मंगलवार, 11 जून 2013

साथ जाएंगे पर ज्ञापन सौंपेगें अलग-अलग

केंद्रीय मंत्री कमलनाथ से मिलने रवाना हुए कांग्रेसी पार्षद
भोपाल।
शहर के विकास में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे कांग्रेस पार्षदों का 42 सदस्यीय दल परिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा के नेतृत्व में 11 जून रात 11.30 बजे श्रीधाम एक्सप्रेस से दिल्ली की ओर कूच कर गया। जहां यह दल 12 जून को केंद्रीय मंत्री कमलनाथ से मिलकर राजधानी के विकास को लेकर उनसे चर्चा करेगा।  कांग्रेस पार्षदों की यह दिल्ली यात्रा केंद्रीय मंत्री के बुलावे पर हो रही है। गौरतलब है कि कमलनाथ के 1 जून को भोपाल आगमन पर कांग्रेस पार्षदों ने उनसे मुलाकात कर राजधानी में केंद्र सरकार की चल रही विभिन्न योजनाओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा था। तत्पश्चात केंद्रीय शहरी विकास मंत्री ने केंद्रीय योजनाओं की वस्तुस्थिति जानने के लिए कांग्रेसी पार्षदों को 12 जून को दिल्ली में आमंत्रित किया था।
एक मंच पर आना चर्चा का विषय
इस बीच अलग- अलग खेमों में बंटे कांग्रेसी पार्षदों का एक मंच पर आ जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि कांग्रेस पार्षद दिल्ली तो एक साथ जा रहे हैं लेकिन केंद्रीय मंत्री कमलनाथ को ज्ञापन अलग-अलग सौंपेगें। राजधानी में केंद्र की राशि से हो रहे विकास कार्यों में कांग्रेस वार्डों की अनदेखी और कांग्रेस पार्षदों को तवज्जों न मिलने का मामला दिल्ली बैठक में रखा जाएगा।
्रमुद्दों को लेकर एक राय नहीं
दिल्ली दरबार में रखी जाने वाली बातों का ब्यौरा तैयार करने कांग्रेस पार्षद लगातार बैठकों में व्यस्त रहे। लेकिन बैठक में किन मुद्दों को उठाया जाए और किनको नहीं इसको लेकर पार्षद एकजुट नहीं हो पाए। परिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा जहां केवल राजधानी में किए जाने वाले विकास कार्यों से संबंधित मुद्दों पर ही बैठक में चर्चा करना चाहते है वहीं दूसरी ओर परिषद में नेता प्रतिपक्ष मोह मद सगीर बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर व महापौर कृष्णा गौर द्वारा केंद्र से प्राप्त राशि से राजधानी में किए जा रहे विकास कार्यों में कांग्रेस पार्षदों की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाना चाहते है। यहीं नहीं, कई पार्षद अपनी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने पर जोर दे रहे है।
पहले नहीं पहुंची दिल्ली तक आवाज
संभवत: यह पहला मौका है जब विपक्ष के पार्षद एकजुट होकर दिल्ली गए है। अपने क्षेत्र की समस्याओं और परिषद में बहुमत रखने वाले कांग्रेस पार्षदों का दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री को शिकायत करना चुनावी साल में खास मायने के साथ जोड़ा जा रहा है।
होंगी यह चर्चाएं
-केंद्र की योजनाओं की राशि सीधे नगरीय प्रशासन मंत्री और महापौर को न मिले।
- इस राशि की मानिटरिंग कांग्रेस पार्षदों को दी जाए। कांग्रेस वार्डों को प्राथमिकता दी जाए।
- शहर में बने ऑडिटोरियम,हर वार्ड में क युनिटी हॉल।
- सीवेज नेटवर्क के लिए खास पैकेज।
- निगम मु यालय निर्माण के लिए राशि।
- पुराने शहर में सड़क,पानी,बिजली,ओवर ब्रिज और नवीनीकरण के लिए राशि।
इनका कहना
नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर व महापौर  कृष्णा गौर अगर केंद्र से कुछ राशि ले आते है तो इसमें गलत क्या है?  इस राशि को राजधानी के विकास कार्यों पर ही खर्च किया जा रहा है। मुझे खुशी होगी अगर हमारे प्रयासों से भी कुछ राशि राजधानी के विकास कार्यों के लिए मिल जाए।
कैलाश मिश्रा,परिषद अध्यक्ष
नगर निगम,भोपाल

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