बुधवार, 5 जून 2013

अफसरों की सख्ती के बीच बंटा गेहूं-चावल

-दिन भर की कंट्रोलों की जांच, एक दुकान निलंबित
-शहर में 407 दुकानों से बांटा जाना है २ लाख 66 हजार लोगों को सस्ता अनाज भोपाल। 
राजधानी में मंगलवार को खाद्य विभाग के अधिकारियों की निगरानी के बीच उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत सस्ता अनाज बंटा। इसके लिए दिन भर अधिकारी मशक्कत करते नजर आए। इस दौरान अधिकारियों ने उचित मूल्य की दुकानों की जांच करते हुए एक दुकान को निलंबित की। 
अन्नपूर्णा योजना के तहत जिले में संचालित 407 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से एएवाय, बीपीएल व निराश्रित वृद्धजनों को एक रुपए किलो गेहूं, 2 रुपए किलो चावल और एक रुपए किलो आयोडीन का वितरण किया गया। इन दुकानों से २ लाख ६६ हजार लोगों को खाद्यान्न वितरण करना है। खाद्यान्न वितरण के नियंत्रक के लिए आधा दर्जन से अधिक टीमें बनाई गई थी। टीम ने अलग-अलग क्षेत्र में रहते हुए दुकानों का जायजा लिया। 

-मिली अनियमितता, दुकान निलंबित 
टीम जब पंचशील नगर स्थित मां काली प्राथमिक उपभोक्ता भंडार क्र.-180 पर पहुंची तो यहां रजिस्टर और खाद्यान्न भंडार के बारे में जानकारी ली। यहां दुकान में अनियमितता सामने आने पर खाद्य नियंत्रक एचएस परमार ने इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अधिकांश दुकानों पर उपभोक्ताओं की कतार लगी रहीं। वहीं 3 जून से लागू हुई दरों पर ही सेल्स मेन गेहंू व चावल का वितरण कर रहे हैं। 

-ऐसे बंटना है राशन 
श्री परमार ने बताया कि जिले में बीपीएल श्रेणी के करीब 2 लाख 14 हजार, अन्त्योदय के 42142 एवं निराश्रित वृद्धजन के 455 कार्डधारी हैं। इनमें बीपीएल कार्डधारियों को एक रुपए में 17 किलो गेहंू, अन्त्योदय अन्न योजना कार्डधारियों
को एक रुपए में 30 किलो और निराश्रित वृद्धजन को एक रुपए में 18 किलो गेहूं दिया जा रहा है। इसी तरह बीपीएल को 2 रुपए में तीन किलो चावल, एएवाय को 2 रुपए पांच किलो चावल और निराश्रित वृद्धजन को 2 रुपए में दो किलो चावल दिया जा रहा है। 

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