मंगलवार, 11 जून 2013

फेसबुक, एसएमएस से तलाक स्वीकार्य नहीं

-तलाक के खिलाफ सड़क पर उतरेंगी मुस्लिम महिलाएं, 12 जून को प्रदर्शन 
भोपाल।
फेसबुक, एसएमएस और मोबाइल के जरिए तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं एकजुट हो गई हैं। 

मुस्लिम महिलाओं ने इसे गैर इस्लामिक मानते हुए प्रदर्शन करने का मन बना लिया है। इस तलाकनामें पर सख्ती से रोक लगाने भारतीय मुस्लिम महिला आन्दोलन १२ जून को प्रदर्शन करेगा। 
सोमवार को आंदोलन की राज्य समन्वयक सफिया अख्तर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, मौखिक और एक तरफा तलाक के खिलाफ हम आंदोलन करेंगे। मशहूर इस्लामिक विद्वान डॉ. असगर अली इंजीनियर ने कुरआन के आधार पर  मुस्लिम महिलाओं के अधिकार स्पष्ट करने में अपना जीवन लगाया। इंजीनियर की याद में यह मांग पुरजोर तरीके से की जाएगी कि मौखिक, एक तरफा तलाक  को प्रतिबंधित किया जाए और  मुस्लिम फैमली ला को कोडीफाइड किया जाये। उन्होंने बताया कि 12 जून 2013 को मुम्बई, अहमदाबाद, कटक, चेन्नई, पटना, बंगलौर, जयपुर और कोलकाता के साथ ही मध्यप्रदेश में सोहागपुर क्षेत्र में रैली, धरना व बैठको का आयोजन करेगा। 

-ड्राफ्ट भी कोडीफाइड 
सफिया अख्तर ने बताया कि कुरआन पर आधारित मुस्लिम पारिवारिक कानून का एक ड्राफ्ट भी कोडीफाइड किया जा रहा है। इसमें तलाक बहु विवाह, मेहर, मेटीनेन्स, बच्चों की कस्टेडी आदि मुद्दे शामिल हैं। भारत में हिन्दू, पारसी, इसाई आदि समुदाय के समुदायिक कानून संसद द्वारा पारित है, जबकि मुस्लिम के लिये तीन अलग-अलग कानून हैं, जोकि 1937 दा शरिया एप्लीकेशन एक्ट, 1939 मुस्लिम  विवाह विच्छेद अधिनियम और 1986 मुस्लिम महिला सुरक्षा अधिनियम है। ऐसे में एक समग्र कानून की जरुरत है। 

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