बेरोजगार होने की कगार पर 100 से ज्यादा महिलाएं
भोपाल।
देश के पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. शंकरदयाल शर्मा की भोपाल (गोविंदपुरा) स्थित संस्था (मप्र महिला कल्याण समिति) अपना कामकाज और सामान समेटने को मजबूर है।
इसका कारण यह है कि संस्था ने दो माह से 100 महिलाओं को वेतन नहीं दिया है। वहीं 80 महिलाएं इस आस में काम कर रही है कि उन्हें आज नहीं तो कल वेतन मिलेगा। संस्था भेल में टेंडर लेकर महिलाओं से काम कराती है। गौर करने वाली बात यह है कि इस संस्था में काम करने वाली अधिकांश महिलाओं ने अपना पूरा जीवन ही संस्था को समर्पित कर दिया। बावजूद इसके प्रबंधन ने बिना नोटिस महिलाओं को घर बैठने को कह दिया है। गौरतलब है कि इस संस्था में कभी 600 से अधिक महिलाएं काम करती थी जिनकी सं या आज घटकर 100 रह गई है। महिलाएं भेल के अंदर (ब्लॉकों) और बाहर (बढ़ी-पापड़ केंद्र) काम करती है। यहीं नहीं, भेल में काम आने वाले ट्रांसफार्मस में लगने वाले पुर्जों को बनाने का काम भी इस संस्था के महिलाओं द्वारा किया जाता है।
सहायक श्रमायुक्त को सौंपा ज्ञापन
कलेक्टे्रट में बीते 4 जून को संस्था की 100 से अधिक महिलाओं ने सहायक श्रमायुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि उनकी संस्था लगभग 35 वर्षों से चेयमैन विमला शर्मा की अध्यक्षता में ाली-भंति चल रही थी, किंतु उन्होंने किसी कारणवश संस्था की अध्यक्षता अपनी बहन निर्मला चतुर्वेदी को दे दी। निर्मला चतुर्वेदी के अध्यक्ष बनते ही हम महिलाओं के बुरे दिन शुरू हो गए। पिछले तीन वर्षों से हमसे काम तो सभी करवाया जाता है लेकिन वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा है। यहीं नहीं,लगभग दो वर्षों से हमें बोनस भी नहीं दिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि अभी तक हम लोगों को कलेक्टर रेट से वेतन दिया जा रहा था लेकिन अब इस रेट से भी हमें वेतन देने से संस्था के कर्ताधर्ता मना कर रहे है। जल्द ही हमारी समस्याओं को दूर नहीं किया गया तो हम भूखे मरने को मजबूर होंगे।
एक नजर में समिति
राजधानी में 1975 में हुई थी स्थापना
32 महिलाओं को मिलाकर स्व. डॉ. शंकरदयाल शर्मा ने बैंगलुरू में र ाी नींव
स्व. शर्मा की पत्नी विमला शर्मा है मप्र. महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष
वर्तमान में उनकी बहन निर्मला चतुर्वेदी संभाल रही है अध्यक्ष का पद
अध्यक्ष को 1956 से 1966 और 1971 से लेकर 1977 तक मप्र वेलफेयर सोशल बोर्ड द्वारा मिल चुका है पुरस्कार
गरीब,विधवा और जरूरतमंद महिलाओं के विकास के लिए काम करना संस्था का उद्देश्य
विमला शर्मा को बेस्ट सोशल वर्कर का पुरस्कार दिया था आंध्रप्रदेश के तत्कालीन गवर्नर कृष्णकांत ने
इनका कहना
महिलाओं ने ज्ञापन सौंपा है। नियमानुसार संस्था से महिलाओं को वेतन,बोनस और उनका पीएफ दिया जाएगा।
एसएस दीक्षित
सहायक श्रमायुक्त
हमें तो उपर से जो भी आदेश दिया जाता है। उसी का हम पालन करते है। अपने मन से कुछ भी करने की स्वतंत्रता नहीं है।
ममता शर्मा, डिप्टी मैनेजर
मप्र. महिला कल्याण समिति
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