सोमवार, 23 सितंबर 2013

सूची में नाम जुड़वाना कार्यालय प्रमुखों की जि मेदारी

- आगामी विधानसभा निर्वाचन के लिए तैयार किए जा रहे डाटाबेस के संबंध में जानकारियां न भेजने वाले कार्यालय प्रमुखों पर नाराजगी जताते हुए श्री वरवड़े ने कहा कि कार्यालय प्रमुख यह समझ लें कि उन्हें अपने अधिकारियों कमर्चारियों के नाम मतदाता सूची में अनिवार्य तौर पर शामिल कराना हैं। सभी अधिकारियों कमर्चारियों का डाटाबेस  तैयार किया जा रहा है इसलिए मतदाता सूची में सभी के नाम होना जरूरी है । यह निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं और इनका पूरी गंभीरता से पालन किया जाना है। जो ऐसा नहीं करेगा उसके खिलाफ कारर्वाई होना तय है। इधर
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर अक्षय सिंह ने बताया कि अभी तक जिन 12 हजार अधिकारियों कमर्चारियों का डाटाबेस तैयार कराया गया है, इनमें से केवल सात हजार के ईपिक नंबर प्राप्त हुए हैं। इस स्थिति पर कलेक्टर श्री वरवड़े ने कहा कि जिन कार्यालय प्रमुखों ने इपिक नंबर नहीं दिए हैं वे तत्काल इपिक नंबर दें। यदि उनके अधिकारी-कमर्चारियों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं तो निर्धारित फार्म भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाना सुनिश्चित करें।

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