गुरुवार, 13 जून 2013

लाडली लक्ष्मी योजना के फार्म भरने व एनएससी देने पर वसूली संवाददाता, भोपाल

लखपति और करोड़पति होने के बाद भी बुढापे में समाजसेवा का शौक पूरा करने का जरिया आंगनबाडी बन गर्इं हैं। इसके साथ ही बहुओं से परेशान सास हो या फिर पति के व्यापार के सिलसिले में बाहर रहने पर अकेलापन दूर करने की समस्या हो, सबका एक ही समाधान है, आंगनबाडी। 
वैसे तो आंगनबाडी के जरिए शिवराज सरकार की लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए, लेकिन इसके बजाय बहुओं से परेशान सास के लिए सुकून की जगह बन गईं हैं। जी हां, राजधानी में कई ऐसी आंगनबाडी कार्यकर्ता हैं, जिनके परिवार बेहद रसूखदार और करोड़पतियों में शुमार हैं। बावजूद इसके 4 हजार रुपए महीने के बदले आंगनबाडी में कार्यकर्ता की नौकरी कर रही हैं। ऐसी सासो की उम्र भी 60 साल पार कर चुकी है, लेकिन घर में रहने के बजाय टहलते हुए आंगनबाडी आ जाती हैं। नतीजा यह कि, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
बहू से परेशान करेंगी काम
गोविंदपुरा परियोजना के तहत गौतमनगर इलाके में एक आंगनबाडी कार्यकर्ता की सेवाएं समाप्त की गई हैं। दरअसल, शिकायत मिली थी कि आंगनबाडी समय पर नहीं खुलती और शासकीय योजनाओं का संचालन सुचारु ढंग से नहीं हो पा रहा है। इसकी जांच परियोजना अधिकारी ने की, जिसमें झुग्गी बस्ती की सैकड़ो महिलाओं ने अनियमितताओं की फेहरिस्त गिना दी। दूसरी ओर, इस महिला कार्यकर्ता ने बिना मानदेय काम करने की पेशकश करते हुए अजीब तर्क दिया है कि, उसका बुढापा है और घर की जिम्मेदारी बहुओं ने संभाल ली है और पटती भी नहीं है। हालांकि, इस तर्क को मानने के बजाय सेवाएं समाप्त करने का निर्णय ले लिया गया है।
लाड़ली लक्ष्मी बनी कमाई का जरिया
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ देने के बदले वसूली की जा रही है। फार्म भरने से लेकर एनएससी देने तक में गडबडी करने वाली एक आंगनबाडी कार्यकर्ता की तत्काल सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाणगंगा परियोजना के तहत आंगनबाडी केंद्र क्रमांक 715, कुम्हारपुरा की कार्यकर्ता माधुरी काले की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। श्रीमती काले पर आरोप हैं कि, उन्होंने अभिभावकों से लाडली लक्ष्मी के फार्म भरने और एनएससी देने के बदले सैकडों रुपए वसूले। लंबे समय से चली आ रही इस अवैध वसूली से परेशान होकर कई अभिभावकों ने शिकायत कर दी, जिसके बाद परियोजना अधिकारी नंदिता मित्रा ने जांच की। जांच में कई गंभीर लापरवाहियां मिलने पर सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
कथन
काम नहीं करने और गडबडी करने वाली कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। इसके साथ ही 55 साल से अधिक की कार्यकर्ताओं की लेट लतीफी पर स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा, ताकि आंगनबाडी निर्धारित समय पर ही खुलें और शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर हो सके।
नकीजहां कुरैशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी

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