-गांधी मेडिकल कॉलेज के आॅडिटोरियम में होगा ट्रेनिंग प्रोग्राम
भोपाल।
विधानसभा चुनाव के दौरान किस तरह चुनाव दल में शामिल लोगों को निगरानी रखनी है, उड़न दस्ता कैसे काम करेगा? इसके अलावा अन्य गतिविधियों पर किस तरह नजर रखी जाएगी? इन सभी बातों को लेकर गुरुवार को गांधी मेडिकल कॉलेज के आॅडिटोरियम में एक ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया है।
इसमें सभी दलों के अधिकारी-कमर्चारी, सहित एआरओ, एईआरओ व अन्य अधिकारी उपस्थित होंगे। इस दौरान इन चुनाव संबंधित सभी बिंदुओं पर दलों प्रतिनिधियों, एआरओ व अन्य अधिकारियों के बीच चर्चा भी होगी। इस संबंध में उपजिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ट्रेनिंग दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक होगा। इसमें बताया जाएगा कि किस क्षेत्र में अधिकारियों को किस तरह दलों तथा उनके प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बैठाते हुए रिपोर्ट तैयार करनी है। श्री सिंह ने बताया कि अब तक चले ट्रेनिंग प्रोग्रामों के तहत सभी दलों व एआरओ एईआरओ को बताया गया है कि उन्हें क्या करना है, लेकिन दलों को यह पता नहीं था कि उन्हें किन्हे रिपोर्ट करना है और न ही अधिकरी विभिन्न दलों के कमर्चारियों से परिचित थे। इस को लेकर एक समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसे दृष्टीगत रखते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
भोपाल।
विधानसभा चुनाव के दौरान किस तरह चुनाव दल में शामिल लोगों को निगरानी रखनी है, उड़न दस्ता कैसे काम करेगा? इसके अलावा अन्य गतिविधियों पर किस तरह नजर रखी जाएगी? इन सभी बातों को लेकर गुरुवार को गांधी मेडिकल कॉलेज के आॅडिटोरियम में एक ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया है।
इसमें सभी दलों के अधिकारी-कमर्चारी, सहित एआरओ, एईआरओ व अन्य अधिकारी उपस्थित होंगे। इस दौरान इन चुनाव संबंधित सभी बिंदुओं पर दलों प्रतिनिधियों, एआरओ व अन्य अधिकारियों के बीच चर्चा भी होगी। इस संबंध में उपजिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ट्रेनिंग दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक होगा। इसमें बताया जाएगा कि किस क्षेत्र में अधिकारियों को किस तरह दलों तथा उनके प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बैठाते हुए रिपोर्ट तैयार करनी है। श्री सिंह ने बताया कि अब तक चले ट्रेनिंग प्रोग्रामों के तहत सभी दलों व एआरओ एईआरओ को बताया गया है कि उन्हें क्या करना है, लेकिन दलों को यह पता नहीं था कि उन्हें किन्हे रिपोर्ट करना है और न ही अधिकरी विभिन्न दलों के कमर्चारियों से परिचित थे। इस को लेकर एक समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसे दृष्टीगत रखते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें