बुधवार, 5 जून 2013

समिति ने नाले पर ताने मकान, जांच हुई कार्रवाई नहीं

-संतोष श्रीवास्तव ने कलेक्टर की जनसुनवाई लगाई याचिका, 126 लोगों ने दिए शिकायती पत्र 
भोपाल। 
कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में १२६ लोगों ने अपने शिकायती आवेदन दिए। ेकोलार निवासी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने अपनी शिकायत में बताया, सर्वजन गृह निर्माण समिति ने ग्राम अकबरपुर में अवैधानिक रूप से नाले पर दो मकान बना लिए हैं। यह भूमि खसरा क्रमांक-244 है। नाले की इस भूमि पर अन्य की नीव रखी जा चुकी है। ताज्जुब की बात यह है कि इसकी शिकायत कोलार नगर पालिका में 4 अप्रैल और 25 मई को की जा चुकी है। 
उन्होंने कहा पटवारी ने मौका मुआयना भी किया। जांच में मामला सही निकला, लेकिन नाले से मकान हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। बारिश नजदीक है और वर्तमान में भी इससे नाले का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है। मामले को एसडीएम जीएस धुर्वे ने सुना। और हुजूर एसडीएम को जांच के लिए प्रेषित करते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए लिखा। 
जनसुनवाई ग्राम परवलिया निवासी कैलाश अहिरवार ने कहा कि 18 वर्ष पूर्व मेरा विवाह सुशीला पुत्री श्याम जिला सिहोर निवासी के साथ हुआ था। शादी के बाद मुझे एक लड़का और एक लड़की हुई। शादी के इतने साल बीतने के बाद भी मेरी पत्नी अपने माता-पिता के बहकावे में आकर पिछले 1 साल से दोनों संतानों को लेकर मुझसे अलग रह रही है। कैलाश ने अपने आवेदन में बताया कि पिछले दिनों मुझे यह जानकारी मिली कि मेरे ससुर और मेरी पत्नी द्वारा मिलकर मेरी नाबालिग पुत्री किरण जिसकी उम्र 16 साल है,को विवाह के नाम पर दो लाख रुपए में अज्ञात व्यक्तियों को बेच दिया गया। मेरे द्वारा जब इस संबंध में पूछताछ की गई तो ससुराल वालों ने मुझसे मारपीट की व जान से मारने की धमकी भी दी। संबंधित शिकायत पर एसएसपी द्वारा जांच करवाकर निराकरण करने को निर्देशित किया गया। 
ग्राम करोंदिया तहसील बैरसिया निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत की कि स्मार्ट कंपनी ने टावर न लगाने जुलाई -2012 में पानबाई की भूमि पर दो टावर लगवाने के लिए कंपनी में 1.26 लाख रुपए दो किश्तों में जमा किए थे। कंपनी ने 20 हजार रुपए प्रतिमाह टॉवर का किराया देने को कहा। पर अब तक टावर नहीं लगा है और न ही हमारे पैसे लौटाए जा रहे हैं। पंचशील नगर निवासी तुलसा बाई ने आवेदन देते हुए कहा कि वह कार्यापालन यंत्री लोक निर्माण विभाग के कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी अनुरक्षण अनुविभाग क्रमांक -1 तुलसी नगर में कार्यभारित रेंजर के पद पर कार्यरत थी। विभाग ने 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 31-12-2001 को सेवानिवृत्त कर दिया। इसके विरुद्ध श्रम न्यायालय में केस दर्ज कराया गया। श्रम न्यायायल ने 18-2-2006 में पक्ष में निर्णय देते हुए इस अवधि तक का वेतन भत्ते सहित नौकरी पर रखे जाने का आदेश दिया। पर विभाग हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने भी श्रम न्यायालय के निर्णय को यथावत रखा। इस आदेश के बाद भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी स्वत्व की राशि देने में आनाकानी कर रहे हैं। 

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