-कई संस्थाओं के पंजीयन हो सकते हैं निरस्त
-सहकारिता विभाग ने आठ अप्रैल तक मांगा जवाब
भोपाल।
उप पंजीयक, सहकारी संस्था, कार्यालय ने काम न करने वाली १२ सोसायटियों को परिसमापन करने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए उपायुक्त सहारिता ने सभी सोसायटियों के संचालक मंडल व अध्यक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
सहकारिता विभाग ने समितियों से कारण बताने को कहा है। विभाग ने सभी १२ समितियों को ८ अप्रैल तक कार्यालय में अपना पक्ष रखने का वक्त दिया है। इस संबंध में कार्यालय उप पंजीयक ने एक विज्ञापन जारी कर सभी समितियों नोटिस दिए हैं। नोटिस में बताया गया है कि जवाब न मिलने की स्थिति में संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन समाप्त कर दिया जाएगा। जिले की १४७ सहकारी संस्थाओं में से फिलहाल १२ सोसायटियों को परिसमापन का नोटिस जारी किया गया है। इनमें मुख्य रूप से गृह निर्माण संस्थाएं और प्राथमिक उपभोक्ता भंडार शामिल हैं। उपायुक्त सहकारिता ने जारी किए नोटिस के संबंध में एक पत्र आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक को भी भेजा है। नोटिस में साफ निर्देश दिए गए हैं, जो परिसमापक अंतिम प्रतिवेदन एवं वस्तु स्थिति से अवगत नहीं कराएंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव आयुक्त पंजीयक सहकारिता को भेजा जाएगा। उपायुक्त ने सहकारिता की धारा ६९ के तहत संस्थाओं को परिसमापन करते हुए नोटिस जारी किए हैं। आदेश के तहत समितियों को अपने उद्देश्य अनुसार किए जा रहे हैं कार्यों का ब्यौरा देना होगा। आठ अप्रैल तक कार्यालय में उपस्थित हो मय दस्तावेजों के संतुष्टात्म जवाब न दिए जाने की दशा में संस्था का पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इसी साल २० जनवरी को २२ सोसायटियों को परिसमापन को नोटिस जारी किया गया था।
-ये हैं १२ सोसायटियां
ऐसोसिएट गृहनिर्माण समिति
विधान नगर गृहनिर्माण समिति
अमूल्य गृहनिर्माण समिति
नवनीत गृहनिर्माण समिति
ज्योति गृहनिर्माण समिति
सृष्टि गृहनिर्माण समिति
नवसहयोग गृहनिर्माण समिति
न्यू विकास गृहनिर्माण समिति
सहकारिता विभाग अधिकारी गृहनिर्माण सहकारी समिति
पिंक गृहनिर्माण सहकारी समिति
सरिता गृहनिर्माण समिति
मोनालिसा गृहनिर्माण समिति
-क्या है परिसमापन
ऐसी संस्थाएं जो अपने बताए उद्देश्यों के अनुरूप कार्य नहीं करती तब इन्हें परिसमापन में लाया जाता है। सहाकारिता की धारा 69 के तहत उपायुक्त इन्हें परिसमापन में लाकर परिसमापन की कार्यवाही करता है। इसके तहत संस्थाओं की सभी प्रकार की लेनदारी-देनदारी की जानकारी एकत्र कर पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाती है।
-कार्यवाही की जाएगी
१२ सोसायटियों को परिसमापन में लाने के नोटिस जारी किए गए हैं। सभी संस्थाओं को निश्चित समय सीमा में जवाब देने को कहा गया है। उचित जवाब न मिलने की स्थिति में पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त सहकारिता
-सहकारिता विभाग ने आठ अप्रैल तक मांगा जवाब
भोपाल।
उप पंजीयक, सहकारी संस्था, कार्यालय ने काम न करने वाली १२ सोसायटियों को परिसमापन करने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए उपायुक्त सहारिता ने सभी सोसायटियों के संचालक मंडल व अध्यक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
सहकारिता विभाग ने समितियों से कारण बताने को कहा है। विभाग ने सभी १२ समितियों को ८ अप्रैल तक कार्यालय में अपना पक्ष रखने का वक्त दिया है। इस संबंध में कार्यालय उप पंजीयक ने एक विज्ञापन जारी कर सभी समितियों नोटिस दिए हैं। नोटिस में बताया गया है कि जवाब न मिलने की स्थिति में संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन समाप्त कर दिया जाएगा। जिले की १४७ सहकारी संस्थाओं में से फिलहाल १२ सोसायटियों को परिसमापन का नोटिस जारी किया गया है। इनमें मुख्य रूप से गृह निर्माण संस्थाएं और प्राथमिक उपभोक्ता भंडार शामिल हैं। उपायुक्त सहकारिता ने जारी किए नोटिस के संबंध में एक पत्र आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक को भी भेजा है। नोटिस में साफ निर्देश दिए गए हैं, जो परिसमापक अंतिम प्रतिवेदन एवं वस्तु स्थिति से अवगत नहीं कराएंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव आयुक्त पंजीयक सहकारिता को भेजा जाएगा। उपायुक्त ने सहकारिता की धारा ६९ के तहत संस्थाओं को परिसमापन करते हुए नोटिस जारी किए हैं। आदेश के तहत समितियों को अपने उद्देश्य अनुसार किए जा रहे हैं कार्यों का ब्यौरा देना होगा। आठ अप्रैल तक कार्यालय में उपस्थित हो मय दस्तावेजों के संतुष्टात्म जवाब न दिए जाने की दशा में संस्था का पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इसी साल २० जनवरी को २२ सोसायटियों को परिसमापन को नोटिस जारी किया गया था।
-ये हैं १२ सोसायटियां
ऐसोसिएट गृहनिर्माण समिति
विधान नगर गृहनिर्माण समिति
अमूल्य गृहनिर्माण समिति
नवनीत गृहनिर्माण समिति
ज्योति गृहनिर्माण समिति
सृष्टि गृहनिर्माण समिति
नवसहयोग गृहनिर्माण समिति
न्यू विकास गृहनिर्माण समिति
सहकारिता विभाग अधिकारी गृहनिर्माण सहकारी समिति
पिंक गृहनिर्माण सहकारी समिति
सरिता गृहनिर्माण समिति
मोनालिसा गृहनिर्माण समिति
-क्या है परिसमापन
ऐसी संस्थाएं जो अपने बताए उद्देश्यों के अनुरूप कार्य नहीं करती तब इन्हें परिसमापन में लाया जाता है। सहाकारिता की धारा 69 के तहत उपायुक्त इन्हें परिसमापन में लाकर परिसमापन की कार्यवाही करता है। इसके तहत संस्थाओं की सभी प्रकार की लेनदारी-देनदारी की जानकारी एकत्र कर पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाती है।
-कार्यवाही की जाएगी
१२ सोसायटियों को परिसमापन में लाने के नोटिस जारी किए गए हैं। सभी संस्थाओं को निश्चित समय सीमा में जवाब देने को कहा गया है। उचित जवाब न मिलने की स्थिति में पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
आरएस विश्वकर्मा, उपायुक्त सहकारिता
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