बुधवार, 6 नवंबर 2013

आयोग के निर्देशों अधिकारियों ने रखे ताक पर , भोपाल

भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश के बाद भी निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारी पारदर्शिता नहीं अपना रहे हैं। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि अल्प समय में इसके रिजेल्ट से आयोग को अवगत कराना है।
अधिकारी ही प्रत्याशियों द्वारा दी जाने वाली नामांकन संबंधी जानकारी देने में आनाकानी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें नरेला और मध्य विधानसभा सीट को लेकर हैं। नरेला में आचार संहिता के उल्लंघन और प्रत्याशियों के हलफनामे प्रस्तुति को लेकर रिटर्निंग आॅफिसर डीएस सिंघी की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं रिटर्निंग आॅफिसर जीएस धुर्वे मध्य क्षेत्र के उम्मीदवारों की जानकारी देने में मनमानी अपनाए हुए हैं। दोनों की अधिकारियों की कार्यशैली चर्चा में है। कार्रवाई, प्रत्याशियों की जानकारी व निर्वाचन संबंधि अन्य जानकारी यह न तो मीडिया कर्मियों को दे रहे हैं न ही अपने वरिष्ठ अफसरों को।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन संबंधित सभी जानकारियों को लेकर अफसरों से पारदर्शी रवैया अपनाने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके राजधानी में ही इसका मखौल उड़ता दिखाई दे रहा है।

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