तो रामेश्वर नाम के व्यक्ति भी कई व्यक्ति होंगे, ये ाी इत्तेफाक हो सकता है। वह भी चुनाव में खड़े होने के लिए फार्म ले सकता है। उसे किसी तरह की रोक तो है नहीं। रही बात मामले की जांच की तो वह कराई जा रही है।

-कहां से बिके कितने आवेदन
निर्वाचन आयोग के अनुसार शुक्रवार को पहले दिन 20 नामांकन फार्म बंटे हैं। इसमें सबसे अधिक 6 फार्म भोपाल उत्तर में बंटे हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र आ रहा है यहां से चार लोगों ने आवेदन लिए हैं। इसके अतिरिक्त गोविंदुपरा, भोपाल दक्षिण पश्चिम व भोपाल मध्य से तीन-तीन लोगों ने फार्म खरीदे तथा नरेला से केवल एक व बैरसिया से कोई फार्म नहीं बिका। फार्म वितरण के लिए बाकायदा चार काउंटर बनाए गए थे। बैरसिया के लिए बैरसिया एसडीएम कार्यालय में तथा छह विधानसभा क्षेत्रों के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय में तीन काउंटर बनाए गए थे, जहां से फार्म अमानती राशि जमा कराकर वितरित किए गए।

 दद्दू व कुशवाह ने भी लिए नामांकन पत्र - नामांकन फार्म लेने वालों की सूची में सूरज सिंह मारण दद्दू पिता दयाराम मारण व नारायण सिंह कुशवाह पिता धनसिंह कुशवाह भी शमिल हैं। सूरज सिंह मारण भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता है और उन्होंने अपनी दावेदारी हुजूर विधानसभा सीट से करने के लिए फार्म लिया है, जबकि नारायण सिंह कुशवाह ने भोपाल उत्तर विधानसभा सीट के लिए फार्म लिया है। इसके अतिरिक्त भोपाल उत्तर सीट से मधुदास बैरागी, शिवशंकर शर्मा, नरेश राव, रविंद्र अवस्थी, संजर नरवरे ने भी नामांकन पत्र लिए हैं। नरेला क्षेत्र से उ मीदवारी जताने के लिए एहसान अहमद ने फार्म लिया है, जबकि हुजूर से श्री मारण के अतिरिक्त रामस्वरूप यादव, राजेंद्र सिंह मीणा तथा रामेश्वर शर्मा के नाम के फार्म निकले हैं तथा गोविंदपुरा से संजय सक्सेना, केपी द्विवेदी व उमिर्ला सिंह पोरते ने नामांकन फार्म लिए हैं।

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